करिश्मा के बच्चों की जगी उम्मीदें, 11 हजार करोड़ का मामला; कई देशों में कारोबार, पूर्व CJI चंद्रचूड़ कराएंगे मध्यस्थता

यह विवाद रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच सोना ग्रुप फैमिली ट्रस्ट और विरासत से जुड़े मामलों को लेकर है. सभी पक्षों के आपसी सुलह की संभावना तलाशने पर सहमत होने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने का फैसला किया.

सोना ग्रुप फैमिली ट्रस्ट विवाद. Image Credit: Money9live

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सोना ग्रुप फैमिली ट्रस्ट से जुड़े उत्तराधिकार विवाद को मध्यस्थता के लिए भेज दिया है. बार एंड बेंच की गुरुवार की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया की देखरेख के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई. चंद्रचूड़ को नियुक्त किया गया है. यह विवाद रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच सोना ग्रुप फैमिली ट्रस्ट और विरासत से जुड़े मामलों को लेकर है. सभी पक्षों के आपसी सुलह की संभावना तलाशने पर सहमत होने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने का फैसला किया.

लाल निशान में शेयर

इस बीच गुरुवार के सेशन में Sona BLW के शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे. गुरुवार के सेशन के दौरान Sona BLW Precision Forgings Limited के शेयर 577 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे, जो 0.96 फीसदी या 5.60 रुपये की गिरावट थी.

पारिवारिक विवाद

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने यह फैसला सुनाया. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘यह एक पारिवारिक विवाद है. इसे परिवार तक ही सीमित रहने दिया जाए. यह मनोरंजन का जरिया नहीं बनना चाहिए.’ सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, ‘चूंकि यह एक पारिवारिक मामला है, इसलिए उनकी तरफ से यही कोशिश होनी चाहिए कि विवाद जल्द से जल्द सुलझ जाए.’

कब शुरू हुआ विवाद

यह विवाद रानी कपूर द्वारा दायर एक मुकदमे से शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि 2017 में स्ट्रोक आने के बाद, उनके दिवंगत बेटे संजय कपूर और उनकी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने उनकी मेडिकल कंडिशन और उनके भरोसे का फायदा उठाया.

मुकदमे के अनुसार, उनकी संपत्ति बिना उनकी पूरी जानकारी और सहमति के फैमिली ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दी गई थी. रानी कपूर ने आगे दावा किया है कि उनसे प्रशासनिक औपचारिकताओं के बहाने कुछ दस्तावेजों पर, जिनमें कोरे कागज भी शामिल थे, दस्तखत करने के लिए कहा गया था.

संजय कपूर की मौत के बाद तेज हुई लड़ाई

पिछले साल जून में संजय कपूर की मौत के बाद यह कानूनी लड़ाई और तेज हो गई. अपनी याचिका में, रानी कपूर ने आरोप लगाया कि उनकी मौत के बाद प्रिया कपूर ने सोना ग्रुप की अहम कंपनियों पर कब्जा करने के लिए तेजी से कदम उठाए.

संपत्ति और एसेट्स पर नियंत्रण से जुड़ी अलग-अलग कानूनी कार्रवाई पहले से ही दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही है.

करिश्मा कपूर और बच्चों की अर्जी

30 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के दो बच्चों की तरफ से दायर अंतरिम रोक की अर्जी को मंजूरी दे दी और प्रिया सचदेव कपूर को संजय कपूर द्वारा छोड़ी गई संपत्ति पर किसी तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने से रोक दिया. भारत के सुप्रीम कोर्ट में रानी कपूर ने ट्रस्ट की सभी संपत्तियों के ट्रांसफर पर ‘जैसे-का-तैसा’ (Status quo) बनाए रखने का आदेश मांगा है.

संजय कपूर की शादी करिश्मा कपूर से साल 2003 में हुई थी. दोनों करीब 13 साल तक साथ रहे और साल 2016 में दोनों ने तलाक ले लिया था.

मध्यस्थता का रास्ता अपनाएं

पिछली सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से मध्यस्थता (Mediation) पर विचार करने का आग्रह किया. कोर्ट ने कहा कि 80 साल के एक मुवक्किल से जुड़ा यह लंबा चलने वाला विरासत विवाद किसी भी तरह से सार्थक साबित नहीं होगा. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘आप सब आपस में क्यों लड़ रहे हैं? यह आपके मुवक्किल के लड़ने की उम्र नहीं है. एक बार हमेशा के लिए मध्यस्थता का रास्ता अपनाएं, शुरू से आखिर तक. वरना, यह सब बेकार है.’

Sona Comstar का बिजनेस नेटवर्क

Sona Comstar की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, कंपनी के पास 11 फैक्ट्रियां हैं, जो भारत, अमेरिका, मैक्सिको, चीन और सर्बिया तक में फैली हैं. इसके ग्राहक टेस्ला, फोर्ड, टाटा, हीरो जैसी बड़ी कंपनियां हैं. इस कंपनी की EV सेक्टर में मजबूत पकड़ है. यह दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों के पार्ट्स बनाने वाली टॉप कंपनियों में शामिल है. यह कंपनी E.P.I.C. स्ट्रैटेजी यानी Electric, Personalised, Intelligent, Connected टेक्नोलॉजी पर फोकस करती है.

क्या करती है Sona Comstar कंपनी?

Sona Comstar एक ग्लोबल कंपनी है जो इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए जरूरी और बेहद बारीक टेक्नोलॉजी वाले पुर्जे (Components) बनाती है. इस कंपनी की शुरुआत 1997 में संजय कपूर के पिता सुरिंदर कपूर ने की थी. साल 2015 में पिता के निधन के बाद संजय ने कमान संभाली.

कौन थे संजय कपूर?

संजय कपूर Sona Comstar के चेयरमैन थे. वो ऑटो इंडस्ट्री के एक बड़ा जाना-पहचाना नाम थे. उनके नेतृत्व में यह कंपनी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में काम करती थी. Forbes कि रिपोर्ट के मुताबिक संजय कपूर की कुल संपत्ति 1.2 अरब डॉलर यानी लगभग 11,340 करोड़ रुपये.

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