क्रेडिट कार्ड से अनाप-शनाप खर्च पड़ेगा भारी, इनकम टैक्स विभाग भेज सकता है नोटिस, हो जाएं अलर्ट, न करें ये गलतियां
क्रेडिट कार्ड से रिवॉर्ड कमाने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा खर्च अब टैक्स नोटिस की वजह बन रहा है. आयकर विभाग ऐसे मामलों को मनी रोटेशन और बनावटी खर्च मान रहा है. दोस्तों या रिश्तेदारों के लिए कार्ड इस्तेमाल करना भी जोखिम भरा है. आय से ज्यादा खर्च होने पर सेक्शन 69 C के तहत कार्रवाई हो सकती है.
Credit Card Misuse: क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट और कैशबैक के लालच में लोग जरूरत से ज्यादा खर्च कर रहे हैं. लेकिन अब यही आदत टैक्स नोटिस का कारण बन रही है. आयकर विभाग ऐसे मामलों की बारीकी से जांच कर रहा है. खासकर तब जब खर्च आय से ज्यादा दिखता है. दोस्तों या रिश्तेदारों के लिए कार्ड इस्तेमाल करना भी जोखिम भरा हो गया है. ऐसे मामलों में भारी टैक्स और जुर्माना लग सकता है.
क्यों बन रहा है मुसीबत
कई लोग रिवॉर्ड पॉइंट कमाने के लिए दोस्तों या रिश्तेदारों का पेमेंट अपने क्रेडिट कार्ड से करते हैं. बाद में वही पैसा बैंक या UPI से वापस ले लिया जाता है. आयकर विभाग इसे मनी रोटेशन या बनावटी खर्च मानता है. ऐसे मामलों में पूरा कार्ड खर्च अघोषित आय माना जा सकता है. इससे टैक्स के साथ पेनल्टी का खतरा भी बढ़ जाता है.
किस वजह से आ रहा है इनकम टैक्स नोटिस
अगर किसी व्यक्ति का क्रेडिट कार्ड खर्च उसकी घोषित आय से ज्यादा है तो आयकर विभाग सवाल पूछ सकता है. खर्च का सही सोर्स न बताने पर नोटिस जारी किया जाता है. सेक्शन 69 C के तहत इसे अघोषित खर्च माना जाता है. खासकर जिन्होंने पिछले कुछ सालों से ITR फाइल नहीं किया है उनके लिए जोखिम और ज्यादा होता है.
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दोस्तों या परिवार को कार्ड देना कितना खतरनाक
कई कार्ड होल्डर अपने दोस्तों या परिवार को कार्ड इस्तेमाल करने देते हैं. बदले में उन्हें नकद या ऑनलाइन पैसा मिल जाता है. अगर इन लेनदेन का साफ रिकॉर्ड नहीं है तो पूरा खर्च कार्ड होल्डर की आय मान लिया जाता है. ऐसे मामलों में आयकर विभाग टैक्स के साथ जुर्माना भी लगा सकता है. बाद में सफाई देना मुश्किल हो जाता है.
किराया और HRA के नाम पर गलती पड़ी भारी
कुछ लोग क्रेडिट कार्ड से किराया भुगतान दिखाकर रिवॉर्ड कमाते हैं. कई बार असल में कोई वास्तविक किरायेदारी नहीं होती. अगर मकान मालिक ने किराया आय नहीं दिखाई तो HRA क्लेम खारिज हो सकता है. आयकर विभाग ऐसे मामलों को मनी रोटेशन मान सकता है. इससे टैक्स नोटिस मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
जिन लोगों ने पहले ज्यादा खर्च कर लिया है वे क्या करें
अगर आपने पहले क्रेडिट कार्ड से ज्यादा खर्च कर लिया है तो घबराने की जरूरत नहीं है. सभी लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड जुटाएं. बैंक स्टेटमेंट और पैसे के सोर्स को साफ तरीके से दिखाएं. अगर कैशबैक या रिवॉर्ड की कीमत 50 हजार से ज्यादा है तो उसे आय के रूप में ITR में दिखाएं. जरूरत पड़ने पर टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें.
आगे टैक्स परेशानी से कैसे बचें
क्रेडिट कार्ड खर्च को अपनी घोषित आय के अनुरूप रखें. दूसरों के खर्च के लिए कार्ड इस्तेमाल करने से बचें. हर भुगतान से जुड़ा बिल और सबूत संभाल कर रखें. सिर्फ रिवॉर्ड के लालच में गलत तरीका न अपनाएं. सही प्लानिंग और सावधानी से टैक्स नोटिस से आसानी से बचा जा सकता है.
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