कैबिनेट ने 1.74 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को दी मंजूरी, उर्वरक सब्सिडी पर 41534 करोड़ होंगे खर्च

केंद्र सरकार की कैबिनेट ने अर्थव्यवस्था को गति देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 1,74,207 करोड़ रुपये के बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. इन फैसलों में उर्वरक सब्सिडी, रिफाइनरी विस्तार, मेट्रो परियोजना और जलविद्युत प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.

यूनियन कैबिनेट दी विशाल खर्च को मंजूरी Image Credit: PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने बुधवार को 1.74 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी. केंद्र सरकार की कैबिनेट ने अर्थव्यवस्था को गति देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 1,74,207 करोड़ रुपये के बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. इन फैसलों में उर्वरक सब्सिडी, रिफाइनरी विस्तार, मेट्रो परियोजना और जलविद्युत प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.

पोषक तत्व आधारित सब्सिडी

सबसे बड़ा फैसला खरीफ 2026 सीजन के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) को लेकर लिया गया है. इसके तहत सरकार 41,534 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा सकेंगे. यह कदम कृषि लागत को कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मददगार होगा.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उर्वरक विभाग के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है, जिसमें खरीफ सीजन 2026 (01.04.2026 से 30.09.2026 तक) के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक (P&K) उर्वरकों पर ‘पोषक तत्व आधारित सब्सिडी’ (NBS) की दरें तय की गई हैं.

खरीफ सीजन 2026 के लिए अनुमानित बजटीय जरूरत लगभग 41,533.81 करोड़ रुपये होगी. यह खरीफ सीजन 2025 की बजटीय जरूरत से लगभग 4,317 करोड़ रुपये ज्यादा है. खरीफ 2025 का बजट 37,216.15 करोड़ रुपये था.

HPCL राजस्थान रिफाइनरी

ऊर्जा क्षेत्र में कैबिनेट ने HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के लिए 79,459 करोड़ रुपये की बड़ी मंजूरी दी है. यह परियोजना देश की रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल सेक्टर को मजबूती देगी.

जयपुर मेट्रो फेज-2

शहरी परिवहन को बेहतर बनाने के लिए जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को भी हरी झंडी दी गई है, जिस पर 13,038 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा एक बदलाव लाने वाला उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर है, जिसमें 36 स्टेशन शामिल हैं और जिसकी कुल प्रोजेक्ट लागत 13,037.66 करोड़ रुपये है.

हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स

इसके अलावा, हाइड्रो पावर को बढ़ावा देने के लिए दो बड़े जलविद्युत प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (1,720 मेगावाट) पर 26,070 करोड़ रुपये और कलाई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (1,200 मेगावाट) पर 14,106 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

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