टाटा को नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाले एन चंद्रशेखरन की कितनी थी सैलरी? मिलती थी ये सुविधाएं
एन चंद्रशेखरन ने Tata Sons के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें कुल 158.66 करोड़ रुपये मिले थे. इसमें 17.97 करोड़ रुपये वेतन और सुविधाओं के थे, जबकि 140.69 करोड़ रुपये कमीशन था. पांच साल में उन्हें करीब 685 करोड़ रुपये मिले. उनकी अनुमानित कुल संपत्ति 950 से 1400 करोड़ रुपये बताई जाती है.
Highlights
- FY26 में एन चंद्रशेखरन को कुल 158.66 करोड़ रुपये मिले.
- वह देश के सबसे ज्यादा भुगतान पाने वाले कॉरपोरेट अधिकारियों में शामिल रहे.
- मुंबई में उनके करीब 98 करोड़ रुपये के आलीशान डुप्लेक्स में रहने की बात रिपोर्टों में कही गई है.
N Chandrasekaran Salary: टाटा समूह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, वह फरवरी 2027 में खत्म होने वाले अपने मौजूदा कार्यकाल तक इस पद पर बने रहेंगे. इसके बाद वह दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे. उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब Tata Sons की सालाना आम बैठक होने वाली है.
चंद्रशेखरन करीब एक दशक से टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व का अहम हिस्सा रहे हैं. ऐसे में उनके इस्तीफे के बाद उनकी कमाई और उन्हें मिलने वाले वेतन व दूसरी सुविधाओं की भी चर्चा हो रही है.
वित्त वर्ष 2025-26 में कितनी थी सैलरी?
Tata Sons की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष में एन चंद्रशेखरन को कुल 158.66 करोड़ रुपये का पेमेंट मिला. इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2024-25 में उन्हें 155.81 करोड़ रुपये मिले थे. वित्त वर्ष 2025-26 में उनके कुल भुगतान में 17.97 करोड़ रुपये वेतन और दूसरी सुविधाओं के तौर पर शामिल थे. वहीं, 140.69 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में मिले.
यानी उनकी कुल कमाई का बड़ा हिस्सा कमीशन से आया था. 140.69 करोड़ रुपये का कमीशन पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले नहीं बदला, जबकि वेतन और दूसरी सुविधाओं के तौर पर मिलने वाली रकम 15.12 करोड़ रुपये से बढ़कर 17.97 करोड़ रुपये हो गई.
5 साल में करीब 685 करोड़ रुपये मिले
Tata Sons की सालाना रिपोर्ट के आंकड़ों के आधार पर, वित्त वर्ष 2025-26 तक के पांच साल में चंद्रशेखरन को करीब 685 करोड़ रुपये का पेमेंट मिला. इस कमाई के साथ वह भारत में सबसे ज्यादा भुगतान पाने वाले कॉरपोरेट अधिकारियों में शामिल रहे. हालांकि, 158.66 करोड़ रुपये को उनकी पूरी सैलरी बताना सही नहीं होगा, क्योंकि इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कंपनी के मुनाफे से जुड़ा कमीशन था.
कितनी है एन चंद्रशेखरन की कुल संपत्ति?
एन चंद्रशेखरन की अनुमानित कुल संपत्ति करीब 100 से 150 मिलियन डॉलर बताई जाती है. भारतीय रुपये में यह करीब 950 से 1400 करोड़ रुपये होती है. हालांकि, उनकी कुल संपत्ति का आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. यह अनुमान अलग-अलग रिपोर्टों में दी गई जानकारी पर आधारित है.
मुंबई में 98 करोड़ रुपये का आलीशान घर
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्टों के मुताबिक, चंद्रशेखरन मुंबई में करीब 98 करोड़ रुपये के आलीशान डुप्लेक्स में रहते हैं. उनका यह घर मुकेश अंबानी के चर्चित घर एंटीलिया के पड़ोस में बताया जाता है. हालांकि, उनकी कुल संपत्ति और घर की कीमत से जुड़े ये आंकड़े आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किए गए हैं. ये अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आए अनुमानों पर आधारित हैं.
1987 में टाटा समूह से शुरू किया सफर
एन चंद्रशेखरन ने 1987 में टाटा समूह के साथ अपना सफर शुरू किया था. उन्होंने Tata Consultancy Services यानी TCS में काम किया और आगे चलकर 2009 में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने. 2016 में वह Tata Sons के निदेशक मंडल में शामिल हुए. इसके बाद जनवरी 2017 में उन्हें Tata Sons का चेयरमैन बनाया गया. उन्होंने इस पद पर रतन टाटा की जगह ली.
सेमीकंडक्टर से विमानन तक, कई क्षेत्रों में विस्तार
चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने कई नए और रणनीतिक क्षेत्रों में विस्तार किया. इनमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और विमानन जैसे क्षेत्र शामिल हैं. उनके कार्यकाल में समूह ने Air India का अधिग्रहण पूरा किया. इसके अलावा डिजिटल कारोबार और नई ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों में भी टाटा समूह की मौजूदगी बढ़ी.
Tata Sons की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा
चंद्रशेखरन के नेतृत्व में Tata Sons की कुल संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ. Economic Times के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में Tata Sons की कुल संपत्ति करीब 1.49 लाख करोड़ रुपये थी. 2018 में यह 43,252 करोड़ रुपये थी. यानी चंद्रशेखरन के नेतृत्व में Tata Sons की कुल संपत्ति में काफी बढ़ोतरी हुई.
फरवरी 2027 तक पद पर रहेंगे
चंद्रशेखरन ने Tata Sons के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह तुरंत पद नहीं छोड़ेंगे. वह अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति यानी फरवरी 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे. इसके बाद वह दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे. उनका इस्तीफा 18 अगस्त 2026 को होने वाली Tata Sons की सालाना आम बैठक से कुछ दिन पहले आया है. Tata Trusts के साथ मतभेद और Tata Sons के निदेशक मंडल में चंद्रशेखरन के बने रहने को लेकर भी हाल के दिनों में सवाल उठते रहे हैं. Tata Trusts के पास Tata Sons की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है.
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