जयशंकर-रुबियो की फोन पर बातचीत, ट्रेड डील से लेकर क्रिटिकल मिनरल्स पर चर्चा, जानें क्या-क्या हुआ

भारत-अमेरिका संबंधों में नई उम्मीद जगी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की फोन पर हुई सकारात्मक बातचीत में व्यापार, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देश 2030 तक 500 अरब डॉलर से अधिक द्विपक्षीय व्यापार के लक्ष्य पर तेजी से काम करने को सहमत हैं, हालांकि ट्रंप के ईरान और रूसी तेल से जुड़े टैरिफ फैसलों से तनाव भी बना हुआ है.

s jaishankar and marco rubio Image Credit: Money9

India-USA Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत होने की उम्मीद जगी है. मंगलवार (13 जनवरी 2026) को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की. दोनों ने क्रिटिकल मिनरल्स समेत व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और अन्य मुद्दों पर चर्चा की. हालांकि, अमेरिका की तरफ से कुछ टैरिफ और ईरान से जुड़े फैसलों से तनाव भी बना हुआ है.

जयशंकर-रुबियो की सकारात्मक बातचीत

दोनों नेताओं ने व्यापार, क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा जैसे बड़े क्षेत्रों पर विस्तार से बात की. जयशंकर ने X पर लिखा कि यह एक अच्छी बातचीत थी और दोनों पक्ष इन मुद्दों पर आगे संपर्क में रहेंगे. अमेरिकी राजदूत ने भी कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और अगले महीने बैठक की संभावना है. दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर से ज्यादा करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं.

व्यापार और आर्थिक सहयोग पर फोकस

पिछले साल व्यापार समझौता नहीं हो पाया था, जिससे कुछ तनाव बढ़ा. अब दोनों पक्ष वार्ता को तेज करने पर सहमत हैं. भारत अमेरिका से ज्यादा ऊर्जा और रक्षा सामान खरीदने को तैयार है ताकि व्यापार असंतुलन कम हो. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मुक्त और खुली व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया.

ट्रंप के ईरान टैरिफ और भारत-अमेरिका तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश पर अमेरिका के साथ उसके सभी व्यापार पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगेगा. यह नियम तुरंत लागू हो गया. ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच यह कदम उठाया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% तक भारी टैरिफ लगा दिए हैं, जिसमें रूसी तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25% सजा के तौर पर शुल्क भी शामिल है.

इससे भारत-अमेरिका के रिश्तों में काफी तनाव आ गया है. पिछले साल दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए कई दौर की बातचीत की, लेकिन समझौता अभी तक नहीं हो सका. मुख्य कारण यह है कि अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र को पूरी तरह खोलने की मांग कर रहा है, जिससे भारत सहमत नहीं हो पा रहा. अमेरिकी राजदूत गोर ने सोमवार को अमेरिकी दूतावास में दिए भाषण में कहा कि दोनों देश प्रस्तावित व्यापार समझौते पर सक्रिय रूप से बात कर रहे हैं. उन्होंने बताया, “दोनों पक्ष लगातार जुड़े हुए हैं. बल्कि, व्यापार पर अगली कॉल कल हो रही है.”