बांग्लादेश अगर भारत नहीं आया खेलने तो T20 वर्ल्ड कप से हो जाएगा बाहर, ICC ने साफ कर दिया अपना रुख
इस फैसले के बाद, ICC ने BCB से बांग्लादेश सरकार को इस बारे में औपचारिक रूप से जानकारी देने को कहा है. बांग्लादेश को अभी कोलकाता में तीन लीग मैच और मुंबई में एक मैच खेलना है. हालांकि, BCB अपने रुख पर कायम है.
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत जाने से बांग्लादेश के इनकार को लेकर चल रहे विवाद में एक निर्णायक समाधान के करीब पहुंच गई है. इस मुद्दे और टूर्नामेंट पर इसके संभावित नतीजों पर चर्चा करने के लिए सभी फुल मेंबर देशों के प्रतिनिधियों के साथ ICC बोर्ड की एक मीटिंग हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ICC बोर्ड ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की T20 वर्ल्ड कप मैच भारत से बाहर शिफ्ट करने की रिक्वेस्ट को खारिज कर दिया है. बोर्ड की वोटिंग में यह प्रस्ताव 14-2 के अंतर से हार गया.
स्कॉटलैंड को किया जा सकता है शामिल
इस फैसले के बाद, ICC ने BCB से बांग्लादेश सरकार को इस बारे में औपचारिक रूप से जानकारी देने को कहा है. ग्लोबल बॉडी ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर बांग्लादेश भारत न जाने की अपनी जिद पर अड़ा रहता है, तो उसे टूर्नामेंट से हटाया जा सकता है और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया जा सकता है.
श्रीलंका शिफ्ट करने में दिलचस्पी नहीं
ICC ने बांग्लादेश के मैचों को को-होस्ट श्रीलंका में शिफ्ट करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है, जहां 2027 तक ICC इवेंट्स के लिए आपसी सहमति से तय होस्टिंग अरेंजमेंट के तहत हाई-प्रोफाइल भारत-पाकिस्तान मैच होने वाला है.
बांग्लादेश को अभी कोलकाता में तीन लीग मैच और मुंबई में एक मैच खेलना है. हालांकि, BCB अपने रुख पर कायम है और इस बात पर जोर दे रहा है कि या तो वेन्यू बदला जाए या ग्रुप्स में फेरबदल किया जाए ताकि उनके सभी मैच श्रीलंका में खेले जा सकें.
ग्रुप C में शामिल है बांग्लादेश
फिलहाल, बांग्लादेश ग्रुप C में वेस्ट इंडीज, इटली, इंग्लैंड और नेपाल के साथ है. ढाका में ICC अधिकारियों के साथ अपनी पिछली मीटिंग के दौरान, BCB ने ग्रुप बदलने का प्रस्ताव दिया था, जिससे वे आयरलैंड की जगह ग्रुप B में चले जाएंगे. ग्रुप B में अभी श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, ओमान और जिम्बाब्वे हैं. इस कदम से बांग्लादेश अपने सभी लीग मैचों के लिए पूरी तरह से श्रीलंका में रह पाएगा, जिससे उन्हें भारत जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.