RBI का बड़ा फैसला, 22 साल बाद शहरी सहकारी बैंकों को मिल सकते हैं नए लाइसेंस, 300 करोड़ पूंजी जरूरी

आरबीआई ने 22 साल बाद शहरी सहकारी बैंकों (UCB) के नए लाइसेंस जारी करने का रास्ता खोल दिया है. 2004 से बंद यह प्रक्रिया अब फिर शुरू हो सकती है. आरबीआई ने एक चर्चा पत्र जारी कर सुझाव मांगे हैं. नए बैंक शुरू करने के लिए कम से कम 300 करोड़ रुपये की पूंजी और सख्त योग्यता शर्तें प्रस्तावित की गई हैं, ताकि सेक्टर मजबूत और सुरक्षित रहे.

urban co-operative bank Image Credit: Canva/ Money9

आरबीआई ने मंगलवार को एक बड़ा ऐलान किया. अब शहरी सहकारी बैंकों (UCB) के लिए नए लाइसेंस फिर से जारी किए जा सकते हैं. यह काम 2004 से बंद था, क्योंकि कई नए बैंक जल्दी ही वित्तीय कमजोर हो जाते थे. अब आरबीआई ने कहा है कि सेक्टर में सुधार हुआ है, इसलिए नए बैंक शुरू करने पर विचार किया जा रहा है. लेकिन इसके लिए बहुत सख्त नियम होंगे, जैसे बैंक शुरू करने वाली संस्था के पास कम से कम 300 करोड़ रुपये की पूंजी होनी चाहिए.

डिस्कशन पेपर क्या है?

आरबीआई ने एक चर्चा पत्र जारी किया है, जिसमें नए लाइसेंस शुरू करने के बारे में बात की गई है. लोगों से सुझाव मांगे गए हैं. सुझाव 13 फरवरी 2026 तक भेज सकते हैं.

पत्र में दो मुख्य सवाल हैं:

  1. क्या अब नए शहरी सहकारी बैंक शुरू करने का सही समय है?
  2. अगर शुरू करें, तो नए बैंक के लिए क्या-क्या शर्तें रखी जाएं?

आरबीआई ने दोनों तरफ के तर्क दिए हैं. कुछ लोगों का कहना है कि हां शुरू करें, कुछ का कहना है कि अभी नहीं.

नए लाइसेंस के लिए सख्त नियम

आरबीआई का कहना है कि छोटे बैंक जल्द ही वित्तीय रूप से कमजोर हो जाते हैं, इसलिए अब सिर्फ बड़ी सहकारी क्रेडिट सोसाइटी को लाइसेंस दिया जाए.

इसके लिए मुख्य शर्तें ये हैं:

  • कम से कम 300 करोड़ रुपये की पूंजी होनी चाहिए.
  • सोसाइटी कम से कम 10 साल से चल रही हो.
  • पिछले 5 साल का अच्छा रिकॉर्ड हो.
  • बैंक की सेहत अच्छी हो – CRAR 12% से ज्यादा और NPA 3% से कम हो.

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पिछले साल कहा था कि सेक्टर अब मजबूत हुआ है, इसलिए नए बैंक पर विचार हो सकता है. फिलहाल देश में 1,457 शहरी सहकारी बैंक हैं. इनकी कुल जमा राशि 5.84 लाख करोड़ रुपये और संपत्ति 7.38 लाख करोड़ रुपये है. आरबीआई चाहता है कि नए बैंक मजबूत बनें और लोगों का पैसा सुरक्षित रहे.

RBI का शिकंजा

आरबीआई ने पिछले कई सालों में सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. कमजोर बैंकों को आपस में मिलाया गया या बंद किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, 57 ऐसे UCB थे जिनके लाइसेंस रद्द हो गए थे. ये ज्यादातर छोटे टियर (1 से 3) के बैंक थे. अभी भी कई बैंक मुश्किल में हैं. कुल 82 कमजोर UCB निगरानी में हैं. इनमें से:

  • 28 पर पूर्ण निर्देश (All-Inclusive Directions) लागू हैं.
  • 32 पर सुधार कार्रवाई (Prompt Corrective Action) चल रही है.
  • 22 पर पर्यवेक्षण ढांचा (Supervisory Action Framework) है.