इस सोलर स्टॉक पर ब्रोकरेज ने दी ‘Buy’ रेटिंग और 6% उछला भाव, अभी और तेजी बाकी; जानें टारगेट प्राइस
कमजोर बाजार के बावजूद इस सोलर कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. HSBC की ‘Buy’ रेटिंग और 350 रुपये के टारगेट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जबकि कंपनी की मजबूत ग्रोथ आउटलुक और रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन इसे आकर्षक बना रहे हैं.
Acme Solar and HSBC Report: कमजोर बाजार माहौल के बीच सोमवार, 13 अप्रैल को Acme Solar Holdings के शेयरों ने दमदार प्रदर्शन किया और करीब 6 फीसदी तक उछल गए. यह तेजी उस समय आई जब ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस HSBC ने इस रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी. इसी के साथ ब्रोकरेज फर्म HSBC ने टारगेट प्राइस भी दिया है. दिन के कारोबार के दौरान शेयर 289.15 रुपये तक पहुंच गया, जो इंट्राडे में 7.6 फीसदी की बढ़त को दर्शाता है. खास बात यह रही कि यह उछाल लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद देखने को मिला.
ब्रोकरेज ने क्या दिया टारगेट?
HSBC ने कंपनी के लिए 350 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है और अनुमान जताया है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का EBITDA करीब 72 फीसदी की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकता है. ब्रोकरेज का मानना है कि Acme Solar तेजी से बढ़ती हुई रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी है, जो EPC (Engineering, Procurement and Construction) से लेकर ऑपरेशंस और मेंटेनेंस तक पूरी तरह इंटीग्रेटेड मॉडल पर काम करती है.
कितनी है कैपेसिटी?
फिलहाल कंपनी के पास करीब 3 गीगावॉट की ऑपरेशनल क्षमता है, जिसे आने वाले 2-3 सालों में लगभग 2.7 गुना तक बढ़ाने की योजना है. इसके अलावा कंपनी के पास 1.8 गीगावॉट की अतिरिक्त प्रोजेक्ट भी हैं, जिन्हें अभी पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) में बदलना बाकी है. यह पाइपलाइन कंपनी के भविष्य के ग्रोथ विजिबिलिटी को मजबूत बनाती है.
सोलर कंपनी तक सीमित नहीं है कंपनी
HSBC के मुताबिक, Acme Solar अब केवल सोलर कंपनी नहीं रह गई है, बल्कि वह ‘फर्म और डिस्पैचेबल’ रिन्यूएबल एनर्जी मॉडल की ओर बढ़ रही है. इसमें सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज को मिलाकर ऐसी एनर्जी तैयार की जाती है, जिसे जरूरत के हिसाब से लगातार सप्लाई किया जा सके. यह ट्रांजिशन कंपनी के लिए बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है.
कैसी है कंपनी की स्थिति?
कमाई के लिहाज से भी कंपनी की स्थिति मजबूत बताई गई है. ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी के करीब 84 फीसदी कॉन्ट्रैक्ट्स 25 साल के फिक्स्ड टैरिफ PPA के तहत हैं, जिन्हें केंद्रीय सरकारी एजेंसियों का समर्थन प्राप्त है. इससे कंपनी की इनकम में स्थिरता बनी रहने की संभावना है. बैलेंस शीट के मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिला है. वर्किंग कैपिटल साइकिल FY24 के 93 दिनों से घटकर 23 दिन पर आ गई है, जो रिसीवेबल्स में कमी के चलते संभव हुआ. इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है.
क्या है रिस्क फैक्टर?
HSBC ने कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है. कंपनी का 80:20 का डेट-इक्विटी स्ट्रक्चर इसे हाई लीवरेज वाला बनाता है. इसके अलावा इक्विपमेंट की लागत बढ़ने, उधारी महंगी होने, प्रोजेक्ट्स में देरी या अपेक्षा से कम बिजली प्रोडक्शन जैसे फैक्टर्स कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं.
कैसा है शेयरों का प्रदर्शन?
सोमवार, 13 अप्रैल को कंपनी के शेयर 284.05 रुपये पर बंद हुआ. अगर प्रदर्शन की बात करें तो हफ्ते भर में स्टॉक 3.24 फीसदी चढ़ा है. वहीं, 3 महीने के दौरान इसमें 26 फीसदी तक की उछाल आई. साल भर के दौरान स्टॉक का भाव 41 फीसदी तक बढ़ा है. कंपनी का मार्केट कैप 16,279 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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