भारत-चीन ट्रेड होगा और मजबूत, नई शिपिंग सर्विस से कारोबारियों और ग्राहकों दोनों को राहत
वैश्विक लॉजिस्टिक्स कंपनी Maersk भारत और चीन के बीच बढ़ते व्यापार को देखते हुए अगले महीने नई FI2 समुद्री माल ढुलाई सेवा शुरू करने जा रही है. यह हाई-फ्रीक्वेंसी साप्ताहिक सर्विस चीन, भारत और पाकिस्तान के प्रमुख बंदरगाहों को जोड़ेगी.
वैश्विक लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी मर्स (Maersk) ने भारत और चीन के बीच बढ़ते व्यापार को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने सुदूर पूर्व एशिया (Far East Asia) को भारतीय उपमहाद्वीप से जोड़ने के लिए एक समर्पित समुद्री माल ढुलाई सेवा ‘FI2’ शुरू करने की घोषणा की है. अगले महीने से शुरू होने वाली यह साप्ताहिक सेवा दोनों देशों के बीच व्यापार करने वाले आयातकों और निर्यातकों को एक तेज और हाई-फ्रीक्वेंसी कनेक्टिविटी देगी.
मर्स के मुताबिक, चीन और भारत के व्यापार मार्ग पर अतिरिक्त क्षमता (कैपेसिटी) की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इस सर्विस को डिजाइन किया गया है. इससे उत्तर-पश्चिम भारत के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और सोर्सिंग हब्स को सीधा फायदा मिलेगा.
6 जहाजों का बेड़ा और रूट मैप
इस साप्ताहिक सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए कंपनी ने पूरी तैयारी कर ली है:
- क्षमता: इस सर्विस में 6 जहाजों के बेड़े का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनकी नॉमिनल क्षमता 4,500 TEU (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) होगी.
- रूट (पोर्ट रोटेशन): यह सेवा शंघाई, निंगबो, नानशा, तंजुंग पेलेपास, न्हावा शेवा, पीपावाव और पोर्ट कासिम बंदरगाहों को आपस में जोड़ेगी.
पीपावाव पोर्ट और DFC कनेक्टिविटी का डबल फायदा
इस ‘FI2’ सर्विस की सबसे बड़ी खासियत गुजरात के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थित पीपावाव पोर्ट (Pipavav Port) पर इसका ठहराव है. पीपावाव बंदरगाह सीधे ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ (DFC) रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है.
इस कनेक्टिविटी के जरिए पीपावाव पहुंचने वाले माल को बेहद कम समय में और आसानी से देश के आंतरिक हिस्सों जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) – दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और आसपास के औद्योगिक इलाकों तक पहुंचाया जा सकेगा. इससे न सिर्फ ट्रांजिट टाइम (आने-जाने का समय) कम होगा, बल्कि समय पर सुरक्षित डिलीवरी भी सुनिश्चित होगी.
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इन उद्योगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
मर्स के अनुसार, यह सेवा उन ग्राहकों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जो कीमती और समय-संवेदनशील (टाइम-सेंसिटिव) कार्गो की आवाजाही करते हैं. विशेष रूप से ऑटोमोटिव (ऑटोमोबाइल), केमिकल्स, रिटेल और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए यह डोर-टू-डोर सप्लाई चेन का एक बेहद भरोसेमंद जरिया बनेगी.
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