RTI में खुलासा, AI Summit पर सरकार ने खर्च किए 65 करोड़, क्या किसी ने किया था स्पांसर, जानें क्या है सच्चाई
दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 ने वैश्विक स्तर पर खूब सुर्खियां बटोरीं. कभी कॉन्ट्रोवर्सी, कभी मिसमैनेजमेंट, बड़ी घोषणाएं तो कभी दिग्गजों ने वॉकआउट को लेकर इसकी चर्चा और अधिक हुई. इसमें 100 से अधिक देशों की भागीदारी रही. करोड़ों रुपये खर्च वाले इस आयोजन में भारी निवेश घोषणाएं, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां और जिम्मेदार AI के लिए कई अहम फैसले सामने आए. अगर ये घोषणाएं सही में लागू होती हैं, तो ये भारत के भविष्य को दिशा देने वाली साबित हो सकती हैं.

India AI Summit Impact and Expenses: क्या आपको चीन के रोबोटिक डॉग को अपना बताकर पेश करने वाली घटना याद है? अगर भूल गए हों, तो आपको कुछ याद दिलाता हूं. यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का शर्टलेस होकर दिल्ली के भारत मंडपम में विरोध प्रदर्शन करना तो आप नहीं भूले होंगे. इसी तरह कई ऐसी घटनाएं हैं, जो आपके देश की राजधानी दिल्ली में हुए India AI Impact Summit 2026 की याद दिलाती हैं.
इन घटनाओं ने दूरदराज के किसी गांव में बैठे लोगों को भी यह बता दिया कि दिल्ली में एक ऐसा इवेंट हो रहा है, जिसमें 100 से अधिक देश हिस्सा ले रहे हैं, 22 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए हैं और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया है.
सवाल यह है कि जिस समिट में यूरोप से लेकर अमेरिका और एशिया से लेकर अफ्रीका तक के देशों ने शिरकत की है, जिसके आयोजन पर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं – उस इवेंट का हासिल क्या है? साथ ही, इस कार्यक्रम के आयोजन पर सरकार ने कितना खर्च किया है? इस रिपोर्ट में इन सभी सवालों के मुकम्मल जवाब मिलेंगे.
3 दिन में खर्च हुए ₹65 करोड़
Money9live की टीम की ओर से किए गए एक RTI के जवाब में सरकार ने बताया कि, India AI Impact Summit 2026 के आयोजन पर कुल खर्च का पूरा आंकड़ा अभी तैयार किया जा रहा है. हालांकि, 9 मार्च 2026 तक इस समिट पर करीब 65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. सरकार ने यह भी साफ किया है कि इस आयोजन के लिए किसी तरह की स्पांन्सरशिप नहीं ली गई थी और सभी काम सरकारी नियमों (GFR rules) के तहत किए गए.
₹18.6 लाख करोड़ निवेश की उम्मीद
India AI Impact Summit 2026 में सिर्फ नीतियां ही नहीं, बल्कि AI सेक्टर में भारी निवेश के ऐलान भी किए गए. इन निवेशों से भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, चिप्स और एप्लिकेशन का तेजी से विकास होने की उम्मीद है.
प्रमुख निवेश घोषणाएं
AI इंफ्रास्ट्रक्चर, फाउंडेशन मॉडल, हार्डवेयर और एप्लिकेशन में कुल मिलाकर 200 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹18.6 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश की संभावना जताई गई.
Reliance Industries का बड़ा दांव
कंपनी ने अगले 7 साल में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 110 बिलियन डॉलर निवेश करने का ऐलान किया.
Tata Group–OpenAI पार्टनरशिप
दोनों मिलकर भारत में AI-ready डेटा सेंटर्स को तेजी से विकसित करेंगे.
Adani Enterprises की योजना
कंपनी ने 2035 तक 100 बिलियन डॉलर निवेश करने की योजना घोषित की.
ग्लोबल निवेशकों की एंट्री
- General Catalyst: 5 साल में 5 बिलियन डॉलर निवेश
- Lightspeed Venture Partners: 10 बिलियन डॉलर निवेश का ऐलान
Sundar Pichai का बड़ा ऐलान
- Google भारत में कई बड़े AI प्रोजेक्ट्स पर निवेश करेगा:
- भारत-अमेरिका के बीच नए subsea केबल रूट्स का ऐलान किया गया है. यानी समुद्र के नीचे नई इंटरनेट केबल बिछाई जाएंगी, जो भारत और अमेरिका को सीधे जोड़ेंगी.
- विशाखापट्टनम में 15 बिलियन डॉलर का AI हब
- 2 करोड़ सरकारी कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग
- 1.1 करोड़ छात्रों को सपोर्ट
- AI रिसर्च में सहयोग को बढ़ावा
ये रहीं बड़ी घोषणाएं
नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में दुनिया भर के देशों, संस्थानों और टेक कंपनियों ने मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जिम्मेदार, सुरक्षित और सबके लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया. इस समिट में कई अहम घोषणाएं और ग्लोबल पार्टनरशिप सामने आईं.
मुख्य घोषणाएं और साझेदारियां
India AI Impact Summit Declaration
92 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस डिक्लेरेशन का समर्थन किया. इसमें AI के जिम्मेदार और समावेशी इस्तेमाल के लिए दिशा तय की गई.
New Delhi Frontier AI Impact Commitments
13 बड़ी AI कंपनियों और डेवलपर्स ने भरोसेमंद और सुरक्षित AI को बढ़ावा देने का वादा किया.
Global AI Impact Commons की शुरुआत
यह एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म है, जिसमें 30+ देशों के 80 से ज्यादा AI प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, ताकि देश एक-दूसरे से सीख सकें और सफल मॉडल को अपनाएं.
Equitable AI Transition Playbook जारी
International Labour Organization (ILO) के साथ मिलकर तैयार यह गाइड कर्मचारियों को AI के नए दौर के लिए तैयार करने में मदद करेगा.
Resilient, Innovative and Efficient AI के लिए Guiding Principles
20+ देशों ने इन सिद्धांतों को अपनाया, जिससे AI सिस्टम ज्यादा मजबूत और प्रभावी बन सकें.
Reskilling in the Age of AI के Guiding Principles
23 देशों ने इस पहल को समर्थन दिया, ताकि लोगों को नई स्किल्स सिखाई जा सकें.
Charter for the Democratic Diffusion of AI
22 देशों और संस्थानों ने इस चार्टर को अपनाया, जिसका उद्देश्य AI को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है.
Resilient AI Challenge लॉन्च
UNESCO और फ्रांस के साथ मिलकर यह चैलेंज शुरू किया गया, ताकि AI में नई इनोवेशन को बढ़ावा मिले.
Resilient AI Infrastructure Playbook जारी
AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए गाइडलाइन जारी की गई.
Trusted AI Commons की घोषणा
22 देशों के साथ मिलकर एक भरोसेमंद AI नेटवर्क बनाने की पहल की गई.
AI Governance Guidance Notes जारी
22 देशों ने AI के नियम और नीतियों को लेकर इस गाइड को अपनाया.
Alliance for Advancing Inclusion Through AI
UNICEF और 20 देशों के साथ मिलकर यह पहल शुरू की गई, ताकि AI का फायदा हर वर्ग तक पहुंचे.
Network of AI for Science Institutions लॉन्च
19 देशों के साथ मिलकर वैज्ञानिक रिसर्च में AI के उपयोग को बढ़ाने के लिए नेटवर्क बनाया गया.