बंधन म्यूचुअल फंड ने लॉन्च की नई स्कीम, जानें- निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स फंड से कैसे बनेगा पैसा
Bandhan Mutual Fund: बंधन निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स फंड उन निवेशकों के लिए बनाया गया है जो हाई रिस्क उठाने की क्षमता रखते हैं. लॉन्ग टर्म में वेल्थ क्रिएट करने में यह स्कीम मददगार साबित हो सकती है.
Bandhan Mutual Fund: बंधन म्यूचुअल फंड ने नया फंड लॉन्च करने का ऐलान किया है, जिसका नाम बंधन निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स फंड है.यह एक ओपन-एंडेड स्कीम है, जो दो निवेश फैक्टर- अल्फा और लो वोलैटिलिटी को जोड़ती है.निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स को ट्रैक करते हुए, फंड उन स्टॉक्स को चुनता है, जिन्होंने कम वोलैटिलिटी के साथ ऐतिहासिक रूप से जेनरेटेड अल्फा का प्रदर्शन किया है. इस स्ट्रैटजी के जरिए अनिश्चित मार्केट में संबंधित स्थिरता प्रदान करते हुए मजबूत ग्रोथ के अवसरों को प्राप्त करना है.
न्यू फंड ऑफर
इन दो फैक्टर्स को मिलाकर फंड मार्केट सायकिल्स में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने, अपसाइड की ओर संभावित प्रॉफिट को टार्गेट करने और डाउनसाइड की ओर रिस्क को कम करने का प्रयास करता है. न्यू फंड ऑफर (NFO) बुधवार, 08 जनवरी 2025 से सोमवार, 20 जनवरी 2025 के बीच ओपन रहेगा.
लॉन्ग टर्म में अधिक रिटर्न
फंड के ऑफर्स के बारे में जानकारी देते हुए बंधन एएमसी के सीईओ विशाल कपूर ने कहा कि आज निवेशकों को ऐसी रणनीतियों की जरूरत है, जो महत्वाकांक्षा को सावधानी के साथ बैलेंस करें. वहीं, प्रत्येक निवेश फैक्टर लॉन्ग टर्म में अतिरिक्त रिटर्न देने की रुझान रखता है. ये रिटर्न हमेशा कम समय के दायरे पर लगातार पॉजिटिव नहीं हो सकते हैं. यहीं पर हमारा मल्टी-फैक्टर एप्रोच फर्क डालता है.
स्ट्रैटजी ग्रोथ क्षमता
उन्होंने कहा कि बंधन निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स फंड की स्ट्रैटजी ग्रोथ क्षमता के लिए अल्फा को संबंधित स्थिरता के लिए लो वोलैटिलिटी के साथ जोड़ती है. इसका टार्गेट अलग-अलग बाजार स्थितियों में मजबूत रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न देना है. निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स ने ऐतिहासिक रूप से व्यापक मार्केट इंडेक्स और सिंगल-फैक्टर इडेक्स दोनों से बेहतर प्रदर्शन किया है.
किसके लिए डिजाइन है की गई है स्कीम
बंधन निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स फंड हाई रिस्क वाले इंवेस्टर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जो एक प्रभावशाली, मल्टी-फैक्टर स्ट्रैटजी के साथ अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो लॉन्गटर्म वेल्थ क्रिएशन, डायविर्सीफिकेशन और ग्रोथ क्षमता और स्थिरता के बीच बैलेंस बनाना चाहते हैं.
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