इस म्यूचुअल फंड ने दिखाया कंपाउंडिंग का दम, सिर्फ 5 साल में ₹10 हजार की SIP से बना ₹10 लाख
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बिजनेस साइकिल फंड ने 5 साल में लंबी अवधि के निवेश की ताकत को एक बार साबित किया है. इस फंड में 10,000 रुपये की मासिक एसआईपी करने वाले निवेशकों का कुल निवेश 6.10 लाख रुपये रहा, जो बढ़कर करीब 9.74 लाख रुपये तक पहुंच गया. यह प्रदर्शन 18.47 फीसदी सीएजीआर के साथ बेंचमार्क निफ्टी 500 टीआरआई से बेहतर रहा.
ICICI Prudential Business Cycle Fund: देश में म्यूचुअल फंड निवेश को लेकर एक बार फिर लंबी अवधि की SIP स्ट्रेटेजी चर्चा में है. खासतौर पर उन निवेशकों के लिए यह खबर अहम है, जो नियमित निवेश के जरिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं. जनवरी 2021 में लॉन्च हुआ आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बिजनेस साइकिल फंड अब अपने 5 साल पूरे कर चुका है और इस दौरान इसने निवेशकों को कंपाउंडिंग की ताकत का स्पष्ट उदाहरण दिया है. आंकड़े बताते हैं कि अनुशासित निवेश और सही सेक्टर एलोकेशन के जरिए सीमित मासिक रकम से भी लंबी अवधि में बड़ा कॉर्पस तैयार किया जा सकता है.
10,000 रुपये की SIP से कैसे बने करीब 10 लाख रुपये
फंड हाउस के आंकड़ों के अनुसार, अगर किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत से हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी की होती, तो 5 साल में उसका कुल निवेश 6.10 लाख रुपये होता. आज वही निवेश बढ़कर करीब 9.74 लाख रुपये तक पहुंच चुका है. यह रिटर्न 18.47 फीसदी सीएजीआर को दिखा रहा है, जो इसी अवधि में बेंचमार्क निफ्टी 500 टीआरआई के 13.11 फीसदी सीएजीआर से काफी अधिक है.
लंपसम निवेशकों को भी मिला मजबूत रिटर्न
सिर्फ SIP ही नहीं, लंपसम निवेशकों के लिए भी यह फंड फायदेमंद साबित हुआ है. लॉन्च के समय लगाए गए 1 लाख रुपये आज बढ़कर करीब 2.51 लाख रुपये हो चुके हैं. इस अवधि में फंड का 20.06 फीसदी सीएजीआर रहा, जबकि बेंचमार्क निफ्टी 500 टीआरआई का रिटर्न लगभग 15.47 फीसदी रहा. यह साफ संकेत देता है कि एक्टिव सेक्टर रोटेशन और सही समय पर पोजिशनिंग ने निवेशकों को अतिरिक्त लाभ दिया.
क्या है निवेश स्ट्रेटेजी
यह फंड बिजनेस साइकिल ओरिएंटेड अप्रोच पर काम करता है. यानी अर्थव्यवस्था किस चरण में है रिकवरी, एक्सपेंशन या स्लोडाउन इसी के आधार पर सेक्टर एलोकेशन तय किया जाता है. फिलहाल फंड का करीब 80 फीसदी निवेश डोमेस्टिक डिमांड से जुड़े सेक्टर्स में है. इसमें फाइनेंशियल सेक्टर की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है, जबकि ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन और चुनिंदा इंडस्ट्रियल सेक्टर्स भी पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा हैं. मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों के अनुसार पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा की जाती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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