यूपी रेरा ने 13 नए रियल एस्‍टेट प्रोजेक्‍ट को दी मंजूरी, 19379 यूनिट्स होंगे तैयार, लखनऊ, मथुरा, उन समेत इन शहरों में होगा काम

यूपी में जल्‍द ही नए रियल एस्‍टेट प्रोजेक्‍ट्स पर निर्माण कार्य शुरू होगा. यूपी रेरा ने अपने हाल ही हुए बैठक में 13 नए प्रोजेक्‍ट्स को हरी झंडी दी है. इसमें 19379 यूनिट्स तैयार किए जाएंगे. तो किन शहरों में तैयार होंगे ये यूनिट्स और क्‍या है प्‍लान, यहां जानें डिटेल.

यूपी रेरा ने नए प्रोजेक्‍ट्स को दी हरी झंडी Image Credit: money9 live

Real Estate new projects: रियल एस्टेट विकास और निवेश को बढ़ावा देने के मकसद से यूपी में तेजी से प्रोजेक्‍ट्स तैयार हो रहे हैं. इसी के तहत लखनऊ में आयोजित हुई उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) की 191वीं बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इस दौरान 13 नए रियल एस्‍टेट प्रोजेक्‍ट्स को मंजूरी दी गई. इससे रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल यूनिट्स की उपलब्धता बढ़ेगी.

RERA अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के मुताबिक इन नए प्रोजेक्‍ट के तहत प्रदेश में कुल 19,379 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स का निर्माण होगा. इसमें 4424.4 करोड़ के खर्च का अनुमान है.

नोएडा में 4 प्रोजेक्‍ट को हरी झंडी

रेरा की बैठक में नोएडा के लिए चार नई परियोजनाओं यानी प्रोजेक्‍ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनमें दो व्यावसायिक और दो आवासीय योजनाएं शामिल हैं. इन परियोजनाओं के जरिए नोएडा में कुल 17,051 यूनिट्स का निर्माण प्रस्तावित है.

यह भी पढ़ें: टाटा-अडानी नहीं ये पावर स्‍टॉक बना कोहिनूर, गिरते एनर्जी सेक्‍टर के बावजूद FIIs का भरोसा कायम, कंपनी में दिखा दम

लखनऊ में कितना होगा निर्माण?

लखनऊ में चार आवासीय परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है. इन परियोजनाओं में कुल 241 आवासीय यूनिट्स का निर्माण प्रस्तावित है. इसके अलावा मथुरा में चार परियोजनाओं के तहत 2,035 यूनिट्स का निर्माण प्रस्तावित है. वहीं मऊ में एक व्यवसायिक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें 52 दुकानों का निर्माण होगा.

रेरा में आने के फायदे

  • RERA में आने से घर खरीदने वालों और बिल्डरों दोनों को बड़ा फायदा मिलता है. RERA रजिस्ट्रेशन से प्रोजेक्ट में पारदर्शिता आती है, क्योंकि बिल्डर को लेआउट, फ्लोर प्लान, सुविधाएं और डिलीवरी टाइमलाइन जैसी पूरी जानकारी देनी होती है.
  • इससे खरीदारों का भरोसा बढ़ता है और समय पर घर न मिलने की स्थिति में उन्हें ब्याज या मुआवजा पाने का अधिकार मिलता है.
  • खरीदारों से लिया गया करीब 70% पैसा अलग एस्क्रो अकाउंट में रखा जाता है, जिससे उस पैसे का गलत इस्तेमाल नहीं हो पाता.
  • बिल्डरों के लिए RERA में आना इसलिए फायदेमंद है क्योंकि इससे उनकी विश्वसनीयता और ब्रांड वैल्यू बढ़ती है.
  • खरीदार RERA रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा भरोसा करते हैं.
  • रेरा के तहत फर्जी बिल्डरों पर लगाम लगती है. इससे रियल एस्टेट सेक्टर को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी बनाने में मदद मिलती है.

Latest Stories

जेवर एयरपोर्ट का असर! यमुना एक्सप्रेसवे बना रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट; 5 साल में 5 गुना तक बढ़े दाम

रियल एस्टेट पर पश्चिम एशिया संकट की मार, 7% कम बिके यूनिट, वैल्यू भी ₹1.60 लाख करोड़ से घटकर ₹1.51 लाख करोड़ पहुंची

UP RERA के नए नियम! अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के ट्रांसफर चार्ज पर लगी सीमा, खरीदार भी दर्ज कर सकेंगे शिकायत

नोएडा एयरपोर्ट के आसपास प्रॉपर्टी की कीमतें 2027 तक 28 फीसदी बढ़ जाएंगी, प्लॉट के रेट में डेढ़ गुना इजाफा

SEBI के बड़े फैसले! InvIT-REIT नियमों में बदलाव, 10% ग्रीनफील्ड निवेश की छूट, क्या खुलेंगे नए मौके?

घर खरीदने की डील टूटी तो आपके पैसे का क्या होगा? टोकन मनी, स्टांप ड्यूटी और टैक्स का पूरा गणित समझें