UP में बिछेगा 2340KM हाई-स्पीड सड़कों का जाल, नेपाल बॉर्डर से MP तक बनेंगी 6 वर्टिकल रोड, 20 जिलों को होगा सीधा फायदा
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 2340 किलोमीटर लंबा ‘नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर’ विकसित करने की योजना बनाई है. इस परियोजना के तहत नेपाल बॉर्डर से मध्य प्रदेश सीमा तक 6 हाई-स्पीड वर्टिकल सड़कें बनाई जाएंगी. 20 जिलों को जोड़ने वाली इस योजना के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
6 vertical high-speed roads: Uttar Pradesh सरकार ने राज्य में वर्टिकल यानी उत्तर से दक्षिण दिशा में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए छह हाई-स्पीड सड़कों के नेटवर्क – ‘नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर’ की योजना बनाई है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 2,340 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर 20 जिलों को जोड़ेगा. हाल ही में पेश बजट में इसके लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में काम पूरा हो और व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिले.
क्यों जरूरी है यह कॉरिडोर?
अभी राज्य की ज्यादातर बड़ी एक्सप्रेसवे और हाईवे पश्चिम से पूर्व दिशा में जाती हैं. जैसे:
- Yamuna Expressway
- Agra–Lucknow Expressway
- Purvanchal Expressway
- Ganga Expressway
इन सड़कों से पश्चिमी और पूर्वी यूपी तो जुड़ गया, लेकिन तराई और मध्य हिस्सों में उत्तर-दक्षिण दिशा में तेज सड़क नेटवर्क की कमी रही. नया कॉरिडोर इस कमी को दूर करेगा.
क्या होगा फायदा?
नेपाल सीमा से लेकर मध्य प्रदेश सीमा तक सीधी और तेज सड़क कनेक्टिविटी
- 20 जिलों में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा
- माल ढुलाई और यात्री परिवहन में समय की बचत
- राज्य की सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने में मदद
- सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ तालमेल कर इन सड़कों को बड़े नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तक भी बेहतर संपर्क मिलेगा.
कहां से कहां तक होंगे ये 6 हाई-स्पीड सड़क?
इकोना से प्रयागराज (262 किमी)
श्रावस्ती जिले के इकोना (नेपाल सीमा के पास) से शुरू होकर बलरामपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाएगा.
कुशीनगर से जमानिया (लगभग 200 किमी)
कुशीनगर से शुरू होकर देवरिया, दोहरीघाट, बलिया और गाजीपुर तक पहुंचेगा.
पिपरी से प्रयागराज (300 किमी)
नेपाल सीमा के पास पिपरी से शुरू होकर बस्ती, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ और कानपुर होते हुए प्रयागराज तक जाएगा. यह सड़क Purvanchal Expressway को भी क्रॉस करेगा.
लखीमपुर से बांदा (500 किमी)
लखीमपुर खीरी से शुरू होकर सीतापुर, उन्नाव और लखनऊ होते हुए बुंदेलखंड के बांदा तक जाएगा.
बरेली से ललितपुर (लगभग 500 किमी)
यह मार्ग आगरा और झांसी से होकर गुजरेगा और मध्य प्रदेश सीमा को छुएगा.
मुस्तफाबाद से हरपालपुर (लगभग 500 किमी)
पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र से शुरू होकर शाहजहांपुर, औरैया, जालौन, हमीरपुर और महोबा से होते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र तक पहुंचेगा.
बजट और समयसीमा
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 11 फरवरी को पेश बजट में बताया कि नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर परियोजना से उत्तर प्रदेश में पहली बार उत्तर से दक्षिण दिशा में मजबूत और तेज सड़क नेटवर्क तैयार होगा. इससे न सिर्फ सीमावर्ती और पिछड़े जिलों को फायदा मिलेगा, बल्कि राज्य के भीतर और बाहर व्यापारिक संपर्क भी मजबूत होगा. यह योजना आने वाले समय में यूपी की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है.
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