निवेश के लिए बेस्ट ऑप्शन! 10 साल में Nifty 50 ने दिया सबसे अधिक रिटर्न, गोल्ड भी पीछे नहीं, जानें FD का क्या है हाल

निवेशकों के सामने अक्सर सवाल होता है कि पैसा कहां लगाएं - शेयर बाजार, सोना या एफडी? हर विकल्प के अपने फायदे और नुकसान हैं. शेयर बाजार में रिटर्न ज्यादा मिलने की उम्मीद होती है, सोना सुरक्षित माना जाता है, और एफडी में पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है. कोई एक जवाब सही नहीं है, क्योंकि हर साल इनके रिटर्न बदलते रहते हैं. अपनी जरूरतों के हिसाब से चुनाव करना सबसे अच्छा होता है. अगर आप जानना चाहते हैं कि पिछले 10 साल में इन तीनों में किसने शानदार रिटर्न दिया है तो पढ़ें पूरी खबर.

Gold vs Nifty 50 vs FD Image Credit: Grok

Gold vs Nifty 50 vs FD: निवेश और रिटर्न एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. निवेशक इनवेस्टमेंट से पहले या तो रिटर्न देने की क्षमता देखता है या ये देखता है कि उसका पैसा सुरक्षित है कि नहीं. हाई रिटर्न पाने की चाहत रखने वाले निवेशक शेयर बाजार में निवेश करता है जहां रिटर्न की उम्मीद ज्यादा होती है, लेकिन ये भी मार्केट की स्थिति के अनुसार तय होता है. वहीं अपनी निवेश की राशि को सुरक्षित रखने वाले FD जैसे विकल्प की ओर रुख करते हैं.

बहुत सारे निवेशक सोचते हैं कि शेयर, सोना या फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में से कहां निवेश करने पर सबसे ज्यादा रिटर्न हासिल किया जा सकता है. इसका कोई फिक्स जवाब नहीं है क्योंकि हर साल इनकी परफॉर्मेंस बदलती रहती है. लेकिन लंबे समय के ट्रेंड्स को देखकर हमें आने वाले दिनों में क्या उम्मीद कर सकते हैं, इसका आईडिया मिल जाता है.

Gold vs Nifty 50 vs FD

अगर हम सोना, निफ्टी 50 टीआरआई इंडेक्स और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को चुनें, तो ये तीनों अलग-अलग हैं और एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं. सोना महंगाई से बचाव के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन इसकी कीमत कब बढ़ेगी, यह अनुमान लगाना मुश्किल है. निफ्टी 50 टीआरआई पूरी तरह शेयर बाजार पर आधारित है, जो भारत की टॉप 50 कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिनकी मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा है. लेकिन इसकी परफॉर्मेंस भी बहुत उतार-चढ़ाव वाली होती है. वहीं, एफडी फिक्स्ड रिटर्न देती है, लेकिन इसका ब्याज दर अक्सर निवेश के दूसरे विकल्प से कम होता है. फिर भी, कम रिस्क की वजह से कई लोग अपने पोर्टफोलियो में एफडी रखते हैं, ताकि डेट हिस्सा कवर हो.

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सोना का प्रदर्शन

फिजिकल सोने की 10 साल पुरानी वैल्यू जानने के लिए सबसे अच्छा परफॉर्म करने वाले गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) को ट्रैक किया जा सकता है. गोल्ड ईटीएफ सोने का इलेक्ट्रॉनिक रूप है, जो 99.5 फीसदी शुद्ध फिजिकल गोल्ड है. वैल्यू रिसर्च के डेटा से हवाले से ET ने लिखा कि 26 अगस्त 2025 तक, आदित्य बिड़ला सन लाइफ गोल्ड फंड – डायरेक्ट प्लान ने 10 सालों में सबसे ज्यादा 13.46 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है.

अगर आपने 10 साल पहले गोल्ड ईटीएफ में 1 लाख रुपये निवेश किया होता तो आज 13.46 फीसदी रिटर्न की दर से यह वैल्यू 3,53,531 रुपये हो गई होती.

निफ्टी 50 TRI इंडेक्स का 10 साल का रिटर्न

निफ्टी 50 (बीएसई सेंसेक्स के अलावा) भारतीय शेयर बाजार का एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क है, जो मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर भारत की टॉप 50 कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है. निफ्टी 50 इंडेक्स सिर्फ प्राइस इंडेक्स है, लेकिन निफ्टी 50 टीआरआई में डिविडेंड भी शामिल होता है.

यह इंडेक्स शेयर बाजार और भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत संकेतक है. सामान्य स्टॉक इंडेक्स सिर्फ कैपिटल बढ़ोतरी दिखाता है, लेकिन टीआरआई इंडेक्स डिविडेंड जैसी अन्य आय को भी जोड़कर पूरा रिटर्न दिखाता है.26 अगस्त 2015 को निफ्टी 50 टीआरआई इंडेक्स 10,348 के स्तर पर था. 26 अगस्त 2025 को यह 37,138 पर पहुंच गया. इससे पता चलता है कि इंडेक्स ने 13.62 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है.

अगर 10 साल पहले निफ्टी 50 इंडेक्स फंड में ग्रोथ ऑप्शन के साथ 1 लाख रुपये लगाए होते, तो 26 अगस्त 2025 तक यह वैल्यू लगभग 3,58,548 रुपये हो जाती.

SBI FD से पिछले 10 सालों का रिटर्न

बैंक और छोटे बैंक 7 दिन से 10 साल तक की एफडी ऑफर करते हैं. निवेश के समय ब्याज दर तय होती है. कम रिस्क वाले निवेशक, फिक्स्ड इनकम चाहने वाले और रिटायर्ड लोग अक्सर एफडी में पैसा लगाते हैं. 5 साल की टैक्स सेवर एफडी में ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्स बेनिफिट भी मिलता है.

ET की एक रिपोर्ट के अनुसार, एसबीआई की 10 साल की एफडी रेट 8.25 फीसदी (26 अगस्त 2015) है. इस दर पर अगर आपने 1 लाख रुपये निवेश किया होगा, तो आज यह राशि बढ़कर 2,26,281 रुपये हो गई होगी.

किसमें कितना है दम?

पिछले 10 सालों के डेटा को देखें, तो निफ्टी टीआरआई इंडेक्स ने सबसे ज्यादा 13.62 फीसदी रिटर्न दिया है, जो सोने के 13.46 फीसदी से थोड़ा ज्यादा है. एफडी 8.25 फीसदी रिटर्न के साथ काफी पीछे है. लेकिन याद रखें, ये पिछले रिटर्न हैं और भविष्य में इन्हें दोहराने की कोई गारंटी नहीं है. रिटर्न इससे बेहतर भी मिल सकता है और इससे बुरा भी.

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