25% टैरिफ की मार! ईरान से कारोबार करती हैं ये देसी कंपनियां, शेयरों पर दिखेगा असर? जानें एक्सपर्ट व्यू
एपीडा (APEDA) के आंकड़ों के अनुसार, 2024–25 में ईरान ने भारत से करीब 6,374 करोड़ रुपये का बासमती चावल खरीदा था, जो कुल निर्यात का 12.6 फीसदी है. ऐसी बड़ी आय पर ये संकट अगर लगातार बने रहे तो निर्यातकों का वित्तीय ढांचा डगमगा सकता है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद मंगलवार 13 जनवरी को बासमती चावल निर्यात करने वाली कंपनियों के शेयर चर्चा में रह सकते हैं. LT Foods, KRBL और चमन लाल सेतिया एक्सपोर्ट्स जैसे स्टॉक्स पर निवेशकों की खास नजर रहने की उम्मीद है. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है. इस ऐलान के बाद उन भारतीय कंपनियों को लेकर चिंता बढ़ी है, जिनका ईरान या उससे जुड़े बाजारों में एक्सपोजर है.
इन शेयरों में पर पड़ेगा असर
- LT Foods: कंपनी के शेयरों का भाव 13 जनवरी को बाजार खुलने से पहले 363.75 रुपये था.
- KRBL: यह शेयर 356.80 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
- Chaman Lal Setia Exports: कंपनी के शेयरों का भाव 257.10 रुपये है.
- Kohinoor Foods: फिलहाल कंपनी के शेयरों का भाव 25.13 रुपये है.
क्या है एक्सपर्ट की राय
इस पर मेहता इक्विटीज लिमिटेड के प्रशांत तापसे का कहना है कि कुल मिलाकर, इसका असर एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स पर देखने को मिल सकता है, जहां आम तौर पर बिकवाली का दबाव बनता है. खास तौर पर राइस, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट्स, केमिकल्स और सी-फूड सेक्टर के शेयरों में नेगेटिव सेंटिमेंट हावी रहने की संभावना है.
ट्रंप का बयान और बाजार की चिंता
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान के साथ कारोबारी रिश्ते रखने वाले किसी भी देश पर अमेरिका 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू होगा, हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि ईरान के साथ कारोबार की परिभाषा क्या होगी. ट्रंप के मुताबिक, ईरान के सबसे बड़े कारोबारी साझेदारों में चीन सबसे आगे है, इसके बाद इराक, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्किये और भारत का नंबर आता है. उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर यह टैरिफ झेलना पड़ेगा और इस फैसले को अंतिम बताया.
ईरान में है भारतीय चावल का बड़ा बाजार
एपीडा (APEDA) के आंकड़ों के अनुसार, 2024–25 में ईरान ने भारत से करीब 6,374 करोड़ रुपये का बासमती चावल खरीदा था, जो कुल निर्यात का 12.6 फीसदी है. ऐसी बड़ी आय पर ये संकट अगर लगातार बने रहे तो निर्यातकों का वित्तीय ढांचा डगमगा सकता है.
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