रुपये को बचाने के लिए RBI सख्त, फॉरेक्स पर 100 मिलियन डॉलर लिमिट लागू, जानें आपके बैंक पर क्या होगा असर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों के फॉरेक्स रिस्क मैनेजमेंट को कम करने के लिए नेट ओपन पोजीशनको 100 मिलियन डॉलर तक सीमित करने का निर्देश दिया है. यह नियम 10 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इससे विदेशी और प्राइवेट बैंकों पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ेगा क्योंकि उनका एक्सपोजर ज्यादा है.

RBI ने फॉरेक्स पर 100 मिलियन डॉलर लिमिट लागू. Image Credit: Getty image

RBI Rule: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने विदेशी मुद्रा यानी फॉरेक्स मार्केट में बढ़ते रिस्क को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. अब बैंकों को अपने नेट ओपन पोजीशन को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखना होगा. यह नियम 10 अप्रैल से लागू होगा. इस कदम का मकसद रुपये की गिरावट को रोकना और बाजार में स्थिरता लाना है. इस फैसले का असर अलग- अलग बैंकों पर अलग तरीके से दिखेगा. खासकर प्राइवेट और विदेशी बैंकों पर इसका दबाव ज्यादा रहेगा. वहीं सरकारी बैंक अपेक्षाकृत सुरक्षित नजर आ रहे हैं.

नया फॉरेक्स नियम क्या है

RBI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने फॉरेक्स एक्सपोजर को एक तय लिमिट में रखें. अब कोई भी बैंक दिन के अंत तक 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नेट ओपन पोजीशननहीं रख सकता. इससे बैंकों की डॉलर में सट्टेबाजी पर लगाम लगेगी. RBI का मानना है कि इससे रुपये की गिरावट को कंट्रोल किया जा सकेगा. साथ ही बाजार में अनिश्चितता भी कम होगी. यह कदम सीधे तौर पर रिस्क मैनेजमेंट प्रबंधन को मजबूत करेगा.

विदेशी बैंकों पर सबसे ज्यादा असर

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंक इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. Standard Chartered, DBS Bank और JPMorgan Chase जैसे बैंकों का फॉरेक्स एक्सपोजर उनके एसेट से कई गुना ज्यादा है. इन बैंकों को अब तेजी से अपने पोजिशन घटाने होंगे. इससे डॉलर की बिक्री बढ़ सकती है. साथ ही इन बैंकों के मुनाफे और रिस्क मैनेजमेंट पर भी असर पड़ सकता है. इनके लिए यह नियम सबसे चुनौतीपूर्ण साबित होगा.

प्राइवेट बैंकों को भी करना होगा बदलाव

प्राइवेट बैंक भी इस सख्ती से अछूते नहीं हैं. ICICI Bank, IndusInd Bank और Axis Bank का फॉरेक्स एक्सपोजर काफी ज्यादा है. इन बैंकों को भी अपने ओपन पोजिशन कम करने होंगे. इससे उनकी बैलेंस शीट और रिस्क मैनेजमेंट मैनेजमेंट पर असर पड़ेगा. अगर बाजार में अचानक उतार चढ़ाव आता है तो इन बैंकों को ज्यादा नुकसान हो सकता है. इसलिए इन्हें सतर्क रहना होगा.

सरकारी बैंक क्यों सुरक्षित माने जा रहे

सरकारी बैंक यानी PSU banks का फॉरेक्स एक्सपोजर काफी सीमित है. State Bank of India, Punjab National Bank और Bank of Baroda जैसे बैंक पहले से ही कम रिस्क मैनेजमेंट लेते हैं. इनका एक्सपोजर कुल assets का लगभग 25 से 30 फीसदी है. इसलिए RBI के नए नियम का इन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. ये आसानी से नए नियमों का पालन कर पाएंगे.

छोटे फाइनेंस बैंक लगभग सुरक्षित

Small finance banks का फॉरेक्स मार्केट में हिस्सा बहुत कम है. इनका एक्सपोजर 1 फीसदी से भी कम है. इसलिए RBI का यह नियम इनके लिए ज्यादा मायने नहीं रखता. इनके कारोबार पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. ये बैंक पहले से ही घरेलू बाजार पर ज्यादा फोकस करते हैं. इस वजह से ये इस बदलाव से लगभग सुरक्षित हैं.

रुपये और बाजार पर क्या होगा असर

इस फैसले के बाद बैंकों को डॉलर बेचना पड़ सकता है. इससे रुपये को थोड़ी मजबूती मिल सकती है. अनुमान है कि रुपये में 70 से 100 पैसे तक की तेजी आ सकती है. लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमत 100 से 115 डॉलर प्रति बैरल के बीच बनी रहती है तो दबाव फिर बढ़ सकता है. ऐसे में रुपये में फिर कमजोरी आ सकती है. कुल मिलाकर यह कदम शॉर्ट टर्म में राहत दे सकता है.

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क्या है सबसे बड़ा खतरा

सबसे बड़ी चिंता उन बैंकों को लेकर है जिनका फॉरेक्स एक्सपोजर बहुत ज्यादा है. अगर बाजार में तेज उतार चढ़ाव होता है तो इनकी कमाई और कैपिटल पर असर पड़ सकता है. इससे पूरे बैंकिंग सिस्टम पर दबाव आ सकता है. RBI का यह कदम इसी रिस्क मैनेजमेंट को कम करने की दिशा में है. आगे बैंकों को ज्यादा डिसिप्लिन और सतर्क रहना होगा.