अगर आप भी करते है UPI से लेनदेन, क्या लगता है टैक्स, जानें बजट के बाद क्या बदला; चेक लेटेस्ट नियम

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन लगातार बढ़ रहे हैं और इसमें UPI की बड़ी भूमिका है. लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या UPI से मिले पैसों पर इनकम टैक्स देना पड़ता है. क्या दोस्त से मिला पैसा टैक्स के दायरे में आता है.

यूपीआई Image Credit: Money9live/Canva

Tax on UPI Payment: आज के समय में नकद पैसे की जगह मोबाइल से पेमेंट करना आम बात हो गई है. लोग रोजमर्रा की खरीदारी से लेकर बिल भरने तक UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन लगातार बढ़ रहे हैं और इसमें UPI की बड़ी भूमिका है. लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या UPI से मिले पैसों पर इनकम टैक्स देना पड़ता है.

क्या दोस्त से मिला पैसा टैक्स के दायरे में आता है. क्या कैशबैक भी टैक्सेबल होता है. और क्या सरकार इन लेनदेन पर नजर रखती है. इस खबर में हम विस्तार से समझेंगे कि UPI ट्रांजैक्शन पर टैक्स कैसे लगता है और किन हालात में आपको सतर्क रहने की जरूरत होती है.

UPI क्या होता है

UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक डिजिटल सिस्टम है, जिससे बैंक खातों के बीच तुरंत पैसे भेजे जा सकते हैं. इसे National Payments Corporation of India चलाता है. इसमें आप एक ऐप के जरिए कई बैंक अकाउंट जोड़ सकते हैं और कुछ सेकंड में पेमेंट कर सकते हैं.

क्या हर UPI ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगता है

Clear tax के मुताबिक हर ट्रांजैक्शन पर टैक्स नहीं लगता. टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि पैसा किस वजह से मिला है. अगर वह आपकी आमदनी है, जैसे बिजनेस से कमाई या कोई इनाम, तो उस पर टैक्स लग सकता है. टैक्स कानून के तहत कुछ रकम को “अन्य स्रोत से आय” माना जाता है.

किन हालात में टैक्स लग सकता है

अगर दुकानदार या कारोबारी UPI से पैसे लेते हैं, तो वह उनकी आमदनी मानी जाती है और उस पर इनकम टैक्स और जरूरत होने पर GST भी लगता है. दोस्त या रिश्तेदार से 50,000 रुपये तक मिले पैसे आम तौर पर टैक्स फ्री होते हैं. इससे ज्यादा रकम मिलने पर वह गिफ्ट मानी जा सकती है और टैक्स लग सकता है.

ई-वॉलेट से मिलने वाला कैशबैक भी साल भर में 50,000 रुपये से ऊपर हो जाए तो टैक्स के दायरे में आ सकता है. कंपनी अगर कर्मचारियों को 5,000 रुपये से ज्यादा का गिफ्ट वाउचर देती है, तो उस पर भी टैक्स लागू हो सकता है.

सरकार ट्रांजैक्शन कैसे देखती है

इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय आपको अपनी कमाई की जानकारी देनी होती है. UPI या वॉलेट से मिली रकम भी इसमें शामिल हो सकती है. UPI से तुरंत पैसे भेजे और लिए जा सकते हैं. यह इस्तेमाल में आसान है और किसी अतिरिक्त शुल्क की जरूरत नहीं होती. कई ऐप कैशबैक भी देते हैं, जिससे लोग और ज्यादा डिजिटल पेमेंट करने लगते हैं.

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