यूपी ने 9.13 लाख करोड़ का बजट किया पेश, जानें महिलाओं और युवाओं को क्या मिला

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है. बजट में महिलाओं और युवाओं पर खास जोर दिया गया है. बीसी सखी, महिला सामर्थ्य और सुमंगला योजना जैसी पहलों को आगे बढ़ाया गया है. युवाओं के लिए कौशल विकास, मुफ्त कोचिंग, टैबलेट स्मार्टफोन डिस्ट्रीब्यूशन और रोजगार पर फोकस किया गया है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. Image Credit:

UP Budget 2026- 27: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. यह बजट पिछले साल की तुलना में करीब 12 फीसदी से अधिक बड़ा है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन और कर्ज कंट्रोल के लिए प्रतिबद्ध है. राजकोषीय घाटे की सीमा 3 फीसदी तय की गई है. इस बजट में खास फोकस महिलाओं और युवाओं पर रखा गया है. सरकार ने इन वर्गों के लिए कई योजनाओं को आगे बढ़ाया है.

कितना बड़ा बजट

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट राज्य के इतिहास के बड़े बजट में से एक है. यह पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 12.2 फीसदी अधिक है. सरकार ने साफ किया है कि फाइनेंशियल मैनेजमेंट और कर्ज पर कंट्रोल उसकी प्राथमिकता है. 16वीं वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार राजकोषीय घाटा 3 फीसदी की लिमिट में रखा जाएगा. इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को संतुलित रखने का प्रयास किया गया है.

महिलाओं के लिए क्या घोषणाएं

बजट में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है. बी.सी. सखी योजना के तहत ग्राम पंचायतों में महिलाओं ने हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन कर इनकम अर्जित की है. महिला सामर्थ्य योजना के तहत कई जिलों में मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां शुरू हो चुकी हैं. महिला गन्ना किसानों को पर्ची जारी करने में प्राथमिकता दी जा रही है. सेफ सिटी परियोजना और वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण से कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है. मुख्यमंत्री सुमंगला योजना से लाखों बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं.

युवाओं के लिए क्या मिला

युवाओं को रोजगार और स्किल से जोड़ने पर सरकार ने जोर दिया है. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत लाखों युवाओं को ट्रेनिंग दिया गया है और बड़ी संख्या में रोजगार भी मिला है. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से हजारों युवाओं को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है. मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम से युवाओं को नीति निर्माण में भागीदारी का अवसर मिल रहा है. स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत लाखों टैबलेट और स्मार्टफोन डिस्ट्रीब्यूशन किए गए हैं.

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कुल मिलाकर क्या संदेश

यह बजट दिखाता है कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर ध्यान दे रही है. बड़े आकार के बजट के साथ सामाजिक योजनाओं को मजबूती देने की कोशिश की गई है. महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक भागीदारी तथा युवाओं के कौशल और डिजिटल सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है. आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभाव पर सबकी नजर रहेगी.