नई सब्सिडियरी के गठन के बाद Adani Green Energy के शेयरों में तेजी, Q2 में मुनाफा 111% रहा, जानें कंपनी का प्लान

ग्रीन एनर्जी सेक्टर की एक बड़ी कंपनी से जुड़ा ताजा कॉरपोरेट अपडेट बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है. भविष्य की रणनीति, नई संरचनात्मक पहल और हालिया कारोबारी संकेतों ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. कंपनी के लंबे समय के विस्तार और क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को लेकर बाजार की नजर आगे की दिशा पर बनी हुई है.

Adani Green Image Credit: Money9 Live

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Adani Green Energy से जुड़ी एक नई कॉरपोरेट अपडेट के बाद शेयर बाजार में हल्की तेजी देखने को मिली. कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी के जरिए एक नई इकाई की स्थापना की है, जिसे उसके लॉन्ग टर्म ग्रीन एनर्जी प्लान का हिस्सा माना जा रहा है. इस खबर के बाद शेयर में सीमित लेकिन स्थिर मजबूती दिखी. शुक्रवार के कारोबार में Adani Green Energy का शेयर 1.29 फीसदी चढ़कर 1,039.10 रुपये पर पहुंच गया.

नई सब्सिडियरी का गठन

कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई Adani Renewable Energy Holding Eleven ने 1 जनवरी 2026 को एक नई सब्सिडियरी Adani Ecogen Five (AE5L) को शामिल किया है. इस सब्सिडियरी के गठन का सर्टिफिकेट 2 जनवरी 2026 को प्राप्त हुआ.

Adani Ecogen Five का उद्देश्य पावर और इलेक्ट्रिकल एनर्जी का उत्पादन, विकास, वितरण, ट्रांसमिशन और बिक्री करना है. यह काम सोलर, विंड और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स के जरिए किया जाएगा. AE5L की 100 फीसदी हिस्सेदारी Adani Renewable Energy Holding Eleven के पास रहेगी.

रजिस्ट्रेशन और कैपिटल स्ट्रक्चर

यह नई कंपनी भारत में रजिस्टर की गई है और इसका रजिस्ट्रेशन Registrar of Companies Gujarat, अहमदाबाद में हुआ है. AE5L की ऑथराइज्ड और पेड-अप कैपिटल दोनों 1 लाख रुपये रखी गई है. फिलहाल कंपनी ने अपना बिजनेस ऑपरेशन शुरू नहीं किया है.

Adani Green Energy भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल है. कंपनी सोलर, विंड, हाइब्रिड और हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज जैसे ग्रिड-कनेक्टेड प्रोजेक्ट्स का संचालन करती है. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 50 गीगावॉट की रिन्यूएबल क्षमता हासिल करना है, जो भारत के डी-कार्बनाइजेशन टारगेट के अनुरूप है.

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तिमाही नतीजे और हालिया संकेत

वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने Q2 FY26 में 583 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 111.2 फीसदी ज्यादा है. हालांकि इस दौरान नेट सेल्स 5.3 फीसदी घटकर 2,824 करोड़ रुपये रही. हाल के दिनों में सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स से जुड़े अपडेट्स ने भी शेयर के सेंटीमेंट को सपोर्ट दिया है, जिससे निवेशकों की नजर आगे की ग्रोथ पर बनी हुई है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.