नॉन-फेरस मेटल की रिसाइकिलिंग से जुड़ी ये कंपनी IPO लाने की तैयारी में, DRHP किया फाइल; जानें डिटेल्स
नॉन-फेरस मेटल की रिसाइकिलिंग करने वाली कंपनी CMR ग्रीन टेक्नोलॉजीज ने सेबी में अपने प्रस्तावित IPO का आवेदन फिर से दाखिल किया है. यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा. इस OFS के तहत 4.28 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे. कंपनी ने यह जानकारी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में दी.
Upcoming IPO: हरियाणा की नॉन-फेरस मेटल की रीसाइक्लिंग कंपनी CMR Green Technologies Ltd आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है. कंपनी IPO के जरिए पूंजी जुटाने के लिए SEBI के पास आवेदन किया है. यह IPO पूरी तरह से प्रमोटर्स और निवेशक ग्लोबल स्क्रैप प्रोसेसर्स (Global Scrap Processors Ltd) के ऑफर फॉर सेल पर आधारित है. यानी इसके जरिए कंपनी खुद कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि पहले से मौजूद शेयरधारक और प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. इस OFS के तहत 4.28 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे. कंपनी ने यह जानकारी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में दी है.
कंपनी क्यों ला रही है IPO?
कंपनी ने अपने ड्राफ्ट पेपर्स में कहा कि लिस्टिंग से इसकी पहचान और ब्रांड इमेज बढ़ेगी और मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी मिलेगी. इस बिक्री में शामिल शेयरधारकों में प्रमोटर मोहन अग्रवाल, प्रमोटर ग्रुप के कुछ सदस्य और निवेशक Global Scrap Processors Ltd शामिल हैं. वर्तमान में CMR Green Technologies में प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी लगभग 87 फीसदी है, जबकि बाकि 13 फीसदी शेयर Global Scrap Processors के पास हैं.
दूसरी बार IPO की कोशिश
इससे पहले भी कंपनी ने सितंबर 2021 में IPO का प्लान बनाया था, जिसमें 300 करोड़ रुपये के नए शेयर और 3.34 करोड़ शेयर के OFS शामिल थे. फरवरी 2022 में उस प्लान को SEBI से मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन कंपनी ने उस समय पब्लिक ऑफर लाने का फैसला नहीं किया. अब बदलते बाजार हालात को देखते हुए कंपनी फिर से IPO लाने की तैयारी कर रही है.
कंपनी का बिजनेस और इंडस्ट्री में रोल
CMR Green Technologies भारत की प्रमुख मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों में गिनी जाती है. कंपनी का बिजनेस मॉडल मेटल स्क्रैप प्रोसेसिंग और अलॉय निर्माण पर आधारित है. कंपनी एल्युमिनियम अलॉय, जिंक अलॉय, और स्टेनलेस स्टील, कॉपर, ब्रास, लेड, मैग्नीशियम जैसी धातुओं को प्रोसेस करती है. इसके पास भारत में 13 स्ट्रैटेजिक रूप से स्थित रीसाइक्लिंग प्लांट्स हैं, जिससे इसकी सप्लाई चेन पूरे देश में फैली है. कंपनी का नेटवर्क इंटरनेशनल लेवल पर भी फैला है, जिसमें एशिया, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, यूरोप और अमेरिका शामिल हैं। इसके कस्टमर मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल सेक्टर के OEMs और Tier-1 सप्लायर्स हैं.
दिग्गज ऑटो कंपनियां है कस्टमर्स
CMR Green के बड़े ग्राहकों की लिस्ट में कई दिग्गज ऑटो कंपनियां शामिल हैं, जैसे Honda Cars India, Bajaj Auto, Hero MotoCorp, Royal Enfield Motors, Endurance Technologies, Rockman Industries, Craftsman Automation.
कंपनी के बारे में
CMR Green की स्थापना 2005 में हुई थी. कंपनी को वित्त वर्ष 2025 में 155 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ, जबकि साल 2024 में कंपनी को 838.6 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. फिलहाल कंपनी का मुकाबला Poddar Oxides & Chemicals, Gravita India और Baheti Recycling Industries जैसी लिस्टेड कंपनियों से है.
इसे भी पढ़ें- LEAP India IPO: कंपनी ने ड्राफ्ट पेपर किया दाखिल, 2400 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी; पैनासोनिक-हायर है क्लाइंट