इनकम टैक्स रिफंड पर मिला ब्याज तो न भूलें ये काम, वरना लगेगा टैक्स, जानें 2025 एक्ट की धारा 437 और 92
इनकम टैक्स रिफंड के साथ मिला इंटरेस्ट भी टैक्स के दायरे में आता है. यह राशि इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस में जोड़ी जाती है और जिस वित्त वर्ष में इंटरेस्ट मिलता है, उसी साल की कुल इनकम में शामिल करनी होती है. इस पर आपके लागू टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है.
Refund Interest Taxable: पिछले कुछ दिनों से कई टैक्सपेयर्स को पेंडिंग इनकम टैक्स रिफंड मिलना शुरू हुआ है. कुछ लोगों को रिफंड के साथ इंटरेस्ट भी मिला है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस इंटरेस्ट पर टैक्स देना होगा. अगर आपने भी रिफंड के साथ इंटरेस्ट प्राप्त किया है तो आपको इसके नियम समझने जरूरी हैं. सही जानकारी न होने पर ITR फाइल करते समय गलती हो सकती है.
रिफंड पर मिला इंटरेस्ट क्या टैक्सेबल है
अगर आपको इनकम टैक्स रिफंड के साथ इंटरेस्ट मिला है तो यह पूरी तरह टैक्सेबल है. यह राशि इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस के तहत जोड़ी जाती है. मान लीजिए आपको वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इंटरेस्ट मिला है तो इसे वित्त वर्ष 2025 26 की कुल इनकम में शामिल करना होगा. इस पर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा.
इंटरेस्ट कब और कैसे जोड़ा जाएगा
रिफंड पर मिला इंटरेस्ट उस साल की इनकम माना जाता है जिस साल आपको वह प्राप्त हुआ. ITR भरते समय इसे अलग से दिखाना जरूरी है. यदि आपने इसे नहीं जोड़ा तो बाद में नोटिस आ सकता है. इसलिए रिफंड के साथ मिले हर रुपये का सही हिसाब रखें.
किस रेट से मिलता है इंटरेस्ट
टैक्स विभाग रिफंड पर साधारण इंटरेस्ट देता है. यह दर 6 फीसदी सालाना यानी हर महीने शून्य 0.5 फीसदी होती है. अगर आपने रिटर्न देरी से फाइल किया है तो इंटरेस्ट की कैलकुलेशन फाइलिंग की तारीख से की जाती है. साथ ही अगर देरी आपकी वजह से है तो उस अवधि का इंटरेस्ट नहीं मिलेगा.
कब नहीं मिलेगा इंटरेस्ट
हर रिफंड पर इंटरेस्ट नहीं मिलता. अगर रिफंड की राशि कुल टैक्स देनदारी के 10 फीसदी से कम है तो इंटरेस्ट देय नहीं होता. इसके अलावा अगर देरी टैक्सपेयर्स की वजह से हुई है तो उस हिस्से पर इंटरेस्ट नहीं दिया जाएगा.
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कानून में क्या है प्रावधान
इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 437 के तहत रिफंड पर इंटरेस्ट देने का प्रावधान है. वहीं धारा 92 के अनुसार यह इंटरेस्ट इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस के तहत टैक्सेबल माना जाता है. यानी रिफंड का इंटरेस्ट फ्री इनकम नहीं है और इसे ITR में शामिल करना अनिवार्य है.
