SIP से दौलत बनाने का दमदार जरिया बने ये 4 मिडकैप फंड, कंपनियों में निवेश से इन्वेस्टर हुए मालामाल; तगड़ा है रिटर्न
भारत में मिडकैप फंड्स ने पिछले कुछ सालों में शानदार रिटर्न दिए हैं और कई बार लार्जकैप फंड्स से भी बेहतर प्रदर्शन किया है. AMFI और ACE MF के आंकड़ों के आधार पर यहां हम आपको 4 मिडकैप फंड्स की जानकारी दी है. इसमें हमने इन फंड्स के फंडामेंटल्स के साथ-साथ रिटर्न की जानकारी शामिल की है.

Top 4 Mid Cap Mutual Fund For SIP: भारतीय निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंड्स को लेकर दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है और खासकर सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP की लोकप्रियता अब नए स्तर पर पहुंच चुकी है. म्यूचुअल फंड्स एसोसिएशन (AMFI) के आंकड़े यह दिखाते हैं कि लंबी अवधि में दौलत बनाने के लिए SIP निवेशकों का पसंदीदा विकल्प बन चुका है. अगर आप ऐसे निवेशक हैं जो थोड़ी ज्यादा रिस्क लेने को तैयार हैं और आपका इन्वेस्टमेंट ड्यूरेशन कम से कम आठ से दस साल का है, तो मिडकैप फंड आपके पोर्टफोलियो में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
क्या होता है मिडकैप फंड?
मिडकैप कंपनियां वे होती हैं जिनकी मार्केट कैपिटलाइजेशन रैंकिंग 101 से 250 के बीच होती है. इन्हें स्मॉलकैप से बेहतर माना जाता है क्योंकि इनके पास पूंजी तक ज्यादा पहुंच होती है, इनके मैनेजमेंट मजबूत होते हैं और यह कंपनियां तेजी से बदलते ट्रेंड को अपनाने में सक्षम होती हैं. यही वजह है कि इनमें भविष्य में बड़े कैप या ब्लूचिप बनने की क्षमता होती है. पिछले कुछ सालों में मिडकैप शेयरों ने लार्जकैप की तुलना में शानदार रिटर्न दिए हैं. भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार, कंपनियों के उम्मीद से ज्यादा अच्छे नतीजे और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने इस तेजी में बड़ी भूमिका निभाई है. अब हम आपको चार ऐसे मिडकैप फंड्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने पिछले दस सालों में लगातार निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं.
Invesco India Mid Cap Fund
इन्वेस्को इंडिया मिडकैप फंड अप्रैल 2007 में लॉन्च हुआ था. महामारी के बाद इस फंड की संपत्ति यानी AUM तेजी से बढ़ी और जुलाई 2025 तक यह 7,800 करोड़ रुपये से ज्यादा पर पहुंच गई. यह फंड पूरी तरह से ग्रोथ-ओरिएंटेड है और इसमें निवेश का तरीका बॉटम-अप स्टाइल है. यानी फंड मैनेजर कंपनियों की बुनियाद, उनकी वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल और मैनेजमेंट की क्षमता देखकर निवेश का फैसला लेते हैं.
इस फंड की फिलॉसफी बहुत साफ है- केवल उन्हीं कंपनियों में निवेश करना जिनमें लंबे समय में ग्रोथ की संभावना हो और जो कैपिटल का बेहतर इस्तेमाल कर सकती हों. फंड आम तौर पर 45 से 50 स्टॉक्स में निवेश करता है और इस तरह यह पोर्टफोलियो को पर्याप्त विविधता देता है. जुलाई 2024 तक इस फंड में 48 कंपनियों के शेयर थे, जिनमें टॉप 10 का वजन लगभग 41 फीसदी था. इनमें बीएसई, ग्लेनमार्क फार्मा और स्विगी जैसी कंपनियां शामिल थीं.
स्टॉक और रिटर्न
अगर सेक्टर की बात करें तो वित्तीय सेवाएं, हेल्थकेयर और रिटेल इस फंड के सबसे बड़े सेक्टर हैं, जिनका संयुक्त हिस्सा 52 फीसदी से ज्यादा है. पिछले एक साल में इस फंड का पोर्टफोलियो टर्नओवर 40 से 80 फीसदी के बीच रहा. दस साल की SIP अवधि में इस फंड ने निवेशकों को 23.46 फीसदी का XIRR रिटर्न दिया है जबकि इसका बेंचमार्क निफ्टी मिडकैप 150 TRI ने 20.58 फीसदी का रिटर्न दिया. यानी अगर किसी निवेशक ने दस साल तक हर महीने 10,000 रुपये की SIP की होती, तो कुल 12 लाख रुपये का निवेश आज 41.5 लाख रुपये से ज्यादा हो चुका होता.
स्कीम | Total Amount Invested (₹) | Present Value (₹) | SIP XIRR (%) | Benchmark (Nifty Midcap 150 TRI) XIRR (%) | Duration |
---|---|---|---|---|---|
Invesco India Mid Cap Fund | 12,00,000 | 41,50,805 | 23.46 | 20.58 | 10 Years |
Edelweiss Mid Cap Fund
एडलवाइस मिडकैप फंड दिसंबर 2007 में शुरू हुआ था. शुरू में इसका नाम एडलवाइस मिड एंड स्मॉल कैप फंड था लेकिन बाद में कैटेगरी के नियम बदलने के बाद इसे मिडकैप फंड के रूप में पहचाना गया. महामारी के बाद इसके AUM में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और जुलाई 2025 तक यह 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया.
यह फंड भी क्वालिटी बिजनेस पर ध्यान देता है. ऐसे बिजनेस जिनके पास अच्छे प्रोडक्ट्स और सर्विसेज हों, प्रॉफिटेबल हों और जिन्हें कुशल मैनेजमेंट चला रहा हो. फंड का तरीका भी बॉटम-अप है, यानी कंपनी की ताकत देखकर ही निवेश किया जाता है. जुलाई 2025 तक इसमें 81 स्टॉक्स शामिल थे और टॉप 10 का हिस्सा 25.5 फीसदी था. इनमें मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और कोफोर्ज जैसी कंपनियां प्रमुख थीं.
स्टॉक और रिटर्न
सेक्टर एक्सपोजर देखें तो फाइनेंस, हेल्थकेयर और आईटी इसके तीन बड़े सेक्टर हैं, जिनका कुल हिस्सा 35 फीसदी से ज्यादा है. पोर्टफोलियो टर्नओवर पिछले एक साल में 40-50 फीसदी के बीच रहा है. दस साल की SIP अवधि में इस फंड ने 23.08 फीसदी का रिटर्न दिया है. यानी हर महीने 10,000 रुपये की SIP से 12 लाख रुपये का निवेश आज लगभग 40.7 लाख रुपये हो चुका है.
स्कीम | Total Amount Invested (₹) | Present Value (₹) | SIP XIRR (%) | Benchmark (Nifty Midcap 150 TRI) XIRR (%) | Duration |
---|---|---|---|---|---|
Edelweiss Mid Cap Fund | 12,00,000 | 40,66,604 | 23.08 | 20.58 | 10 Years |
Nippon India Growth Mid Cap Fund
निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फंड अक्टूबर 1995 में लॉन्च हुआ था और यह मिडकैप कैटेगरी का सबसे पुराना फंड है. शुरुआत में यह मल्टीकैप फंड हुआ करता था लेकिन 2017 में इसे मिडकैप कैटेगरी में शामिल कर दिया गया. जुलाई 2025 तक इस फंड का AUM 38,500 करोड़ रुपये से ज्यादा था, जिससे यह कैटेगरी का तीसरा सबसे बड़ा फंड बन गया.
इस फंड की खासियत यह है कि यह Growth at Reasonable Price यानी GARP स्ट्रैटेजी अपनाता है. यानी फंड मैनेजर ऐसी कंपनियां चुनते हैं जिनमें ग्रोथ की संभावना हो लेकिन कीमत भी वाजिब हो. यह फंड मोमेंटम बेस्ड स्टॉक्स से बचता है और लंबे समय तक अच्छे क्वालिटी स्टॉक्स को पोर्टफोलियो में बनाए रखता है.
स्टॉक और रिटर्न
जुलाई 2025 तक इसमें 96 स्टॉक्स थे. टॉप 10 का हिस्सा 23.5 फीसदी रहा जिनमें बीएसई, फोर्टिस हेल्थकेयर और चोलामंडलम फाइनेंशियल जैसी कंपनियां शामिल थीं. सेक्टर की बात करें तो वित्तीय सेवाएं, ऑटो व एन्सिलरी और हेल्थकेयर इसके तीन बड़े सेक्टर हैं. इस फंड का टर्नओवर रेशियो भी काफी कम यानी 9-22 फीसदी के बीच रहा, जो बताता है कि इसमें ज्यादातर स्टॉक्स लंबे समय के लिए रखे जाते हैं. पिछले दस साल में इस फंड ने 22.25 फीसदी का SIP रिटर्न दिया है. यानी दस साल की अवधि में 10,000 रुपये की मासिक SIP का कुल निवेश 12 लाख रुपये से बढ़कर आज लगभग 38.9 लाख रुपये हो गया है.
स्कीम | Total Amount Invested (₹) | Present Value (₹) | SIP XIRR (%) | Benchmark (Nifty Midcap 150 TRI) XIRR (%) | Duration |
---|---|---|---|---|---|
Nippon India Growth Mid Cap Fund | 12,00,000 | 38,88,723 | 22.25 | 20.58 | 10 Years |
HDFC Mid Cap Fund
एचडीएफसी मिडकैप फंड जून 2007 में लॉन्च हुआ था और इसे पहले एचडीएफसी मिडकैप अपॉर्च्युनिटीज फंड कहा जाता था. यह फंड अपनी कैटेगरी का सबसे बड़ा फंड है और जुलाई 2025 तक इसका AUM 83,800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है.
इस फंड ने हर तरह के बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया है और लंबे समय तक यह टॉप क्वार्टाइल्स परफॉर्मर बना रहा है. इसकी निवेश रणनीति यह है कि केवल उन्हीं कंपनियों को पोर्टफोलियो में शामिल किया जाए जिनमें ग्रोथ की संभावना हो, बिजनेस मॉडल टिकाऊ हो और वैल्यूएशन भी सही हो. इसका तरीका भी बॉटम-अप है और फंड मैनेजर ट्रेंड के पीछे भागने की बजाय अपने चुने हुए स्टॉक्स पर भरोसा रखते हैं.
स्टॉक और रिटर्न
जुलाई 2025 तक इस फंड में 73 स्टॉक्स थे और टॉप 10 का हिस्सा लगभग 32 फीसदी रहा. इनमें मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज और कोफोर्ज जैसे नाम शामिल थे. सेक्टर एक्सपोजर देखें तो ऑटो और ऑटो एन्सिलरी, बैंकिंग और हेल्थकेयर इसके तीन बड़े सेक्टर हैं. पिछले एक साल में इसका टर्नओवर केवल 15-25 फीसदी के बीच रहा, जो बताता है कि यह फंड लंबी अवधि की सोच से निवेश करता है. इस फंड ने दस साल की SIP अवधि में 21.56 फीसदी का रिटर्न दिया है. यानी 10,000 रुपये की मासिक SIP का निवेश दस साल में 12 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 37.5 लाख रुपये हो गया है.
स्कीम | Total Amount Invested (₹) | Present Value (₹) | SIP XIRR (%) | Benchmark (Nifty Midcap 150 TRI) XIRR (%) | Duration |
---|---|---|---|---|---|
HDFC Mid Cap Fund | 12,00,000 | 37,45,407 | 21.56 | 20.58 | 10 Years |
रिस्की…लेकिन?
यह साफ है कि मिडकैप फंड्स में लंबी अवधि तक निवेश करने से निवेशकों को शानदार रिटर्न मिल सकते हैं. इक्विटीमास्टर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मिड कैप में जोखिम भी लार्जकैप की तुलना में ज्यादा है. अभी निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स का P/E रेशियो 33 है, जो इसके पिछले पांच साल के औसत 29 से ज्यादा है. यानी मिडकैप शेयर इस समय महंगे स्तर पर हैं. ऐसे में SIP निवेशकों के लिए सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि इसमें रुपये की लागत औसत करने का फायदा मिलता है और बाजार की अस्थिरता का असर कम हो जाता है. फिर भी निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता, अपने लक्ष्य और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है.
डिस्क्लेमर: मनी9लाइव किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories

जियो पेमेंट्स बैंक ला रहा नया प्रोडक्ट, खाते में पड़ा पैसा करेगा ऑटोमैटिक कमाई

स्मॉल-कैप vs मिड-कैप vs लार्ज-कैप: 10 साल में किस कैटेगरी के फंड ने दिया सबसे अधिक रिटर्न, कौन बना मार्केट हीरो?

SWP साबित होगा निवेशकों के लिए नया गेम-चेंजर, SIP और बीमा बोनस से भी है बेहतर; एक्सपर्ट ने बता दी वजह
