यूपी समेत कई राज्यों से सर्दी की विदाई के संकेत, दो पश्चिमी विच्छोभ से पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी के आसार

फरवरी का मध्य उत्तर भारत में मौसम के दोहरे रुख को दर्शा सकता है. एक ओर मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी विच्छोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी सर्दी के असर को बनाए रख सकती है. वहीं . मौसम के इस रुख को देखकर ऐसा लग रहा है कि सर्दी अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रही है. हालांकि, मौसम विभाग की ताजा चेतावनी इस बदलते ट्रेंड के बीच एक नया मोड़ ला सकती है.

मौसम का हाल Image Credit: Parveen Kumar/HT via Getty Images

IMD Weather Update: फरवरी का दूसरा हफ्ता उत्तर भारत में मौसम के लिहाज से अलग तस्वीर पेश करता दिखाई दे रहा है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे मैदानी इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को सुबह-शाम की ठंड में कुछ कमी महसूस होने लगी है. मौसम के इस रुख को देखकर ऐसा लग रहा है कि सर्दी अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रही है. हालांकि, मौसम विभाग की ताजा चेतावनी इस बदलते ट्रेंड के बीच एक नया मोड़ ला सकती है.

यूपी में अगले 7 दिनों का मौसम

उत्तर प्रदेश के लिए जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, अधिकतम तापमान में अगले दो दिनों के दौरान लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है. इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की उम्मीद है. इसी तरह, न्यूनतम तापमान में भी अगले दो दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है. इसका सीधा असर यह होगा कि रात और सुबह की ठंड में हल्की कमी महसूस की जा सकती है.

दो पश्चिमी विच्छोभ होंगे एक्टिव

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में दो ताजा पश्चिमी विच्छोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करेंगे. पहला पश्चिमी विच्छोभ 13 फरवरी 2026 से सक्रिय होगा, जबकि दूसरा 16 फरवरी 2026 से असर दिखाना शुरू करेगा. इन दोनों मौसम प्रणालियों के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां तेज हो सकती हैं.

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विच्छोभ मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में मौजूद है, जिसका अक्ष 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 77°E देशांतर और 30°N अक्षांश के उत्तर में स्थित है. इसके साथ ही उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम भी मजबूत बनी हुई है, जहां 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 130 नॉट्स तक की कोर विंड स्पीड दर्ज की गई है. यह जेट स्ट्रीम पूर्वोत्तर भारत के मौसम पर भी प्रभाव डाल रही है.

पहाड़ी राज्यों में ‘वेट स्पेल’ की संभावना

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में ‘वेट स्पेल’ यानी नमी भरा मौसम बनने की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख क्षेत्रों में 13, 16 और 17 फरवरी को अलग-अलग स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 16 और 17 फरवरी को हल्की वर्षा या बर्फबारी के संकेत हैं.
वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. अरुणाचल प्रदेश में 11, 12 और 14 फरवरी के दौरान हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. इससे साफ है कि पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम का असर मैदानी इलाकों से अलग रहेगा.

मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16 और 17 फरवरी को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश हो सकती है. यह बदलाव उन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां फरवरी में आमतौर पर मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहता है. दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों की बात करें तो लक्षद्वीप में 11 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी में 13 फरवरी को हल्की वर्षा हो सकती है.

तापमान में क्या रहेगा ट्रेंड

तापमान के रुझानों पर नजर डालें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है. इसके बाद अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक वृद्धि देखी जा सकती है. देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है.

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