पोस्ट ऑफिस में कितने दिन में पैसा होता है डबल, ये 2 स्कीम सबसे तेज बढ़ाती हैं रकम
अगर आप सुरक्षित निवेश चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स अच्छा ऑप्शन हैं. इनमें सरकारी गारंटी के साथ पैसा सुरक्षित रहता है और समय के साथ बढ़ता है. किसान विकास पत्र में तय समय में पैसा डबल होता है, जबकि नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में अच्छा ब्याज और टैक्स बचत मिलती है. दोनों स्कीम्स जोखिम कम और रिटर्न स्थिर देती हैं.
अगर आप सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं और चाहते हैं कि आपका पैसा बिना ज्यादा रिस्क के तेजी से बढ़े, तो पोस्ट ऑफिस की कुछ स्कीम्स आपके लिए बढ़िया विकल्प बन सकती हैं. खास बात ये है कि इनमें निवेश किया गया पैसा सरकारी गारंटी के साथ आता है और समय के साथ अच्छा रिटर्न देता है. इनमें से एक स्कीम ऐसी है जिसमें आपका पैसा तय समय में डबल हो जाता है, जबकि दूसरी स्कीम टैक्स बचत के साथ अच्छा ब्याज देती है. आइए आसान भाषा में समझते हैं दोनों स्कीम्स को.
किसान विकास पत्र (KVP)
किसान विकास पत्र (KVP) पोस्ट ऑफिस की सबसे फेमस स्कीम्स में से एक है. इसका मकसद लोगों को लॉन्ग टर्म सेविंग के लिए प्रेरित करना है.
क्या है इस स्किम की खासियत ?
इस स्कीम में आपका निवेश 9 साल 5 महीने में डबल हो जाता है. इस स्किम में इंटरेस्ट रेट 7.5 फीसदी सालाना के हिसाब से बढ़ती है.
कैसे काम करता है किसान विकास पत्र (KVP)?
मान लीजिए आपने 1 लाख किसान विकास पत्र (KVP) में निवेश किए. इस स्कीम में आपको करीब 7.5 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है, खास बात ये है कि यह ब्याज कंपाउंड तरीके से जुड़ता है. यानी हर साल जो ब्याज मिलता है, वह सिर्फ अलग से नहीं मिलता, बल्कि आपके मूलधन में जुड़ जाता है और अगले साल उसी बढ़ी हुई रकम पर फिर से ब्याज मिलता है.
KVP की जरूरी बातें
- न्यूनतम निवेश: 1,000 रुपया.
- अधिकतम निवेश: कोई लिमिट नहीं
- कौन निवेश कर सकता है: कोई भी भारतीय नागरिक
- जरूरी दस्तावेज: आधार, PAN (₹50,000 से ऊपर), ₹10 लाख से ऊपर इनकम प्रूफ.
- सुरक्षा: भारत सरकार की गारंटी. यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतर है जो बिना जोखिम के पैसा डबल करना चाहते हैं.
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) भी पोस्ट ऑफिस की एक सुरक्षित स्कीम है, लेकिन इसमें पैसा डबल होने की बजाय फिक्स रिटर्न और टैक्स बचत मिलती है.
NSC की जरूरी बातें
- ब्याज दर: 7.7 फीसदी सालाना
- लॉक-इन पीरियड: 5 साल
- न्यूनतम निवेश: 1,000 रुपये
- अधिकतम: कोई लिमिट नहीं कोई सीमा नहीं है. आप अपनी क्षमता के अनुसार जितना चाहें उतना पैसा जमा कर सकते हैं. हालांकि, आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट केवल 1.5 लाख प्रति वर्ष तक के निवेश पर ही मिलती है.
मान लीजिए आपने 1 लाख रुपये नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में निवेश किया. इस स्कीम में आपको 7.7 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है और यह भी चक्रवृद्धि तरीके से जुड़ता है. यानी हर साल मिलने वाला ब्याज आपके मूलधन में जुड़ जाता है, और अगले साल उसी बढ़ी हुई रकम पर फिर से ब्याज मिलता है.
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