शुगर स्टॉक्स में करेक्शन के बाद मौका? 52-वीक हाई से 40% तक टूटे ये 3 शेयर, इथेनॉल थीम दे सकती है सहारा
इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी से मजबूत हुए शुगर सेक्टर में हालिया गिरावट के बाद कुछ चुनिंदा स्टॉक्स निवेशकों के रडार पर हैं. Magadh Sugar, EID Parry और Dalmia Bharat Sugar जैसे शेयर 15-40 फीसदी तक टूटे हैं, लेकिन लंबी अवधि में इथेनॉल और डायवर्सिफिकेशन ग्रोथ का सहारा दे सकते हैं.
Sugar Stocks Ethanol Theme: भारत का शुगर सेक्टर पिछले कुछ वर्षों में संरचनात्मक रूप से मजबूत हुआ है, जिसकी सबसे बड़ी वजह सरकार का इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम है. इस पहल ने कंपनियों को सिर्फ शुगर पर निर्भर रहने से निकालकर एक डायवर्सिफाइड और अपेक्षाकृत स्थिर रेवेन्यू मॉडल दिया है. खासतौर पर वे कंपनियां, जिनकी इथेनॉल कैपेसिटी मजबूत है और जो इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल (शुगर + इथेनॉल + पावर) पर काम करती हैं, वे इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा उठाने की स्थिति में हैं. हालांकि, सेक्टर अब भी पूरी तरह नीतिगत फैसलों पर निर्भर है, जैसे इथेनॉल की कीमत, शुगर का MSP, एक्सपोर्ट कोटा और स्टॉक लिमिट. इसके अलावा मौसम और साइक्लिसिटी का रिस्क भी बना रहता है.
इन तमाम फैक्टर्स के बीच कुछ शुगर स्टॉक्स ऐसे हैं, जो अपने 52-हफ्तों के हाई स्तर से 15 फीसदी से लेकर 40 फीसदी तक गिर चुके हैं. यह गिरावट निवेशकों के लिए अच्छे अवसर के रूप में देखी जा रही है, हालांकि इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. मालूम हो कि सप्ताह के पहले दिन यानी सोमवार, 13 अप्रैल को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ.
Magadh Sugar and Energy
Magadh Sugar and Energy इस सूची में सबसे ज्यादा गिरावट वाला स्टॉक है. कंपनी का बिजनेस शुगर, इथेनॉल और को-जनरेशन पर आधारित है. इसके पास 21,500 TCD की क्रशिंग कैपेसिटी वाली तीन शुगर मिल्स, 155 KLPD कैपेसिटी की डिस्टलरी और 38 मेगावाट पावर जनरेशन कैपेसिटी है. स्टॉक अपने 814 रुपये के 52-वीक हाई से गिरकर करीब 492 रुपये तक आ चुका है, यानी लगभग 40 फीसदी की गिरावट. इसके बावजूद कंपनी के फंडामेंटल्स में सुधार दिख रहा है.
FY23 से FY25 के बीच इसकी बिक्री और मुनाफे में अच्छी ग्रोथ दर्ज हुई है. इस दौरान शुगर की बेहतर कीमत और ज्यादा बिक्री से रेवेन्यू को सपोर्ट मिला, भले ही इथेनॉल वॉल्यूम में कमी रही हो. बिहार में गन्ने की कीमत (SAP) बढ़ने से लागत जरूर बढ़ी, लेकिन इसका कुछ असर बेहतर रियलाइजेशन से संतुलित हुआ. कंपनी खुद मानती है कि आगे की दिशा पूरी तरह सरकारी नीतियों पर निर्भर रहेगी.
क्या है शेयर का हाल?
सोमवार, 13 अप्रैल को कंपनी के शेयर 1.69 फीसदी की तेजी के साथ 492 रुपये पर बंद हुए. महीने भर के दौरान स्टॉक का भाव 15 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है. हालांकि, लॉन्ग टर्म में इसमें गिरावट दर्ज की गई. 1 साल में स्टॉक का भाव 26 फीसदी से ज्यादा टूटा है. वहीं, 5 साल के दौरान स्टॉक का भाव 400 फीसदी से ज्यादा उछला है. कंपनी का मार्केट कैप 682 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
EID Parry
दूसरा नाम EID Parry का है, जो साउथ इंडिया में मजबूत पकड़ रखने वाली बड़ी शुगर कंपनी है. कंपनी ने इथेनॉल ब्लेंडिंग के टारगेट को ध्यान में रखते हुए अपनी डिस्टिलरी कैपेसिटी में काफी विस्तार किया है. इसके पास 40,800 TCD क्रशिंग कैपेसिटी, 140 मेगावाट पावर और 582 KLPD डिस्टिलरी कैपेसिटी है. स्टॉक अपने 1,246 रुपये के उच्च स्तर से गिरकर करीब 860 रुपये पर आ गया है, यानी करीब 31 फीसदी की गिरावट. हालांकि, यह गिरावट कंपनी के फंडामेंटल्स की कमजोरी से ज्यादा बाजार की सुस्ती का असर मानी जा रही है.
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में स्थिरता बनी हुई है और Q3 FY26 में बिक्री और मुनाफे दोनों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है. शुगर प्रोडक्शन और औसत बिक्री मूल्य में भी सुधार दिखा है. आगे चलकर इथेनॉल कैपेसिटी विस्तार और FMCG बिजनेस में डायर्सिफिकेशन कंपनी के लिए ग्रोथ ड्राइवर बन सकते हैं.
क्या है शेयर का हाल?
सोमवार, 13 अप्रैल को स्टॉक का भाव 0.74 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 860 रुपये पर बंद हुआ. महीने भर के दौरान इसमें तकरीबन 9 फीसदी की तेजी आई. वहीं, 6 महीने में स्टॉक 16 फीसदी तक टूटा है. कंपनी का मार्केट कैप 15,184 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
Dalmia Bharat Sugar and Industries
तीसरा स्टॉक Dalmia Bharat Sugar and Industries का है, जो एक इंटीग्रेटेड प्लेयर के तौर पर जाना जाता है. इसका बिजनेस शुगर के साथ इथेनॉल और पावर जनरेशन तक फैला हुआ है. स्टॉक अपने 464 रुपये के उच्च स्तर से करीब 20 फीसदी गिरकर 380 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है.
कंपनी के वित्तीय आंकड़े बताते हैं कि FY24 में गिरावट के बाद FY25 में जोरदार रिकवरी हुई है. Q3 FY26 में भी कंपनी ने 17 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की और नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई, जबकि गन्ने की कीमत बढ़ने से लागत पर दबाव था. कंपनी आगे के लिए कैपेक्स पर फोकस कर रही है, कोल्हापुर में कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट और जवाहरपुर प्लांट में स्टीम सेविंग तकनीक इसी दिशा में कदम हैं. इससे लागत कम होगी और मार्जिन बेहतर हो सकते हैं.
क्या है शेयर का हाल?
सोमवार, 13 अप्रैल को कंपनी के शेयर 2.19 फीसदी की तेजी के साथ 380 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ. 1 महीने में स्टॉक का भाव 26 फीसदी से ज्यादा उछला है. वहीं, साल भर के दौरान स्टॉक ने 0.72 फीसदी का स्थिर रिटर्न दिया है. वहीं, 5 साल के दौरान स्टॉक का भाव 100 फीसदी तक चढ़ा है. कंपनी का मार्केट कैप 3,010 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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