इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील पर भारत का ‘वेट एंड वॉच’ रुख, पीयूष गोयल बोले- बदलते हालात के साथ रीबैलेंस करने का है प्रावधान

अमेरिका में टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत हालात पर नजर बनाए हुए है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरिम व्यापार समझौते में संतुलन बनाए रखने का प्रावधान पहले से मौजूद है. दरअसल अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अप्रैल 2025 में सभी आयातों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ के फैसले को खारिज कर दिया.

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल Image Credit: Piyush Goyal youtube

अमेरिका में टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हालात तेजी से बदल रहे हैं. भारत भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साफ किया है कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते की पवित्रता बरकरार रहेगी, लेकिन अगर परिस्थितियां बदलती हैं तो समझौते को संतुलित करने का प्रावधान भी मौजूद है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदली परिस्थिति

दरअसल अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अप्रैल 2025 में सभी आयातों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ के फैसले को खारिज कर दिया. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू किया. जिसके बाद ट्रंप ने शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की भी घोषणा की.

अगले हफ्ते 15 फीसदी टैरिफ की संभावना

पीयूष गोयल ने कहा कि यह एक विकसित होती हुई स्थिति है और अमेरिका के पास टैरिफ लगाने के कई दूसरे टूल्स भी हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सेक्शन 122 के तहत 10 प्रतिशत टैरिफ पहले ही लगाया जा चुका है और अगले हफ्ते इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की संभावना जताई गई है.

भारत-अमेरिका अंतरिम समझौता क्या कहता है?

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले दोनों देशों ने लंबी बातचीत के बाद एक अंतरिम व्यापार समझौता किया था. इस समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया था. 7 फरवरी को जारी भारत-अमेरिका संयुक्त बयान में स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी भी देश के टैरिफ में बदलाव होता है तो दूसरा देश अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन कर सकता है. यानी समझौते में पहले से ही ‘री-बैलेंस’ का प्रावधान रखा गया है, ताकि दोनों पक्षों के बीच संतुलन बना रहे.

News18 Rising Bharat Summit 2026 में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि समझौता सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है. इसमें कई अन्य पॉजिटिव एलिमेंट भी शामिल हैं, जिनका खुलासा अभी नहीं किया जा सकता क्योंकि समझौते पर अंतिम मुहर लगना बाकी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि संवेदनशील मुद्दों पर स्पष्टता पहले ही हो चुकी है और भारत देशहित को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगा.

ट्रंप की चेतावनी और आगे की राह

इस हफ्ते ट्रंप ने यह भी कहा कि जिन देशों ने अब तक जो समझौते किए हैं, उन्हें उनका सम्मान करना चाहिए. उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि जो देश “खेल” करेंगे, उनके सामान पर ज्यादा टैरिफ लगाया जा सकता है. ऐसे में भारत फिलहाल हालात को परख रहा है और वाशिंगटन के साथ बातचीत जारी रखेगा.

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