Business news Hindi Live: इन 3 म्यूचुअल फंड ने टेक्सटाइल स्टॉक्स में लगाया दांव! …MPC में रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट
RBI की फरवरी MPC बैठक में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है. गवर्नर संजय मल्होत्रा के इस ऐलान के बाद साफ हो गया कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं होगी, जिससे होम, पर्सनल, एजुकेशन या किसी भी तरह कि लोन की EMI पर आम लोगों को कोई राहत नहीं मिली है.
Summary
- इन फंड्स ने टेक्सटाइल स्टॉक्स में लगाया है पैसा
- बैंक अब REITs को दे सकते हैं लोन
- ये डिफेंस स्टॉक दे रही डिविडेंड
- Aircraft Flagged in Safety Audits: 377 विमानों में बार-बार खराबी की शिकायतें
- डिविडेंड और म्यूचुअल फंड आय
Live Coverage
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इन फंड्स ने टेक्सटाइल स्टॉक्स में लगाया है पैसा
Kotak Flexicap Fund
यह फंड SRF में करीब 3.4 प्रतिशत निवेश रखता है, जो भारत की बड़ी टेक्निकल टेक्सटाइल कंपनियों में से एक है. पिछले 10 सालों में फंड ने करीब 14.88 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है.
Mahindra Manulife Focused Fund
इस फंड का करीब 4.11 प्रतिशत निवेश ग्रासिम इंडस्ट्रीज में है, जो विस्कोस फिलामेंट यार्न और रेयान फाइबर का बड़ा एक्सपोर्टर है. पिछले 5 सालों में फंड ने करीब 22.8 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है.
HSBC India Export Opportunities Fund
इस फंड के पोर्टफोलियो में अरविंद और ग्रासिम इंडस्ट्रीज जैसे टेक्सटाइल शेयर शामिल हैं.
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बैंक अब REITs को दे सकते हैं लोन
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को रियल एस्टेट सेक्टर के लिए फाइनेंसिंग के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से बैंकों को कुछ प्रूडेंशियल शर्तों के साथ REITs को कर्ज देने का प्रस्ताव रखा. REITs इनकम जनरेट करने वाली संपत्तियों में निवेश का जरिया हैं. अब तक बैंकों को REITs को सीधे कर्ज देने की अनुमति नहीं थी, जबकि InvITs को यह सुविधा बाद में दी गई.
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ये डिफेंस स्टॉक दे रही डिविडेंड
डिफेंस दिग्गज Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) ने दिसंबर तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं. जिसमें कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया. इस दौरान ना सिर्फ उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़ा, बल्कि मुनाफे में भी इजाफा हुआ है. ऐसे में कंपनी ने अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने का फैसला किया है.
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Aircraft Flagged in Safety Audits: 377 विमानों में बार-बार खराबी की शिकायतें
भारत के एविएशन सेक्टर में सेफ्टी और तकनीकी खामियों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. सरकार ने संसद में बताया कि हाल के महीनों में किए गए सेफ्टी ऑडिट के दौरान सैकड़ों विमानों में बार-बार आने वाली खराबियां सामने आईं. सरकार ने Lok Sabha को बताया कि जनवरी 2025 से 3 फरवरी 2026 के बीच किए गए ऑडिट में 754 विमानों की जांच हुई. इनमें से 377 विमानों में एक जैसी तकनीकी दिक्कतें बार-बार पाई गईं. यानी करीब आधे विमानों में दोहराए जाने वाले स्नैग सामने आए. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, 2025 में एयरलाइनों ने 353 तकनीकी खामियां दर्ज कराईं. यह संख्या 2023 में 448 थी. मंत्रालय ने कहा कि पिछले तीन सालों में ऐसी शिकायतों में कमी आई है.

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डिविडेंड और म्यूचुअल फंड आय
डिविडेंड या म्यूचुअल फंड से होने वाली आय पर अब ब्याज खर्च की कोई कटौती नहीं मिलेगी, चाहे निवेश उधार लेकर ही क्यों न किया गया हो. अब तक नियम ये कहता है कि अगर आपने कर्ज लेकर शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश किया है और उससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल ब्याज चुकाने के लिए करते हैं तो वह टैक्स डिडक्शन के अंतर्गत आता है. लेकिन 1 अप्रैल से यह नियम बदलने वाला है.
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डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को ₹25,000 तक मुआवजा देने का प्रस्ताव
RBI ने डिजिटल फ्रॉड में पैसा गवाएं पीड़ितों के लिए बड़ी राहत की खबर लाई है. RBI ने छोटे मूल्य के फ्रॉड लेनदेन से प्रभावित ग्राहकों को राहत देने के लिए 25,000 रुपये तक मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए यह ढांचा तैयार किया जा रहा है. इसके साथ ही डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चर्चा पत्र लाने की योजना है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं.
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लिक्विडिटी मैनेजमेंट में प्रो-एक्टिव रहेगा केंद्रीय बैंक
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक लिक्विडिटी मैनेजमेंट को लेकर आगे भी प्रो-एक्टिव रुख बनाए रखेगा. उन्होंने बताया कि सिस्टम लिक्विडिटी औसतन 75,000 करोड़ रुपये रही है. दिसंबर-जनवरी में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए, जबकि वैश्विक रुझानों के चलते G-sec यील्ड में मजबूती बनी रही.
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MSME के लिए कोलैटरल फ्री सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया
सरकार ने MSME सेक्टर को राहत देते हुए कोलैटरल-फ्री लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है. इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को बिना गारंटी ज्यादा पूंजी मिलेगी और कारोबार विस्तार में मदद होगी. सेंट्रल बैंक ने कहा है कि ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए 3 ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी करेंगे.
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अप्रैल में आएगा पूरे साल का CPI अनुमान
RBI ने कहा है कि महंगाई के नए आंकड़ों की सीरीज से जुड़ा और अधिक डेटा उपलब्ध होने के बाद पूरे वित्त वर्ष के CPI महंगाई अनुमान को अप्रैल की अगली मौद्रिक नीति में पेश किया जाएगा. केंद्रीय बैंक के मुताबिक नई सीरीज के आधार पर तैयार यह अनुमान महंगाई की सही तस्वीर सामने लाने में मदद करेगा.
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जल्द आएगी GDP और महंगाई की नई सीरीज
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि भारत को जल्द ही GDP और महंगाई के आंकड़ों की नई सीरीज मिलने वाली है. और इसलिए पूरे वर्ष का GDP अनुमान नहीं दिया. उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर और सुधार के रास्ते पर है. RBI के मुताबिक रियल GDP ग्रोथ 7.4 फीसदी तक पहुंच सकती है, जो मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत है.
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FY26 में महंगाई 2.1% रहने का अनुमान
RBI ने FY26 के लिए CPI महंगाई दर का अनुमान 2.1 फीसदी लगाया है. केंद्रीय बैंक के मुताबिक Q4FY26 में महंगाई 3.2 फीसदी रह सकती है. वहीं FY27 की पहली तिमाही में CPI 4 फीसदी और दूसरी तिमाही में 4.2 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है, जो आने वाले महीनों में महंगाई के दबाव की ओर इशारा करता है.
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FY27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाया
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने FY27 की आर्थिक विकास दर को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. केंद्रीय बैंक ने पहली तिमाही (Q1FY27) के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.9 फीसदी कर दिया है, जबकि दूसरी तिमाही (Q2FY27) के लिए इसे 7 फीसदी किया गया है. इससे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत मिलते हैं.
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RBI MPC से फैसले से पहले बाजार अलर्ट
RBI MPC से फैसले से पहले भारतीय बाजार अलर्ट नजर आया. 6 फरवरी को भारतीय शेयर बाजारों की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में निफ्टी 25600 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि सेंसेक्स भी सीमित दायरे में कमजोर नजर आया. सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर सेंसेक्स 79.77 अंक यानी 0.10 प्रतिशत गिरकर 83,234.16 के स्तर पर था, वहीं निफ्टी 36.05 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,606.75 पर कारोबार कर रहा था.
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Reserve Bank of India MPC Live: RBI क्यों रोक सकता है दरों में कटौती
BofA Global Research की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक की नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का दौर फिलहाल रुक सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में हुआ India–United States ट्रेड एग्रीमेंट आर्थिक विकास को लेकर तस्वीर साफ करने में मदद करेगा और हाई-फ्रीक्वेंसी आर्थिक आंकड़ों में दिख रहा पॉजिटिव रुझान आगे भी बना रह सकता है. इसमें यह भी कहा गया है कि इस समय RBI और ज्यादा रेट कट से बच सकता है, लेकिन वह सिस्टम में लिक्विडिटी को एक्टिव रूप से संभालता रहेगा ताकि पॉलिसी दरों का असर पूरे वित्तीय सिस्टम तक ठीक से पहुंच सके.
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RBI MPC 2026: रेपो रेट घटने का फायदा किसे मिलता है?
बैंक आमतौर पर दो प्रमुख बेंचमार्क के आधार पर लोन प्रदान करते हैं. पहला है एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड रेट (EBLR) और दूसरा मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR). EBLR सीधे तौर पर रेपो रेट से जुड़ा होता है, इसलिए रिजर्व बैंक जैसे ही रेपो रेट में कटौती करते ही इस कैटेगरी के लोन की EMI में तुरंत राहत मिलती है. वहीं MCLR आधारित लोन में ब्याज दर और EMI में कमी कुछ समय बाद देखने को मिलती है. ये दोनों ही फ्लोटिंग रेट लोन की कैटेगरी में आते हैं.
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RBI MPC 2026: महंगाई के आंकड़े?
दिसंबर महीने में Consumer Price Index आधारित खुदरा महंगाई दर 1.3% पर पहुंच गई, जबकि नवंबर में यह 0.7% थी. यह पिछले तीन महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है. खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट की गति अब धीमी हो रही है और पिछले वर्ष के कम आधार का प्रभाव भी धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है. हाल के महीनों में महंगाई लगातार Reserve Bank of India के 2–6% के टॉलरेंस बैंड से नीचे बनी हुई है. पिछले छह महीनों में से पांच महीनों में महंगाई दर 2% से कम रही. महंगाई नियंत्रण में रहने की वजह से ही रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश बनती है. हालांकि इस पर अंतिम फैसला MPC का होता है.
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RBI MPC 2026: आज 10 बजे होगा ऐलान
Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 4 फरवरी से 6 फरवरी तक आयोजित की जा रही है, जिसमें मौजूदा मौद्रिक नीति रुख की समीक्षा की जाएगी. नीति का फैसला 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आरबीआई गवर्नर घोषित करेंगे. जिसके बाद दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी.
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RBI MPC 2026: पिछली बैठक में क्या था फैसला?
पिछली बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट घटाकर 5.50% से 5.25% कर दिया था और ‘न्यूट्रल स्टांस’ रखा था. अब निवेशकों और लोन लेने वालों को उम्मीद है कि आगे भी राहत मिल सकती है या रेट्स स्थिर रखे जा सकते हैं.
RBI MPC 2026 Live: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की फरवरी बैठक के नतीजे आज जारी हो गए हैं. आज पूरे बाजार की नजर RBI के फैसले पर टिकी रही क्योंकि इस फैसले से रेपो रेट, लिक्विडिटी और शेयर बाजार की दिशा तय होती है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सुबह 10 बजे MPC की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. इसका मतलब है कि रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहेगी. इससे लोगों को EMI में कोई राहत नहीं मिली है.
छह सदस्यीय समिति ने घरेलू महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक ग्रोथ के रुझानों पर भी चर्चा की है. भारत-अमेरिका ट्रेड डील से बाहरी जोखिम कम होने के बीच यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है.
