क्या अभी और बढ़ने वाली हैं IndusInd Bank की मुश्किलें? सेबी ने शुरू कर दी इनसाइड ट्रेडिंग की जांच
IndusInd Bank: इंडसइंड बैंक देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है. इंडसइंड बैंक के डेरिवेटिव खातों में गड़बड़ियां सामने आई हैं. डेरिवेटिव्स पोर्टफोलियो में 175 मिलियन डॉलर (करीब 1450 करोड़ रुपये) की गड़बड़ी का खुलासा हुआ. इसकी वजह से बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है.
IndusInd Bank: इंडसइंड बैंक की मुश्किलें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं, क्योंकि सेबी इनसाइड ट्रेडिंग की भी जांच कर रहा है. इंडसइंड बैंक के टॉप अधिकारी जांच के दायरे में हैं. सेबी ने सीनियर अधिकारियों की ट्रेडिंग डिटेल्स के साथ-साथ डेरिवेटिव घाटे के संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के साथ बैंक के कॉम्युनिकेशन की जांच कर रहा है.
इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से मनीकंट्रोल ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है. मामले से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, सेबी ट्रेडिंग पैटर्न और RBI के इंडसइंड के कॉम्युनिकेशन की जांच कर रहा है. जांच में पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का कोई उल्लंघन हुआ है.
ट्रेडिंग पैटर्न का मिलान
बैंकिंग नियामक के साथ ट्रेडिंग पैटर्न और कॉम्युनिकेशन की टाइम-लाइन को मिलाया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ट्रेडिंग RBI के के कॉम्युनिकेशन के कार शुरू हुई थी या फिर यह एक सामान्य प्रक्रिया थी. सूत्रों के अनुसार, सेबी ने बैंक के टॉप अधिकारियों से ट्रेडिंग की डिटेल्स और डेरिवेटिव लॉस मुद्दे पर RBI के साथ कॉम्युनिकेशन की पूरी लिस्ट मांगी है.
कब बनेगा इनसाइड ट्रेडिंग का मामला
उन्होंने कहा कि अगर RBI के कॉम्युनिकेशन के पब्लिक होने से पहले उसके आधार पर कोई ट्रेडिंग की गई है, तो यह इनसाइडर ट्रेडिंग का मामला होगा और सेबी उसके अनुसार कार्रवाई करेगा. एक्सचेंज के खुलासे के अनुसार, इंडसइंड बैंक के सीईओ सुमंत कठपालिया का आखिरी ट्रेडिंग 25 जून 2024 को हुआ था, जब उन्होंने 1,497 रुपये की औसत कीमत पर 50,000 शेयर बेचे थे. कठपालिया द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशन के तहत रिपोर्ट की गई पिछली 10 ट्रेडिंग में से चार बिक्री से संबंधित थीं, दो गिरवी रखने से संबंधित थीं, तीन रद्द और एक अधिग्रहण से संबंधित थीं.
डिप्टी सीईओ कर रहे ट्रेडिंग
डिप्टी सीईओ अरुण खुराना के पिछले कुछ सालों के ट्रेडिंग पैटर्न से पता चलता है कि वे बैंक के शेयरों में ट्रेडिंग कर रहे हैं. ज्यादातर शेयर ओपन मार्केट से 1,000-1,200 रुपये के प्राइस रेंज में खरीद रहे हैं और 1,500 रुपये या उससे अधिक की कीमत पर बेच रहे हैं. खुराना के पिछले 10 ट्रेडिंग डिस्क्लोजर में से 9 शेयर बेचने के थे और एक शेयर ओपन मार्केट से खरीदने के थे.
सेबी ने अक्टूबर 2024 से लेकर आज तक की तारीख तक की प्रमुख प्रबंधकीय व्यक्तियों और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल्स (SMP) के ट्रेडिंग डिटेल्स भी मांगे हैं और बैंक द्वारा डेटा पहले ही दिया किया जा चुका है. इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि इस अवधि के दौरान कुछ सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल्स की ओर से अपने ईएसओपी को भुनाने के लिए कुछ अनुरोध किए गए हो सकते हैं, जिसकी जांच चल रही है.
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