L&T से आगे भी बड़ा मौका… सरकार के 23000 करोड़ के दांव से बदलेगा खेल! इन 3 देसी स्टॉक्स पर फोकस
बजट 2026 में करीब 23000 करोड़ रुपये का इंसेंटिव पैकेज लाया जा सकता है, जिसका मकसद देश में कैपिटल गुड्स और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट का निर्माण बढ़ाना है. इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और देसी कंपनियों को बड़ा सपोर्ट मिलेगा.
3 construction stocks: भारत सरकार ‘Make in India’ को नई रफ्तार देने की तैयारी में है. खबरों के मुताबिक आने वाले बजट 2026 में करीब 23000 करोड़ रुपये का इंसेंटिव पैकेज लाया जा सकता है, जिसका मकसद देश में कैपिटल गुड्स और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट का निर्माण बढ़ाना है. इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और देसी कंपनियों को बड़ा सपोर्ट मिलेगा. इस पैकेज में करीब 16000 करोड़ रुपये कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर और 7000 करोड़ रुपये ऑटो सेक्टर के लिए रखे जाने की संभावना है.
चीन द्वारा टनल बोरिंग मशीनों के एक्सपोर्ट पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद सरकार इस सेक्टर को लेकर और सतर्क हो गई है. ऐसे माहौल में L&T के अलावा भी कुछ देसी कंपनियां हैं, जो इस सरकारी सपोर्ट से बड़ा फायदा उठा सकती हैं. इस रिपोर्ट में हम ऐसे ही तीन स्टॉक्स पर नजर डाल रहे हैं.
ACE
Action Construction Equipment यानी ACE कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बनाने वाली बड़ी भारतीय कंपनी है. यह क्रेन और मटेरियल हैंडलिंग मशीनों में मजबूत पकड़ रखती है. ACE दुनिया की सबसे बड़ी पिक एंड कैरी क्रेन निर्माता है और मोबाइल व टावर क्रेन मार्केट में इसकी करीब 63 फीसदी हिस्सेदारी है.
कंपनी Backhoe loader और हेवी क्रेन सेगमेंट में भी तेजी से विस्तार करना चाहती है. ACE को रक्षा मंत्रालय से 420 करोड़ रुपये का पहला बड़ा ऑर्डर मिला है. कंपनी आने वाले सालों में अपना रेवेन्यू 6000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है. चीन से आने वाली क्रेन पर एंटी डंपिंग ड्यूटी से ACE को बड़ा फायदा मिल सकता है.
BEML
BEML एक सरकारी कंपनी है, जो माइनिंग, कंस्ट्रक्शन, डिफेंस और रेल सेक्टर के लिए भारी मशीनें बनाती है. अभी इसका बड़ा हिस्सा माइनिंग से आता है, लेकिन आने वाले समय में कंपनी का फोकस डिफेंस, रेल और मेट्रो पर होगा. BEML रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक और सिस्टम पर काम कर रही है. कंपनी का ऑर्डर बुक 16342 करोड़ रुपये का है, जिससे अगले चार साल तक की कमाई की तस्वीर साफ नजर आती है. सरकार की ‘Make in India’ नीति से BEML को सीधा फायदा मिल सकता है.
Ajax Engineering
Ajax Engineering भारत में सेल्फ लोडिंग कंक्रीट मिक्सर सेगमेंट की लीडर कंपनी है. इस सेगमेंट में इसका करीब 75 फीसदी मार्केट शेयर है. अब कंपनी सिर्फ कंक्रीट मिक्सर तक सीमित नहीं रहना चाहती. यह कंक्रीट पंप, बैचिंग प्लांट और ट्रांजिट मिक्सर जैसे नए प्रोडक्ट्स पर भी फोकस कर रही है. हालांकि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा, लेकिन साल की दूसरी छमाही में रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है.
निवेशकों के लिए क्या मतलब
अगर सरकार का 23000 करोड़ रुपये का इंसेंटिव पैकेज लागू होता है, तो कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा. ACE और Ajax मजबूत बाजार पकड़ और बेहतर रिटर्न रेशियो के साथ निवेश के लिहाज से आकर्षक दिखते हैं. वहीं BEML रणनीतिक तौर पर सही जगह पर है, लेकिन इसके नतीजे नीति के अमल पर निर्भर करेंगे. कुल मिलाकर ‘Make in India’ बूम में L&T के अलावा भी निवेश के मौके बनते दिख रहे हैं.
| कंपनी | P/E | 5Y Median P/E | RoCE (%) | RoE (%) |
| BEML | 50.0 | 50.2 | 15.6 | 10.5 |
| ACE | 25.4 | 32.2 | 40.1 | 28.7 |
| Ajax | 27.2 | NA | 33.6 | 25.1 |
डेटा सोर्स: Groww, Trendlyne, FE, Screener
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.