मार्केट के 2 धुरंधरों राधाकिशन दमानी और मुकुल अग्रवाल ने इन 2 स्‍टॉक्‍स से बनाई दूरी, 1% से ज्‍यादा घटाई हिस्‍सेदारी, जानें वजह

दिग्‍गज निवेशक रा‍धाकिशन दमानी और मुकुल अग्रवाल ने हालिया तिमाही में दो स्‍मॉलकैप स्टॉक्‍स में अपनी हिस्सेदारी 1% से ज्‍यादा घटा दी है, जिससे निवेशकों का ध्यान इन शेयरों पर गया है. माना जा रहा है कि इनके गिरते शेयर भाव व ऊंचे वैल्यूएशन को इस फैसले की बड़ी वजह माना जा रहा है.

promotors decreased stake in SME stocks Image Credit: money9 live

Radhakishan Damani and Mukul Agrawal decrease stake: शेयर मार्केट के धुरंधर जब किसी शेयर से दूरी बनाते हैं, तो यह आम निवेशकों के लिए एक अहम संकेत हो सकता है. वैसे हर बिकवाली का मतलब कंपनी खराब है, यह जरूरी नहीं, लेकिन यह रिस्क और रिटर्न का समीकरण के बदलाव की ओर इशारा करते हैं. मार्केट के ऐसे ही दो दिग्‍गज निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में बदलावकर लोगों का ध्‍यान खींचा है. इनमें एक हैं राधाकिशन दमानी, जिन्हें भारत का रिटेल किंग कहा जाता है, और दूसरे हैं मुकुल अग्रवाल, जो परम कैपिटल ग्रुप के संस्थापक हैं. इन दोनों ने चुनिंदा स्‍मॉलकैप शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई या पूरी तरह बेच दी है. तो कौन-से हैं वो स्‍टॉक्‍स आइए जानते हैं.

Mangalam Organics

1981 में स्थापित मंगलम ऑर्गेनिक्स लिमिटेड कपूर, रेजिन और सोडियम एसीटेट का निर्माण करती है. करीब 433 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी कूपर निर्माता मानी जाती है. इसके ग्राहक एशियन पेंट्स, कंसाई, बर्जर, पिडिलाइट, हेंकल, बोस्टिक, डीमार्ट, रिलायंस, स्पेंसर, अमेज़न और बिगबास्केट जैसे बड़े नाम हैं.

कितनी घटाई हिस्‍सेदारी?

राधाकिशन दमानी ने जून 2020 की तिमाही में कंपनी में 2.2% हिस्सेदारी खरीदी थी, लेकिन दिसंबर 2025 की तिमाही के एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे आ गई है.

वित्‍तीय स्थिति

  • अगर वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी की बिक्री FY20 में 375 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 530 करोड़ रुपये हुई, यानी सिर्फ 7% की सालाना कंपाउंड ग्रोथ दर्ज की गई. वहीं H1FY26 में कंपनी ने 305 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की है.
  • सबसे बड़ा रेड फ्लैग EBITDA में दिखता है. सितंबर 2025 की तिमाही में कंपनी का EBITDA सिर्फ 28 लाख रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 22 करोड़ रुपये से 98% की भारी गिरावट है. यह ऑपरेटिंग प्रॉफिट के तेज़ी से कमजोर होने का संकेत देता है.
  • नेट प्रॉफिट भी पिछले कुछ वर्षों में दबाव में रहे हैं. हालांकि FY25, FY24 से बेहतर रहा, लेकिन टिकाऊ मुनाफा अभी भी सवालों के घेरे में है. H1FY26 में 15.5 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज हुआ है, जो FY26 के लिए थोड़ी उम्मीद जरूर जगाता है.

शेयर का हाल

शेयर की कीमत वर्तमान 498 रुपये है. फिलहाल शेयर 17 PE पर ट्रेड कर रहा है, जो इंडस्ट्री के 19 के औसत से कम है. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का 10 साल का मीडियन PE भी 17 ही है.

Stanley Lifestyles Ltd.

2007 में स्थापित स्टैनली लाइफस्टाइल्स लिमिटेड फर्नीचर और लेदर प्रोडक्ट्स का निर्माण और व्यापार करती है. 1,107 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली यह कंपनी भारत की एक प्रमुख लग्ज़री और सुपर-प्रीमियम फर्नीचर कंपनी है, जो डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल तक पूरी वैल्यू चेन में काम करती है.

कितनी घटाई हिस्‍सेदारी?

मशहूर निवेशक मुकुल अग्रवाल ने सितंबर 2024 की तिमाही में कंपनी में 1.6% हिस्सेदारी खरीदी थी. सितंबर 2025 तक यह घटकर 1.23% रह गई. और दिसंबर 2025 की ताज़ा फाइलिंग के मुताबिक अब उनकी हिस्सेदारी 1% से भी कम हो चुकी है.

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वित्‍तीय स्थिति

  • वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी की ग्रोथ काफी मजबूत दिखती है. FY20 में 206 करोड़ रुपये की बिक्री FY25 में बढ़कर 426 करोड़ रुपये हो गई, यानी करीब 16% की कंपाउंड ग्रोथ दर्ज की गई. H1FY26 में बिक्री 214 करोड़ रुपये रही.
  • EBITDA FY20 में 14 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 85 करोड़ रुपये हो गया, जो 44% की शानदार कंपाउंड ग्रोथ को दर्शाता है. H1FY26 में EBITDA 47 करोड़ रुपये रहा.
  • नेट प्रॉफिट भी FY20 के 8 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 29 करोड़ रुपये हो गया, यानी 30% की सालाना ग्रोथ रही. H1FY26 में कंपनी ने करीब 14 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है.

शेयर का हाल

शेयर की वर्तमान कीमत 192 रुपये थी. जून 2024 में लिस्टिंग के समय शेयर करीब 475 रुपये था. फिलहाल शेयर 33 PE पर ट्रेड कर रहा है, जबकि इंडस्ट्री का मीडियन PE 32 है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.