मिरै एसेट ने लॉन्च किया Nifty Metal ETF FoF, 23 फरवरी तक खुला है NFO; ₹5000 से शुरू कर सकते हैं निवेश
मिरै एसेट ने Nifty Metal ETF Fund of Fund लॉन्च किया है जो मेटल और माइनिंग सेक्टर में पैसिव निवेश का मौका देगा. इसका NFO 23 फरवरी तक खुला है. कंपनी के मुताबिक, यह फंड 5-7 साल के लॉन्ग टर्म नजरिये और पोर्टफोलियो में 5-10% एलोकेशन के साथ निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है.
मेटल और माइनिंग सेक्टर में निवेश का अवसर देने के लिए मिरै एसेट म्यूचुअल फंड ने नया Nifty Metal ETF Fund of Fund लॉन्च किया है. यह स्कीम सीधे शेयरों में निवेश नहीं करेगी, बल्कि मिरै एसेट निफ्टी मेटल ETF के यूनिट्स में निवेश कर निवेशकों को पूरे मेटल सेक्टर में पैसिव एक्सपोजर देगी. इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 10 फरवरी से खुल चुका है और 23 फरवरी तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा. इसके बाद 27 फरवरी से यह नियमित निवेश के लिए फिर से खुल जाएगा. मिरै एसेट म्यूचुअल फंड के नेशनल हेड ETF सेल्स उमेश कुमार डायला ने इस FoF को लेकर मनी9 से खास बातचीत की है. आइये जानते हैं कि उन्होंने क्या जानकारी दी है.
किसे ध्यान में रखकर इसे बनाया गया
उमेश कुमार डायला के मुताबिक, यह फंड निवेशकों को पूरे मेटल सेक्टर में विविध एक्सपोजर देता है. उन्होंने कहा कि जो निवेशक सीधे स्टॉक्स या ETF खरीदने में सहज नहीं हैं, उनके लिए फंड ऑफ फंड एक आसान विकल्प है क्योंकि इसमें पूरा निवेश अंडरलाइंग ETF में जाता है और निवेशक इंडेक्स के रिटर्न के साथ चलते हैं.
उनका कहना है कि मेटल सेक्टर साइक्लिकल होता है और इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है इसलिए इसमें निवेश करते समय लंबी अवधि का नजरिया रखना जरूरी है. डायला के अनुसार, निवेशकों को इस तरह के सेक्टोरल फंड में कम से कम 5-7 साल का निवेश नजरिया रखना चाहिए ताकि पूरे साइकिल का फायदा मिल सके. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सामान्य निवेशक अपने पोर्टफोलियो का करीब 5% से 10% हिस्सा ऐसे फंड में रख सकते हैं.
उन्होंने बताया कि मेटल सेक्टर पर चीन की मांग, कमोडिटी कीमतें और वैश्विक आर्थिक ग्रोथ जैसे फैक्टर्स असर डालते हैं, लेकिन भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और औद्योगिक मांग बढ़ने से सेक्टर को लंबी अवधि में समर्थन मिल सकता है. निवेशक SIP और लंपसम दोनों तरीके से इसमें निवेश कर सकते हैं.
कहां होगा निवेश
इस स्कीम के जरिए निवेशक स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर, जिंक और अन्य मेटल कंपनियों में अप्रत्यक्ष रूप से निवेश कर सकेंगे. फंड का बेंचमार्क निफ्टी मेटल टोटल रिटर्न इंडेक्स होगा जिसमें देश की प्रमुख मेटल और माइनिंग कंपनियां शामिल हैं. यह इंडेक्स फ्री-फ्लोट मार्केट कैप वेटेड है, यानी बड़ी कंपनियों का वेट ज्यादा रहेगा.
| क्रमांक | कंपनी का नाम | बेसिक इंडस्ट्री | वेट (%) | वर्गीकरण |
|---|---|---|---|---|
| 1 | टाटा स्टील लिमिटेड | आयरन एंड स्टील | 18.9 | फेरस मेटल |
| 2 | हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड | एल्यूमिनियम | 16.5 | नॉन-फेरस मेटल |
| 3 | वेदांता लिमिटेड | डाइवर्सिफाइड मेटल्स | 13.7 | नॉन-फेरस मेटल |
| 4 | जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड | आयरन एंड स्टील | 13.5 | फेरस मेटल |
| 5 | अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड | माइनिंग/मिनरल्स | 6.2 | नॉन-फेरस मेटल |
| 6 | जिंदल स्टील एंड पावर | आयरन एंड स्टील | 5.0 | फेरस मेटल |
| 7 | एपीएल अपोलो ट्यूब्स | आयरन एंड स्टील प्रोडक्ट्स | 4.4 | फेरस मेटल |
| 8 | नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी | एल्यूमिनियम | 4.1 | नॉन-फेरस मेटल |
| 9 | एनएमडीसी लिमिटेड | इंडस्ट्रियल मिनरल्स | 3.3 | नॉन-फेरस मेटल |
| 10 | हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड | जिंक | 3.2 | नॉन-फेरस मेटल |
| 11 | जेएसडब्ल्यू स्टील (अन्य) | आयरन एंड स्टील | 3.1 | फेरस मेटल |
| 12 | हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड | कॉपर | 2.7 | नॉन-फेरस मेटल |
| 13 | स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया | आयरन एंड स्टील | 2.6 | फेरस मेटल |
| 14 | लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी | इंडस्ट्रियल मिनरल्स | 2.1 | नॉन-फेरस मेटल |
| 15 | वेल्सपुन कॉर्प लिमिटेड | आयरन एंड स्टील प्रोडक्ट्स | 1.1 | फेरस मेटल |
NFO के लिए निवेश राशि
NFO के दौरान न्यूनतम निवेश राशि 5,000 रुपये रखी गई है, इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है. यह स्कीम उन निवेशकों के लिए खास मानी जा रही है जो सीधे ETF खरीदने में सहज नहीं हैं और म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के जरिए SIP या लंपसम निवेश करना चाहते हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
