Hindustan Copper की 60% रैली ने बढ़ाया जोश, HindZinc, Nalco और Vedanta भी चमके, मेटल सेक्टर रिकॉर्ड हाई पर

हाल के दिनों में शेयर बाजार का एक सेक्टर निवेशकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है. मजबूत ग्लोबल संकेत, घरेलू नीतिगत फैसले और इंडस्ट्रियल डिमांड से जुड़े ट्रेंड ने इस सेक्टर को नई ऊर्जा दी है. कई स्टॉक्स में आई तेज हलचल ने बाजार का फोकस इस दिशा में मोड़ दिया है.

मेटल स्टॉक Image Credit: FreePik

Metal Stock: शेयर बाजार में इन दिनों मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में है. बीते एक महीने में मेटल कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा है. तांबा, एल्युमिनियम और जिंक जैसी इंडस्ट्रियल मेटल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों ने न सिर्फ बाजार को पछाड़ा है, बल्कि कई स्टॉक्स ने रिकॉर्ड स्तर भी छू लिए हैं.

मेटल शेयरों में जोरदार उछाल

पिछले एक महीने में Hindustan Copper का शेयर करीब 60 फीसदी चढ़ चुका है. वहीं Hindustan Zinc, National Aluminium Company (Nalco) और Vedanta के शेयरों में 15 से 27 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई है. सेक्टरल इंडेक्स Nifty Metal ने भी बीते एक महीने में करीब 11 फीसदी की छलांग लगाई है, जबकि इसी दौरान Nifty 50 में सिर्फ 1 फीसदी से थोड़ी ज्यादा बढ़त देखने को मिली.

रिकॉर्ड हाई पर पहुंचे इंडेक्स

शुक्रवार, 2 जनवरी को बाजार के लिए ऐतिहासिक दिन रहा. Nifty 50 ने 26,340 का नया रिकॉर्ड बनाया, वहीं Nifty Metal भी 11,433.80 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया. इससे साफ है कि मेटल सेक्टर इस समय बाजार की अगुवाई कर रहा है.

विशेषज्ञों के मुताबिक मेटल शेयरों में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह डिमांड और सप्लाई के बीच असंतुलन है. इसके अलावा 2025 में सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में आई मजबूत तेजी ने इंडस्ट्रियल मेटल के सेंटीमेंट को भी सपोर्ट दिया है.

चीन से मिले पॉजिटिव संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि मेटल शेयरों की मौजूदा रैली में ग्लोबल फैक्टर अहम भूमिका निभा रहे हैं. खासतौर पर चीन से आए बेहतर मैक्रो इकनॉमिक डेटा ने मेटल्स की डिमांड को लेकर भरोसा बढ़ाया है. चीन दुनिया का सबसे बड़ा मेटल कंज्यूमर है, ऐसे में वहां की मांग में सुधार का सीधा असर ग्लोबल कीमतों पर पड़ता है.

इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डेटा सेंटर्स जैसे सेक्टर में मेटल्स की मांग लगातार बढ़ रही है. इसके साथ ही कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी कमोडिटी मार्केट में पॉजिटिव माहौल बनाए रखा है.

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घरेलू नीतियों से भी मिला सहारा

देश के भीतर सरकार के नीतिगत फैसलों ने भी मेटल शेयरों को मजबूती दी है. भारत ने स्टील आयात पर 12 फीसदी की सेफगार्ड ड्यूटी तीन साल के लिए लगाई है, जिससे सस्ते आयात पर रोक लगेगी. बाजार मान रहा है कि इन सभी फैक्टर्स के चलते मेटल सेक्टर में तेजी का ट्रेंड फिलहाल बना रह सकता है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.