UPS पर सरकार ने मारी पलटी, राज्‍यों पर छोड़ा इसे लागू करने का फैसला

सीतारमण ने कहा कि एकीकृत पेंशन योजना मौजूदा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को बेहतर बनाने का एक प्रयास है. यूपीएस के तहत सुनिश्चित पेंशन शुरू करने से कोई रोलबैक या यू-टर्न नहीं होगा.

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण Image Credit: PTI/gettyimages

केंद्रीय कर्मचारियों को साधने और उनकी बेहतरी के लिए केंद्र सरकार ने नई पेंशन व्‍यवस्‍था को लागू करने की घोषणा की थी, जिसका नाम एकीकृत पेंशन योजना (UPS) है. सरकार के इस ऐलान के बाद से ही यूपीएस को लेकर तमाम चर्चाएं हो रही हैं. कहा जा रहा था कि सरकार एनपीएस या दूसरी पेंशन व्‍यवस्‍था को खत्‍म कर अब यूपीएस को बढ़ावा देगी. हालांकि सरकार ने अब इस मामले में पलटी मार दी है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को इस पर सफाई देते हुए कहा कि यूपीएस राज्यों के लिए बाध्यता नहीं है क्योंकि वे अपने फैसले खुद लेने में सक्षम हैं. वित्‍त मंत्री ने इसी के साथ यूपीएस को दूसरे राज्‍यों में लागू किए जाने के निर्णय को वहां की सरकारों पर छोड़ दिया है.

सीतारमण ने यूपीएस पर अपनी पहली आधिकारिक टिप्पणी में कहा कि एकीकृत पेंशन योजना मौजूदा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को बेहतर बनाने का एक प्रयास है. यूपीएस के तहत सुनिश्चित पेंशन शुरू करने से कोई रोलबैक या यू-टर्न नहीं होगा. यह स्पष्ट रूप से एक नई व्‍यवथा है. बता दें यूपीएस को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए इसे “रोलबैक सरकार” कहा था. जिसके जवाब में सीतारमण ने कांग्रेस को “नारा (नारा लगाने वाली) पार्टी” कहा था.

टैक्‍स में नहीं होगा कोई बदलाव

सीतारमण ने कहा कि यूपीएस का मकसद पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और एनपीएस से उत्पन्न होने वाले मुद्दों का समाधान करना है. अगर किसी कर्मचारी की सेवा अवधि 25 साल से कम है तो यूपीएस के तहत उसे पेंशन प्रो रेटा के आधार पर दिया जाएगा. पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण यूपीएस के तहत फंड का प्रबंधन करना जारी रखेगा. सीतारमण ने यह भी साफ किया कि यूपीएस के तहत टैक्‍स व्‍यवस्‍था में कोई बदलाव नहीं होगा.

क्‍या है यूपीएस?

केंद्रीय सरकार की ओर से शुरू किए गए यूपीएस प्रणाली में केंद्रीय कर्मचारियों को निश्चित पेंशन मिलेगी. 25 साल की न्यूनतम योग्यता सेवा के बाद रिटायरमेंट से पहले पिछले 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत उन्‍हें पेंशन के तौर पर मिलेगा. यह फैसला अगले वित्तीय वर्ष के 1 अप्रैल से लागू होगा. यूपीएस से 2.3 मिलियन से अधिक केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लाभ होगा.