मेक इन इंडिया का जोर, सितंबर में वायु सेना में शामिल होंगे पहले दो तेजस मार्क 1A जेट, IAF का बेड़ा होगा और मजबूत
भारत का स्वदेशी तेजस मार्क 1A जेट सितंबर में भारतीय वायु सेना में शामिल होगा. पहले दो विमान हथियारों के इंटीग्रेशन के साथ डिलीवर किए जाएंगे. सरकार आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पर जोर दे रही है. रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा अब घरेलू कंपनियों पर खर्च किया जा रहा है. वायु सेना को कुल 180 तेजस जेट मिलेंगे, जो धीरे-धीरे MiG-21 की जगह लेंगे और देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करेंगे.
Tejas Mark 1A: भारत का स्वदेशी तेजस मार्क 1A फाइटर जेट जल्द ही वायु सेना की ताकत बढ़ाने वाला है. पहले दो तेजस मार्क 1A विमान सितंबर के अंत तक भारतीय वायु सेना को सौंपे जा सकते हैं. इन विमानों की डिलीवरी हथियारों के पूरे पैकेज के साथ होगी. सरकार का फोकस स्वदेशीकरण और डिफेंस प्रोडक्शन को देश के भीतर बढ़ाने पर है ताकि रणनीतिक और आर्थिक मजबूती दोनों सुनिश्चित की जा सके.
दो तेजस मार्क 1A की डिलीवरी
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा सचिव ने कहा कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ कॉन्ट्रैक्ट तभी साइन होगा जब पिछले ऑर्डर के तहत कम से कम दो विमान पूरे हथियार पैकेज के साथ डिलीवर कर दिए जाएंगे. इस समय दक्षिण भारत में लगभग 38–40 तेजस विमान सेवा में हैं, जिनमें से कुछ पहले से तैयार हैं. उम्मीद है कि सितंबर तक दो विमान वायु सेना को मिल जाएंगे.
आत्मनिर्भर भारत पर फोकस
सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा रक्षा उपकरण भारत में ही बने. प्रधानमंत्री मोदी 2014 से “आत्मनिर्भर भारत” पर जोर दे रहे हैं. पिछले साल रक्षा पर किए गए 1.60 लाख करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर में से 81 फीसदी भारत में ही खर्च हुआ. सरकार चाहती है कि भविष्य में कम से कम 75 फीसदी खर्च घरेलू रक्षा उद्योग पर हो.
निजी कंपनियों को मिलेगा मौका
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक और निजी कंपनियों को समान अवसर दिए जाएंगे. इसके लिए रक्षा औद्योगिक गलियारों और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर काम हो रहा है. घरेलू उद्योग को अधिक ऑर्डर देने और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार पर भी फोकस है.
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वायु सेना का सबसे बड़ा स्वदेशी बेड़ा
केंद्र सरकार ने हाल ही में 97 अतिरिक्त तेजस मार्क 1A जेट खरीदने की मंजूरी दी है, जिसकी लागत 62,000 करोड़ रुपये है. इससे पहले 83 जेट का ऑर्डर दिया गया था. यानी कुल मिलाकर भारतीय वायु सेना को 180 तेजस मार्क 1A मिलेंगे. माना जा रहा है कि ये जेट धीरे-धीरे एमआईजी-21 की जगह लेंगे. इस कार्यक्रम से “मेक इन इंडिया” को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि 65 फीसदी से ज्यादा पुर्जे भारतीय कंपनियों से लिए जाएंगे.