भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 4.8 अरब डॉलर का उछाल, फॉरेक्‍स रिजर्व 703 अरब डॉलर के करीब

एक हफ्ते में भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर बड़ी हलचल हुई है. देश के पास अब कितना विदेशी मुद्रा भंडार है, यह आंकड़ा न सिर्फ निवेशकों को चौंकाने वाला है बल्कि वैश्विक बाजारों में भारत की स्थिति को लेकर नई चर्चा भी छेड़ सकता है. पूरी जानकारी जानिए यहां.

फॉरेक्स रिजर्व छूने लगा रिकॉर्ड के करीब Image Credit:

देश की अर्थव्यवस्था के लिहाज से राहत की खबर है. जून के आखिरी हफ्ते में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 27 जून को खत्म सप्ताह में फॉरेक्स रिजर्व 4.85 अरब डॉलर बढ़कर 702.78 अरब डॉलर हो गया. यह आंकड़ा भारत के लिए वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह है.

कहां-कहां हुआ इजाफा?

आरबीआई के मुताबिक, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets – FCA), जो कुल रिजर्व का बड़ा हिस्सा होती हैं, उसमें 5.75 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है. अब FCA का स्तर बढ़कर 594.82 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. इसमें डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं, जैसे यूरो, पाउंड और येन की वैल्यू में बदलाव का भी असर होता है.

कहां हुई गिरावट?

जहां एक ओर फॉरेन करेंसी एसेट में उछाल आया, वहीं देश के स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) में 1.23 अरब डॉलर की गिरावट देखी गई. अब भारत का गोल्ड रिजर्व घटकर 84.5 अरब डॉलर रह गया है. इसके अलावा, स्पेशल ड्रॉईंग राइट्स (SDR) 158 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.83 अरब डॉलर पर पहुंच गए.

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फॉरेक्स रिजर्व देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है. जब भी रुपये में अस्थिरता आती है, RBI डॉलर बेचकर बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाता है ताकि रुपए की गिरावट को थामा जा सके. हालांकि, रिजर्व बैंक यह दखल केवल अस्थिरता कम करने के लिए करता है, न कि किसी तय लक्ष्य के अनुसार. इस बढ़ोतरी के साथ भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर 2024 के ऑल टाइम हाई 704.88 अरब डॉलर के और करीब पहुंच गया है.

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