Budget 2026: AI और क्वांटम टेक में बड़े निवेश की तैयारी में सरकार, कई मंत्रालय मिल कर बना रहें प्लान; रोजगार और स्टार्टअप्स को मिलेगा बूस्ट
आगामी बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को केंद्र में रखा जाएगा. सरकार लंबी अवधि की योजना के तहत AI, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप-टेक रिसर्च को बढ़ावा देगी. वित्त वर्ष 2026 के लिए आरडीआई फंड में 20,000 करोड़ रुपये और भारत AI मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
AI Budget: बजट 2026-27 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को खास महत्व मिलने की संभावना है. सरकार इस उभरते सेक्टर को सपोर्ट देने के लिए लंबी अवधि की रणनीति तैयार कर रही है. वित्त मंत्रालय अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर पॉलिसी डायरेक्शन और फंडिंग प्रायोरिटी को तय कर रहा है. इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और IT, एजुकेशन, डिफेंस, साइंस और स्पेस डिपॉर्टमेंट शामिल हैं. केंद्र का मानना है कि AI सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं बल्कि प्रोडक्टिविटी, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का माध्यम है.
बजट में AI और नई तकनीकों के लिए योजना
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को AI से जुड़ी कई घोषणाएं कर सकती हैं. इसमें कार्यक्रम स्तर के उपाय और विभिन्न मंत्रालयों में बढ़ी हुई बजट आवंटन शामिल हो सकते हैं. बजट में रोबोटिक्स, डीप-टेक रिसर्च, एडवांस्ड इनोवेशन इकोसिस्टम, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीपफेक सुरक्षा उपायों को भी शामिल किया जा सकता है. सरकार का उद्देश्य लंबी अवधि में नई तकनीकों को बढ़ावा देना और भारत की विकास रणनीति को मजबूत करना है.
रिसर्च डेवलपमेंट और इनोवेशन फंड
भारत का रिसर्च डेवलपमेंट और इनोवेशन (आरडीआई) फंड इस योजना का मुख्य हिस्सा है. इस फंड का कुल आवंटन 2031 तक छह साल में 1 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. वित्त वर्ष 2026 के लिए पहले ट्रांश के रूप में 20,000 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं. अगले साल इस फंड का आवंटन और बढ़ सकता है, खासकर स्पेस टेक्नोलॉजी, स्पेस एक्सप्लोरेशन और स्पेस बेस्ड सर्विलांस में. क्वांटम टेक्नोलॉजी को भी लंबी अवधि की योजना में प्रमुखता दी जा रही है.
FY26 बजट में AI के लिए आवंटन
वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में भारत AI मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये और नए AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके अलावा पांच नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्किलिंग, 80 इंडिया AI लैब्स और 20 AI क्यूरेशन यूनिट्स की योजना भी है. साथ ही ‘डीप टेक फंड ऑफ फंड्स’ स्टार्टअप्स और नई तकनीकों के लिए बनाए गए हैं. क्वांटम तकनीक के लिए नेशनल क्वांटम मिशन में 6,003 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 2023-24 से 2030-31 तक लागू रहेगा.
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स्टॉर्टअप्स को मिलेगा फायदा
इन पहलों से AI और नई तकनीकें सीधे रोजगार, स्किलिंग और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर असर डालेंगी. लंबी अवधि की योजना से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, इंडस्ट्रियल कंपटीशन मजबूत होगी और नई नौकरियों के अवसर बनेंगे. स्टार्टअप्स और तकनीकी निवेशकों के लिए भी मौके बढ़ेंगे. यह कदम भारत को 2030 तक 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मदद करेगा.
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