साल 2032 तक बिजली सेक्टर में 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश संभव, Adani-Tata समेत चमकेंगे ये शेयर

भारत की कुल बिजली प्रोडक्शन क्षमता अब 500 गीगावॉट से ज्यादा हो चुकी है. सरकार ने संकेत दिया है कि साल 2032 तक इस सेक्टर में करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो सकता है. इससे NTPC, अडानी ग्रुप, टाटा पावर जैसी बड़ी कंपनियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.इसका बड़ा हिस्सा नए बिजली प्लांट लगाने, पुराने प्लांट को सुधारने और Renewable energy बढ़ाने में लगेगा.

पावर सेक्टर Image Credit: money9live

Power Investment Boom: भारत का बिजली सेक्टर एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर में एंट्री कर रहा है. देश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है. शहरों का विस्तार हो रहा है और क्लीन एनर्जी की जरूरत भी लगातार महसूस की जा रही है. इसी वजह से सरकार और बड़ी कंपनियां अब बिजली प्रोडक्शन, ट्रांसमिशन और स्टोरेज पर भारी निवेश करने जा रही हैं. सरकार ने संकेत दिया है कि साल 2032 तक इस सेक्टर में करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो सकता है. इससे NTPC, अडानी ग्रुप, टाटा पावर जैसी बड़ी कंपनियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.

बिजली सेक्टर की मौजूदा स्थिति

भारत की कुल बिजली प्रोडक्शन क्षमता अब 500 गीगावॉट से ज्यादा हो चुकी है. इसमें आधे से अधिक हिस्सा Non-fossil fuels सोर्स का है, जैसे सोलर, विंड, पानी और परमाणु ऊर्जा. यह दिखाता है कि देश क्लीन एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. पिछले दस सालों में बिजली सेक्टर में बड़ा विस्तार हुआ है और सरकार की नीतियों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है.

साल 2032 तक 4.5 लाख करोड़ का निवेश

TB की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार का अनुमान है कि साल 2032 तक बिजली सेक्टर में करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इसका बड़ा हिस्सा नए बिजली प्लांट लगाने, पुराने प्लांट को सुधारने और Renewable energy बढ़ाने में लगेगा. साल 2024 में बिजली की अधिकतम मांग 250 गीगावॉट तक पहुंच चुकी थी और आगे यह और बढ़ सकती है.

प्रोडक्शन में सबसे ज्यादा खर्च

नए निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा बिजली प्रोडक्शन में जाएगा. इसमें सोलर और विंड एनर्जी के साथ साथ थर्मल और परमाणु एनर्जी प्रोजेक्ट भी शामिल हैं. NTPC, अडानी पावर, अडानी ग्रीन और टाटा पावर जैसी कंपनियां इस मौके का फायदा उठा सकती हैं क्योंकि इनका काम कई सेक्टर में फैला हुआ है.

ट्रांसमिशन और Distribution पर जोर

सिर्फ बिजली बनाना ही काफी नहीं है. उसे देशभर में पहुंचाने के लिए मजबूत ग्रिड भी जरूरी है. इसीलिए ट्रांसमिशन और Distribution नेटवर्क पर भी बड़ा निवेश होगा. भारत का ट्रांसमिशन नेटवर्क अब करीब पांच लाख सर्किट किलोमीटर तक पहुंच चुका है और इसे और मजबूत किया जाएगा.

एनर्जी स्टोरेज बनेगा नया मौका

बैटरी और पंप्ड स्टोरेज जैसी तकनीकें भी आने वाले समय में अहम होंगी. सोलर और विंड एनर्जी के कारण बिजली प्रोडक्शन में उतार चढ़ाव होता है. इसे संभालने के लिए स्टोरेज जरूरी है. इस सेक्टर में भी बड़ा निवेश आने की उम्मीद है और बड़ी कंपनियां पहले से तैयारी कर रही हैं. सरकार क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है. देश पहले ही अपने climate goals से आगे निकल चुका है. नए बिजली कानून और डिजिटल ग्रिड जैसी योजनाएं निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकती हैं.

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