अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर भी मिलेगी ये स्पेशल छूट, ITAT का अहम फैसला, टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत

निवेशकों के लिए बड़ी राहत! इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के एक ताजा फैसले के अनुसार, अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर भी धारा 87A के तहत टैक्स रिबेट का लाभ मिलेगा. पहले यह छूट केवल शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) पर ही लागू होती थी. इससे लंबी अवधि के निवेशकों को काफी फायदा होगा.

Tax Rebate Image Credit: Canva/ Money9

Section 87A tax rebate: लंबी अवधि में मुनाफा कमाने वाले निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है. अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर भी इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87A के तहत टैक्स रिबेट मिलेगी. मौजूदा वक्त में इस धारा के तहत शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) पर ही छूट मिलती है. ET की रिपोर्ट के अनुसार, इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल की चेन्नई बेंच एक फैसला सुनाते हुए इस टैक्स रिबेट की इजाजत दी है. इसलिए लंबी अवधि में मुनाफा कमाने वाले भी टैक्स रिबेट का लाभ ले सकेंगे.

छूट की क्या है सीमा?

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87A के अनुसार, न्यू टैक्स रिजीम (वित्त वर्ष 2024-25) के तहत 7 लाख रुपये कमाने वाले और ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत 5 लाख रुपये कमाने वाले टैक्स रिबेट पा सकते हैं. न्यू टैक्स रिजीम में 25,000 रुपये की छूट मिलती है, तो वहीं ऑल्ड टैक्स रिजीम में 12,500 रुपये छूट मिलती है.

क्या है पूरा मामला?

तमिलनाडु के वेंकटरमन नाम के एक टैक्सपेयर ने इनकम टैक्स रिटर्न (AY 2024-25) में धारा 87A के तहत 12,500 रुपये का रिबेट पाने का दावा किया था, जिसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) ने रिजेक्ट कर दिया गया था.

विभाग का तर्क था कि लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर धारा 87A की रिबेट सुविधा का लाभ नहीं दिया जा सकता है क्योंकि इस पर स्पेशल रेट से टैक्स लगता है. वेंकटरमन ने इस ऑर्डर के खिलाफ कमिश्नर ऑफ अपील्स के पास अपील दायर की, लेकिन अपीलीय अधिकारी ने अपील खारिज कर दी. इस प्रकार, उन्हें कुल आय 4.97 लाख रुपये में शामिल LTCG पर रिबेट का लाभ नहीं मिल सका.

20 अगस्त को इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल की चेन्नई बेंच ने आदेश दिया कि वेंकटरमन को टैक्स छूट के दावे की इजाजत है. इस आधार पर अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर भी इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87A के तहत टैक्स रिबेट मिलेगी.

STCG vs LTCG

STCG – जब कोई कैपिटल एसेट (जैसे शेयर, म्यूचुअल फंड, संपत्ति आदि) को एक निश्चित अवधि से कम समय तक रखने के बाद बेचा जाता है, तो उससे होने वाला लाभ STCG कहलाता है.

कितना लगता है टैक्स?

नोट: 23 जुलाई 2024 से पहले इक्विटी शेयरों और इक्विटी-उन्मुख म्यूचुअल फंडों पर उत्पन्न होने वाले किसी भी एसटीसीजी पर 15% कर लगाया जाएगा.

LTCG – जब कोई कैपिटल एसेट को निश्चित अवधि से अधिक समय तक रखने के बाद बेचा जाता है, तो उससे होने वाला लाभ LTCG कहलाता है.

कितना लगता है टैक्स?

यह भी पढ़ें: सावधान! अब आपकी नजर ही बन सकती है हैकर्स का हथियार, आंखों की पुतली से हो रही ठगी, ऐसे रहें सेफ