ईरान ने अमेरिका का तोड़ दिया गुरूर, THAAD सिस्टम तबाह, 22000 करोड़ का झटका; अब कैसे बचेंगे UAE, सऊदी!
अमेरिका-ईरान टकराव के बीच ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर तैनात THAAD सिस्टम के अहम रडार को निशाना बनाया. करीब 300 मिलियन डॉलर कीमत वाला यह रडार मिसाइल हमलों को पहचानने और ट्रैक करने में अहम भूमिका निभाता है. सीमित संख्या में मौजूद THAAD सिस्टम पर हमला अमेरिका के लिए बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है.
THAAD Radar destroyed: करीब एक हफ्ते से ज्यादा समय से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव और हमलों का दौर जारी है. इस युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया है. ईरान ने सऊदी अरब, जॉर्डन और यूएई में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है. जिसमें जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर लगा THAAD का रडार सिस्टम तबाह हो गया.
दरअसल एक THAAD सिस्टम की कीमत करीब 22 हजार करोड़ रुपये तक बताई जाती है, जबकि इसके रडार सिस्टम की कीमत करीब 300 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2700 करोड़ रुपये होती है. यह रडार सिस्टम THAAD का बेहद अहम हिस्सा होता है, जो दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और उन्हें ट्रैक करने का काम करता है. ऐसे में इस तरह का हमला अमेरिका के लिए बड़ा रणनीतिक नुकसान माना जा रहा है.
क्या होता है THAAD सिस्टम?
THAAD यानी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस अमेरिका का बेहद एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. इसका मुख्य काम दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को ऊंचाई पर ही हवा में मार गिराना होता है.यह सिस्टम धरती के वातावरण की ऊपरी सीमा के पास ही मिसाइलों को रोक सकता है. इसी वजह से इसे सामान्य मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे Patriot से ज्यादा ताकतवर माना जाता है. इसमें लगा AN/TPY-2 रडार दुश्मन की मिसाइलों को पहचानने, उन्हें लगातार ट्रैक करने और इंटरसेप्टर मिसाइल को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है.
क्या है इसकी खासियत ?
THAAD की बड़ी खासियत यह है कि यह बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर देता है. इसमें लंबी दूरी तक निगरानी करने वाला शक्तिशाली रडार लगा होता है. साथ ही यह एक मल्टी-मोड मिसाइल सिस्टम है, जो अलग-अलग तरह के खतरों को पहचानकर उन्हें इंटरसेप्ट करने की क्षमता रखता है.
एक THAAD बैटरी में क्या-क्या होता है?
एक पूरी THAAD बैटरी में आमतौर पर कई अहम हिस्से शामिल होते हैं. इसमें छह ट्रक पर लगे लॉन्चर, 48 इंटरसेप्टर मिसाइलें, एक AN/TPY-2 रडार सिस्टम और टैक्टिकल फायर कंट्रोल व कम्युनिकेशन यूनिट होती है. इन इंटरसेप्टर मिसाइलों को अमेरिकी कंपनी Lockheed Martin बनाती है.
THAAD कहां-कहां है तैनात?
THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम अमेरिका के अलावा कई रणनीतिक इलाकों में तैनात है. इसमें इजराइल, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, UAE और गुआम जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इसके अलावा कतर के अल उदीद एयर बेस जैसे अहम सैन्य ठिकानों के पास भी यह सिस्टम लगाया गया है, ताकि मिसाइल हमलों से सुरक्षा मिल सके.
डिफेंस एक्सपर्ट रयान ब्रॉब्स्ट के मुताबिक अगर यह हमला पूरी तरह सफल साबित होता है, तो यह ईरान की अब तक की सबसे बड़ी ऑपरेशनल कामयाबी में से एक माना जा सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के पास इलाके में दूसरे रडार सिस्टम भी मौजूद हैं, जो एयर डिफेंस कवरेज जारी रखने में मदद कर सकते हैं.
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