धनतेरस पर खरीदना है सोना, प्योरिटी लेवल और हॉलमार्क जैसी इन 7 golden टिप्स का रखें ध्यान
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने को शुभ माना जाता है. अगर आप भी अगले महीने आने वाले इस त्याैहार पर गोल्ड खरीदने का मन बना रहे हैं तो सोना खरीदने से पहले आपको यह जरूर जान लेना चाहिए कि सोना कितना खरा है या शुद्ध है. हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं कि गोल्ड खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जिसका ध्यान न देने से भविष्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
शुभ और सौभाग्य का त्यौहार दिवाली आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं. दिवाली से पहले धनतेरस पर सोने की खरीदारी सबसे शुभ मानी जाती है. इस दिन लोग परंपरागत रूप से सोने या चांदी के सिक्के या गहने खरीदते हैं. इसके अलावा सोने को भविष्य के लिहाज से एक सुरक्षित निवेश भी माना जाता है. सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों पर पहुंचने के बावजूद, लोगों में त्योहारी सीजन में इसे घर लाने की चाहत पहले से कहीं ज्यादा है. कई लोगों के लिए, सोने का एक नया टुकड़ा समृद्धि का प्रतीक है और धनतेरस जैसे शुभ अवसरों पर इसकी खरीदारी एक गहरी परंपरा है. लेकिन इससे पहले कि आप शोरूम या अपने पसंदीदा जौहरी की दुकान में उस सोने के टुकड़े को खरीदने के लिए कदम रखें, आपको कुछ चीजें जरुर जान लेनी चाहिए.
सोने का लेटेस्ट रेट
सोने की कीमतों में रोजाना उतार-चढ़ाव होता है. दुकान पर जाने से पहले, अपने शहर में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने का भाव चेक कर लें. सोने का भाव अलग-अलग शहरों में अलग-अलग होता है.
प्योरिटी की जांच
सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है. 24 कैरेट गोल्ड सबसे प्योर (99.9%) होता है. अधिकतर आभूषण 22 कैरेट सोने से बनते हैं और केवल सिक्के और बिस्किट ही 24 कैरेट के होते हैं.
हॉलमार्क
हॉलमार्क वाले आभूषण पर पांच मुख्य मार्क होते हैं जिनमें भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का लोगो, कैरेट में शुद्धता और एक विशिष्ट HUID (हॉलमार्किंग विशिष्ट पहचान) संख्या शामिल है. इसे देखे बिना सोना कभी न खरीदें.
मेकिंग चार्ज
मेकिंग चार्ज, आभूषणों की डिजाइनिंग में लगने वाला लेबर कॉस्ट है. आभूषण जितना सिंपल होगा, आपको मेकिंग चार्ज के रूप में उतना ही कम भुगतान करना होगा. यह प्रति ग्राम एक निश्चित शुल्क या सोने के मूल्य का एक निश्चित प्रतिशत हो सकता है. इन पर बार्गेनिंग की जा सकती है. त्योहारों पर कुछ ज्वेलर यह चार्ज हटा भी देते हैं. इसके अलावा कुछ ज्वेलर मेकिंग के दौरान थोड़ी मात्रा में होने वासे सोने की नुकसान के लिए एक अलग वेस्टेज चार्ज भी लेते हैं.
जीएसटी
सोने की कुल कीमत पर 3% जीएसटी लगाया जाता है. उदाहरण के लिए 50,000 रुपये के सोने की खरीद पर 1500 रुपये का जीएसटी लगता है. यह दर आभूषण, सिक्के और बार सहित सभी प्रकार के सोने पर लागू होती है.
बाय-बैक पॉलिसी
आपको यह भी पूछना चाहिए कि अपना सोना वापस बेचने पर ज्वेलर्स आपसे मेकिंग चार्ज के रूप में कोई राशि काटेगा या नहीं.
बिल
आपको सोने की खरीद पर बिल जरुर लेना चाहिए. इसमें सोने की शुद्धता (कैरेट), सोने का वजन, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और HUID संख्या स्पष्ट रूप से लिखी हो.
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