प्रधानमंत्री जन धन योजना ने 11 साल में ऐसे बदली गरीबों की जिंदगी, बढ़ी बैंकिंग पहुंच और महिलाओं की हिस्सेदारी

प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) 28 अगस्त 2014 को शुरू हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब और हाशिये पर खड़े लोगों को बैंकिंग और वित्तीय सुविधाओं से जोड़ना था. इस योजना के जरिए बिना न्यूनतम बैलेंस के बैंक खाते खुलवाए जा सकते हैं. अब लोगों को रुपे कार्ड, बीमा, पेंशन और 10,000 रुपये तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी मिलती है. इस योजना ने ग्रामीण और छोटे शहरों में बैंकिंग पहुंच बढ़ाई है. 11 साल में 56 करोड़ से ज्यादा खाते खुले, जिनमें 55 फीसदी अकाउंट महिलाओं के नाम हैं. जन धन खाते और DBT के माध्यम से सरकारी मदद सीधे लोगों तक पहुंचती है, जिससे पैसे का नुकसान और बिचौलियों का दखल कम हुआ है. सोशल तौर पर भी इसका असर हुआ है. लोगों ने बचत करना शुरू किया, क्राइम रेट कम हुआ और शराब-तंबाकू जैसी चीजों की खपत घट गई. PMJDY ने गरीबों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.