शिल्पा शेट्टी की एक क्रीम सब पर पड़ गई भारी, हैसियत में 80 गुना बड़ी कंपनी को हराया, जानें कैसे
देश की सबसे बड़ी मार्केट कैप वाली कंपनियों में से एक हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने मामाअर्थ की पैरेंट कंपनी होनासा के खिलाफ केस हार गई. इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए एचयूएल को आदेश भी दिया. जानें क्या है पूरा मामला.
HUL vs Honasa Case: भारत की बड़ी लार्ज कैप कंपनियों में से एक, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने दूसरी भारतीय कंपनी के सामने घुटने टेक दिए हैं. दरअसल मामाअर्थ की पैरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर ने एक कोर्ट केस में HUL को हरा दिया. मामाअर्थ के लिए कंपनी की ब्रांडएम्बेस्डर बॉलीवुड की एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी कुंद्रा और पालक तिवारी हैं. हाल में दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड से लैक्मे सनस्क्रीन विज्ञापन हटाने को कहा है. होनासा कंज्यूमर की शिकायत के बाद कोर्ट ने यह आदेश गुरुवार, 17 अप्रैल को दिया.
शिल्पा शेट्टी ने कंपनी से खूब कमाए पैसे
शेट्टी ने कंपनी के शुरुआती दौर में ही पैसे लगाए थे. 2018 में जब कंपनी पब्लिक नहीं हुई थी, उस वक्त उन्होंने 6.7 करोड़ रुपये का निवेश किया था जिसके बदले उन्हें 16 लाख शेयर मिले थे. 2023 में जब कंपनी ने अपना आईपीओ जारी किया, तब शेट्टी ने 13.93 लाख शेयर बेच दिए जिसके बदले उन्हें 45.13 करोड़ रुपये मिले थे. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा समय में भी शेट्टी के पास 2.3 लाख शेयर हैं, 17 अप्रैल 2025 तक उसकी वैल्यू तकरीबन 5.42 करोड़ रुपये की है. अब आइए जानते हैं कि आखिर क्या है एचयूएल और होनासा का पूरा मामला जिसमें होनासा की जीत हुई है.
मामले पर कोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि लैक्मे सनस्क्रीन का विज्ञापन काफी भ्रामक है और कॉम्पटीटर ब्रांडों को खारिज करता है. कोर्ट ने HUL को 24 घंटे के अंदर अपने ऑनलाइन एड और 48 घंटे के अंदर होर्डिंग हटाने का निर्देश दिया है. इस पूरे मामले पर HUL ने कहा कि वह अपने मौजूदा सनस्क्रीन एड कैंपेन को हटा देगा साथ ही उसमें बदलाव भी करेगा. इससे इतर, बदलाव को लेकर कंपनी ने यह भी बताया कि इसमें ऑनलाइन बेस्टसेलर शब्द को हटाना और वर्तमान में दिखाए गए पैकेजिंग रंग को बदलना शामिल होगा.
क्या है पूरा मामला?
इस सप्ताह, HUL और होनासा ने एक दूसरे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. इसमें होनासा ने HUL पर आरोप लगाया था कि कंपनी की हालिया ‘SPF लाई डिटेक्टर टेस्ट’ नाम की लैक्मे सनस्क्रीन एड कैंपेन ने दूसरे कॉम्पटीटर ब्रांड्स को गलत तरीके से बदनाम किया है. होनासा का आरोप है कि एचयूएल का विज्ञापन उसके एक प्रोडक्ट डर्मा कंपनी के सनस्क्रीन की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए है.
क्या था लैक्मे का एड?
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के ब्रांड लैक्मे ने अपने एक विज्ञापन में कहा था कि कॉम्पटीटर सनस्क्रीन प्रोडक्ट अपने दावे के बाद भी पर्याप्त SPF सुरक्षा नहीं दे पाते हैं. उसने दावा किया कि कुछ ऑनलाइन बेस्टसेलर सनस्क्रीन जो SPF 50 का दावा करते हैं, असल में वह SPF 20 तक की सुरक्षा भी नहीं दे पाते हैं. मालूम हो कि यहां एसपीएफ का मतलब सन प्रोटेक्शन फैक्टर है. इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल गर्मी के दौरान बड़ी मात्रा में चेहरे और शरीर को धूप से सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है.
यहां से शुरू हुआ था मामला
इन दोनों कंपनियों की लड़ाई तब शुरू हुई जब होनासा की को-फाउंडर गजल अलघ ने सोशल मीडिया एप्लीकेशन लिंक्डइन के एक पोस्ट में बड़े ब्रांड पर प्रोडक्ट्स की खुलेआम नकल करने का आरोप लगाया था. इस आरोप के जवाब में HUL ने एक पब्लिक स्टेटमेंट जारी किया जिसमें उसने कहा कि वह पिछले 10 सालों से अपने सनस्क्रीन का इन-विवो एग्जामिनेशन कर रहे हैं. इसके बाद दोनों कंपनियों के इस मामले को अदालत के सामने लाया गया जिसमें होनासा के पक्ष में फैसला आया है.
क्या है शेयर का हाल?
चूंकि इस मामले में कोर्ट का आदेश बाजार बंद होने का बाद आया है. इसलिए इसका असर कंपनी के शेयरों पर देखने को नहीं मिला है. HUL के शेयर 2,375 रुपये पर कारोबार करते हुए बंद हुए. वही होनासा कंज्यूमर के शेयर 233.69 रुपये पर कारोबार करते हुए बंद हुए. मालूम हो कि होनासा का मार्केट कैप 7,593 करोड़ रुपये है वहीं हिंदुस्तान यूनिलिवर लिमिटेड का मार्केट कैप 5,57,946 करोड़ रुपये है.
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