1 जनवरी से ₹111 महंगा हुआ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर, घरेलू गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं, जानें नया रेट

नए साल 2026 की शुरुआत में व्यवसायियों को जोरदार झटका लगा है. आज 1 जनवरी से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में 111 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है. दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर अब 1691.50 रुपये का हो गया. वहीं, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, जिससे आम लोगों को राहत मिली है.

एलपीजी सिलेंडर Image Credit: tv9 bharatvarsh

New Price of LPG Cylinder: नए साल की शुरुआत में व्यवसायियों को बड़ा झटका लगा है. आज से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में 111 रुपये की बढ़ोतरी हो गई, जबकि आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं. तेल कंपनियों ने हर महीने की तरह आज भी दामों की समीक्षा की और बदलाव किया. 1 जनवरी 2026 से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए पहले से 111 रुपये अधिक देने होंगे.

कॉमर्शियल सिलेंडर के नए दाम

इंडियन ऑयल के अनुसार, 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में पूरे देश में करीब 111 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.

  • दिल्ली में अब 1691.50 रुपये
  • कोलकाता में 1795 रुपये
  • मुंबई में 1642.50 रुपये
  • चेन्नई में 1849.50 रुपये

होटल, ढाबे और छोटे-बड़े व्यवसाय इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. दाम में बढ़ोतरी का थोड़ा असर आपकी जेब पर भी पड़ेगी.

घरेलू सिलेंडर के दाम

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है. 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

  • दिल्ली – 853 रुपये
  • मुंबई – 852.50 रुपये
  • लखनऊ – 890.50 रुपये
  • पटना – 942.5 रुपये
  • कोलकाता – 879 रुपये
  • चेन्नई – 868 रुपये

दूरदराज के इलाकों में जैसे कारगिल में 985.50 रुपये और पुलवामा में 969 रुपये की कीमत बरकरार है. हालांकि कीमत इस बात भी निर्भर करती है कि आपके शहर या गांव का डिस्ट्रीब्यूटर कौन है. डिस्ट्रीब्यूटर बदलने से दाम में मामूली बदलाव आता है.

साल 2025 में कॉमर्शियल सिलेंडर हुआ था सस्ता

पिछला साल यानी 2025 व्यवसायियों के लिए राहत भरा रहा. पूरे साल में दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम 1818.50 रुपये से घटकर 1580.50 रुपये हो गया था, यानी करीब 238 रुपये की गिरावट. साल भर में 10 बार दाम कम हुए थे. सबसे बड़ी कटौती जुलाई (58.50 रुपये), सितंबर (51.50 रुपये) और अप्रैल (41+ रुपये) में हुई थी.

आगे क्या होगा?

तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से दाम तय करती हैं. अभी तो कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ा है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने पर फिर राहत मिल सकती है.