8वें वेतन आयोग में सरकारी टीचर्स की बल्ले-बल्ले, इन लोगों को मिल सकती है ₹1.34 लाख की बेसिक सैलरी, इस लेवल के लोगों को भी होगा बंपर फायदा
8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी उम्मीदें बन रही हैं. शिक्षकों के संगठन ने अपने प्रस्ताव में एंट्री लेवल शिक्षकों के लिए 1.34 लाख रुपये तक बेसिक सैलरी की मांग की है. इसके साथ ही 50,000 रुपये न्यूनतम वेतन, ज्यादा भत्ते और पुरानी पेंशन योजना की वापसी जैसे सुझाव भी दिए गए हैं, जिससे कई स्तर के कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है.
8th Pay Commission teachers salary: केंद्रीय सरकारी शिक्षकों के वेतन में बदलाव को लेकर बड़ी अपडेट आई है. 8वें वेतन आयोग से पहले शिक्षकों के संगठन ने ऐसी मांगें रखी हैं, जिससे उनकी सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. इसके तहत न्यूनतम वेतन 50,000 से लेकर 1.34 लाख रुपये तक की बेसिक सैलरी, ज्यादा भत्ते और पुरानी पेंशन योजना की वापसी जैसी मांग है.
न्यूनतम सैलरी 50,000 रुपये की मांग
केंद्रीय सरकारी शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच (PSNM) ने 8वें वेतन आयोग को अपना मेमोरेंडम सौंपा है. इसमें लेवल-1 कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक वेतन 50,000 से 60,000 रुपये तक करने की मांग की है. वहीं, एंट्री लेवल शिक्षक (लेवल-6) के लिए न्यूनतम बेसिक वेतन 1,34,500 रुपये रखने की मांग की है.
फिटमेंट फैक्टर और सैलरी ग्रोथ
संगठन ने फिटमेंट फैक्टर को 2.62 से बढ़ाकर 3.83 तक करने की मांग रखी है. इसके साथ ही सालाना इंक्रीमेंट 6 से 7 फीसदी तक करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे सैलरी में करीब 10 फीसदी सालाना बढ़ोतरी संभव हो सके. ऐसे में अगर तुलना करें तो 7वें वेतन आयोग में लेवल-1 कर्मचारी की बेसिक सैलरी कि तो 18,000 रुपये थी, फिटमेंट फैक्टर 2.57 और इंक्रीमेंट 3 फीसदी था.
भत्तों में भी बदलाव मांग
PSNM ने हाउस रेंट अलाउंस को 10 फीसदी, 20 फीसदी और 30 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी, 24 फीसदी और 36 फीसदी करने की मांग की है. ट्रांसपोर्ट अलाउंस को भी बढ़ाकर बेसिक सैलरी का 12 फीसदी से 15 फीसदी करने और न्यूनतम 9000 रुपये तय करने का प्रस्ताव दिया गया है. इसके अलावा, हर महीने 2,000 रुपये का डिजिटल सपोर्ट अलाउंस भी मांगा है.
बच्चों की पढ़ाई और मेडिकल सुविधा
संगठन ने बच्चों की शिक्षा के लिए मिलने वाले भत्ते को बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है. साथ ही सभी शिक्षकों के लिए 100 फीसदी कैशलेस मेडिकल सुविधा (ओपीडी और आईपीडी दोनों) लागू करने का प्रस्ताव रखा है.
छुट्टियां, प्रमोशन और बीमा
PSNM ने साल में 14 दिन कैजुअल लीव, 30 दिन अर्जित अवकाश और 20 दिन मेडिकल लीव की मांग की है. रिटायरमेंट पर अर्जित अवकाश कैश कराने की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने की बात कही है. ग्रुप इंश्योरेंस कवर को बढ़ाकर 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव भी रखा गया है.
प्रमोशन और पेंशन पर बड़ी मांग
संगठन ने प्रमोशन की समयसीमा को 10, 20, 30 साल से घटाकर 6, 12, 18 और 24 साल करने की मांग की है. इसके अलावा, नई पेंशन योजना को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने और रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 65 साल करने का प्रस्ताव भी दिया गया है.
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