SME IPO के निवेशकों को सेबी की चेतावनी, सोशल मीडिया टिप्स और ओवरसब्सक्रिप्शन के झांसे में न आएं
सेबी ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे एसएमई कंपनियों में निवेश करते समय सतर्क रहें और असत्यापित जानकारी, खासकर सोशल मीडिया पर फैलाए गए सुझावों या अफवाहों के आधार पर फैसला ना लें.
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) में निवेश के संबंध में निवेशकों को सलाह जारी की है. आइए जानते हैं सेबी ने क्या सलाह दी है.
क्या कहा सेबी ने
सेबी की चिंता कुछ एसएमई कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही ऐसी प्रथाओं से है जो निवेशकों को गुमराह कर सकती हैं. एसएमई प्लेटफ़ॉर्म, जो 2012 में शुरू हुआ था, ने छोटे व्यवसायों के लिए फंडिंग का एक नया रास्ता खोला है. पिछले दशक में 14,000 करोड़ से ज्यादा की राशि जुटाई जा चुकी है. 2023-24 में अकेले 6,000 करोड़ जुटाए गए हैं.
ये कंपनियां आमतौर पर अपने संचालन की बहुत सकारात्मक छवि पेश करती हैं और इसके बाद बोनस इश्यू, स्टॉक स्प्लिट या अन्य लाभकारी कदम उठाती हैं. जिससे निवेशकों में सकारात्मक भावना पैदा हो जिससे वह शेयर खरीदने में रुचि दिखाएं.
लेकिन ये कंपनियां सकारात्मक भावना को मेनुप्लेट करती हैं, जिससे प्रमोटरों को ऊंची कीमतों पर अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका मिल जाता है. सेबी ने पहले ही कई ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिसका विवरण उनकी वेबसाइट पर मौजूद है.
सेबी की निवेशकों की क्या है सलाह
सेबी निवेशकों को सलाह दी है कि वे एसएमई कंपनियों में निवेश करते समय सतर्क रहें और असत्यापित जानकारी, खासकर सोशल मीडिया पर फैलाए गए सुझावों या अफवाहों से बचें. निवेशकों को अपने फैसले गहन शोध और सटीक जानकारी पर आधारित करने चाहिए. इसके साथ ही सेबी ने ओवरसब्सक्रिप्शन के झांसे में न आने की सलाह दी है.
