मार्च में भारत आ सकते हैं कनाडा के पीएम मार्क कार्नी, ₹23000 करोड़ की यूरेनियम डील पर बन सकती है बात
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च के पहले हफ्ते भारत दौरे पर आ सकते हैं. इस दौरान भारत और कनाडा के बीच ₹23,000 करोड़ की यूरेनियम सप्लाई डील समेत ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अहम क्षेत्रों में कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मार्च के पहले हफ्ते में भारत दौरे पर आने की संभावना है. इस दौरान भारत और कनाडा के बीच ऊर्जा, यूरेनियम सप्लाई, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं. रॉयटर्स के अनुसार, भारत में कनाडा के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने यह जानकारी दी है.
हो सकती है ₹23000 करोड़ की यूरेनियम डील
रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में पटनायक ने कहा कि कार्नी की यात्रा के दौरान 10 साल की अवधि के लिए करीब 2.8 अरब कनाडाई डॉलर (करीब ₹23,000 करोड़) की यूरेनियम सप्लाई डील भी शामिल हो सकती है. यह समझौता भारत के तेजी से बढ़ते नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. दरअसल, मार्क कार्नी, अमेरिका पर निर्भरता कम करने और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार व रणनीतिक गठबंधनों में विविधता लाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. हाल ही में दावोस में दिए गए अपने भाषण में उन्होंने कहा था कि पुरानी वैश्विक व्यवस्था अब काम नहीं कर रही है और मध्यम ताकत वाले देशों को मिलकर एक नई, अधिक न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था बनानी होगी.
इन मुद्दों पर भी होगी बात
उच्चायुक्त पटनायक के मुताबिक, कार्नी के दौरे के दौरान परमाणु ऊर्जा, तेल और गैस, पर्यावरण, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में भी छोटे-बड़े कई समझौते हो सकते हैं। इसके अलावा, क्रिटिकल मिनरल्स, कच्चे तेल और LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) से जुड़े करार भी एजेंडे में प्रमुख रहेंगे.
कैसे हैं रिश्ते
भारत और कनाडा के रिश्तों में बीते दो वर्षों में तनाव देखने को मिला था, जब पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 2023 में एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या में भारत सरकार की भूमिका का आरोप लगाया था. भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था. अब कार्नी सरकार के तहत दोनों देशों के बीच रिश्तों को फिर से सामान्य करने की कोशिशें तेज हो गई हैं.
पटनायक ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी टैरिफ नीतियों के बीच भारत और कनाडा दोनों देश अपने-अपने लिए नए व्यापार और रणनीतिक रास्ते तलाश रहे हैं. इसी वजह से दोनों देश रिश्तों को तेजी से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
क्या बोले कनाडा के ऊर्जा मंत्री
कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम हॉजसन ने कहा है कि कनाडा भारत को यूरेनियम सप्लाई करने के लिए तैयार है बशर्ते भारत अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा मानकों का पालन करे. उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक बड़ा परमाणु ऊर्जा उपभोक्ता देश है और आने वाले वर्षों में इसके नागरिक परमाणु कार्यक्रम का तेजी से विस्तार होगा।
इसके अलावा, भारत और कनाडा के बीच Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को लेकर औपचारिक बातचीत मार्च से शुरू होने की संभावना है. नवंबर में दोनों देशों ने अटकी हुई व्यापार वार्ताओं को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी.
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