‘Biplomacy’ में बिटकॉइन, बड़े निवेशकों का कमबैक! चार्ट ने बनाया $80,000 का सपोर्ट, पाक कनेक्शन हावी

दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल करेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin) ने शानदार बढ़त दिखाते हुए$74,901 का आंकड़ा छू लिया है. इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से बाजार एक सीमित दायरे में फंसा हुआ था. आइए जानते हैं इस अचानक आई तेजी के पीछे की बड़ी वजहें और क्या है पाकिस्तान का इसमें कनेक्शन.

बिटकॉइन में तेजी Image Credit: Jacquelyn Martin - Pool/Getty Images

Bitcoin Rise Reason: वैश्विक कूटनीति की मेज पर जब शांति की सुगबुगाहट होती है, तो उसका असर केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि निवेशकों की स्क्रीन पर भी दिखता है. अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की खबरों ने क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जान फूंक दी है. जोखिम लेने वाले निवेशकों (Risk-on Investors) के बीच बढ़ते उत्साह के कारण बिटकॉइन (Bitcoin) ने चार हफ्ते के अपने उच्चतम स्तर को छू लिया है.

आज यानी 14 अप्रैल 2026 को बिटकॉइन की कीमत $74,900 (करीब ₹69.42 लाख) के पार निकल गई है, जो 17 मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. केवल बिटकॉइन ही नहीं, बल्कि इथेरियम (Ether) भी 5% की छलांग लगाकर $2,370 के आसपास कारोबार कर रहा है.

शांति वार्ता और ‘इस्लामाबाद’ कनेक्शन

इस रैली का सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शांति वार्ता करने की खबरें हैं. हाल ही में अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए कि ईरान ने शांति वार्ता के लिए उनके प्रशासन से संपर्क किया है. दिलचस्प बात यह है कि यह पूरी कूटनीतिक हलचल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के इर्द-गिर्द घूम रही है.

बाजार में चर्चा है कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच एक ‘क्रिप्टो डिप्लोमेसी’ या ‘Biplomacy’ (Bitcoin + Diplomacy) चल रही है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प के करीबी और World Liberty Financial के अधिकारियों ने मार्च में इस्लामाबाद का दौरा किया. पाकिस्तान इस समय अपनी अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए क्रिप्टो और स्टेबलकॉइन्स (Stablecoins) का सहारा ले रहा है. जानकारों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता और पाकिस्तान की नई ‘क्रिप्टो-फ्रेंडली’ नीतियों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिससे बिटकॉइन को ‘सेफ हेवन’ एसेट के रूप में देखा जा रहा है.

यह भी पढ़ें: अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी शांति वार्ता! सीजफायर डेडलाइन से पहले टेबल पर आएंगे दोनों देश

बुलिश सेंटिमेंट और शॉर्ट स्क्वीज

दिग्गज क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस की ताजा रिपोर्ट भी इस तेजी पर मुहर लगा रही है. रिपोर्ट के कुछ तकनीकी पहलू बेहद चौंकाने वाले हैं:

  • प्राइस मोमेंटम: बिटकॉइन का मोमेंटम स्कोर 47.7 से बढ़कर 72.4 पर पहुंच गया है, जो बेहद मजबूत तेजी का संकेत है.
  • स्पॉट मार्केट की आक्रामक खरीदारी: स्पॉट CVD (Cumulative Volume Delta) $34.4 मिलियन से उछलकर $63.9 मिलियन हो गया है, जिसका मतलब है कि बड़े निवेशक सीधे तौर पर बिटकॉइन खरीद रहे हैं.
  • शॉर्ट स्क्वीज की संभावना: डेटा दिखाता है कि $72,200 से $73,500 के बीच भारी मात्रा में ‘शॉर्ट पोजीशंस’फंसी हुई हैं. अगर बिटकॉइन $74,000 के ऊपर टिका रहता है, तो करीब $6 बिलियन की शॉर्ट पोजीशंस लिक्विडेट हो सकती हैं, जो कीमत को सीधा $80,000 के पार ले जा सकती हैं.

रिटर्न में सोने को छोड़ा पीछे

फरवरी के अंत से शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच बिटकॉइन ने पारंपरिक सुरक्षित संपत्तियों को भी पीछे छोड़ दिया है.

27 फरवरी से अब तक, बिटकॉइन ने 10% से ज्यादा का रिटर्न दिया है. इसी अवधि में सोना (Gold) करीब 10% नीचे गिरा है, जबकि अमेरिकी बाजार (S&P 500) स्थिर रहा है. इससे यह साबित हो रहा है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय में अब दुनिया बिटकॉइन को भरोसेमंद निवेश की तरह अपना रही है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.