केवल रूल ऑफ 72 ही नहीं ये 8 फॉर्मूले भी हैं कमाल के, बैंक अकाउंट में बढ़ते जाएंगे पैसे
पर्सनल फाइनेंस के 9 गोल्डन रूल्स हर व्यक्ति को अपनी इनकम और खर्च को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करते हैं. रूल ऑफ 72 और 70 से निवेश और महंगाई को समझा जा सकता है. 50 30 20 और 6 महीने का इमरजेंसी फंड आर्थिक सुरक्षा देते हैं. वहीं 100 माइनस एज और 4 परसेंट नियम निवेश और रिटायरमेंट प्लानिंग को आसान बनाते हैं. इन नियमों को अपनाकर आप मजबूत फाइनेंशियल भविष्य बना सकते हैं.

Personal Finance Rules: आज के समय में कमाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि उस पैसे को सही तरीके से मैनेज करना ज्यादा जरूरी हो गया है. कई लोग अच्छी सैलरी के बावजूद बचत नहीं कर पाते और भविष्य के लिए तैयार नहीं होते. ऐसे में पर्सनल फाइनेंस के कुछ आसान नियम आपकी मदद कर सकते हैं. ये नियम न केवल निवेश को समझने में मदद करते हैं बल्कि आपको आर्थिक रूप से सुरक्षित भी बनाते हैं. अगर आप इन गोल्डन रूल्स को अपनाते हैं तो आप अपने पैसे को बेहतर तरीके से बढ़ा सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 9 जरूरी नियम जो हर किसी को अपनाने चाहिए.
क्या है रूल ऑफ 72
रूल ऑफ 72 आपको बताता है कि आपका पैसा कितने साल में डबल होगा. इसके लिए 72 को इंटरेस्ट रेट से भाग देना होता है. वहीं रूल ऑफ 70 से पता चलता है कि महंगाई के कारण पैसे की वैल्यू कितने साल में आधी हो जाएगी. यह नियम निवेश और महंगाई दोनों को समझने के लिए बेहद जरूरी है. इससे आप सही जगह निवेश करने का फैसला ले सकते हैं.
रिटायरमेंट के लिए 4 परसेंट नियम अपनाएं
रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम जरूरी होती है. 4 परसेंट नियम के अनुसार आप अपनी कुल बचत का 4 फीसदी हर साल निकाल सकते हैं. इससे आपका पैसा लंबे समय तक चलता है. यह नियम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हैं. इससे आप बिना तनाव के खर्च चला सकते हैं.
उम्र के हिसाब से निवेश तय करें
100 माइनस एज नियम के अनुसार आपकी उम्र जितनी कम है, उतना ज्यादा पैसा इक्विटी में लगाना चाहिए. उदाहरण के लिए अगर आपकी उम्र 30 साल है तो 70 फीसदी निवेश इक्विटी में होना चाहिए. इससे लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलता है. यह नियम जोखिम और रिटर्न के बीच बैलेंस बनाता है.
कमाई को सही तरीके से बांटना सीखें
50, 30, 20 नियम आपकी इनकम को तीन हिस्सों में बांटता है. 50 फीसदी जरूरतों के लिए, 30 फीसदी शौक के लिए और 20 फीसदी बचत के लिए रखना चाहिए. यह तरीका आपको डिसिप्लिन में रखता है और फालतू खर्च से बचाता है. इससे धीरे- धीरे अच्छी बचत बनती है.
इमरजेंसी और कर्ज पर कंट्रोल जरूरी
6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखना बहुत जरूरी है. इससे अचानक आने वाली परेशानी में मदद मिलती है. साथ ही 40 फीसदी EMI नियम कहता है कि आपकी मासिक EMI आपकी इनकम के 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इससे कर्ज का बोझ नहीं बढ़ता और फाइनेंस बैलेंस रहता है.
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इंश्योरेंस और निवेश का सही बैलेंस रखें
लाइफ इंश्योरेंस का नियम कहता है कि आपका कवर आपकी सालाना इनकम का 10 से 15 गुना होना चाहिए. इससे परिवार को सिक्योरिटी मिलती है. वहीं 10, 5, 3 नियम के अनुसार अलग- अलग निवेश साधनों से अलग रिटर्न मिलता है. इक्विटी में ज्यादा रिटर्न मिलता है जबकि सेविंग में कम. सही बैलेंस बनाना जरूरी है.