मुनाफा घटने के बावजूद ICICI Bank पर ब्रोकरेज का भरोसा कायम, Systematix और Nuvama ने कहा खरीदो शेयर, जानें टारगेट प्राइस

ICICI Bank के Q3FY26 में मुनाफा घटने के बावजूद ब्रोकरेज हाउस का भरोसा कायम है. Systematix और Nuvama ने स्टॉक पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज हाउस के अनुसार, मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर मार्जिन, बेहतर एसेट क्वालिटी और CEO संदीप बख्शी का कार्यकाल बढ़ना शेयर के लिए पॉजिटिव हैं. आइये जानते हैं कि दोनों ने शेयर का टारगेट प्राइस क्या रखा है.

आईसीआईसीआई बैंक Image Credit: Canva & ICICI Bank

आईसीआईसीआई बैंक के दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजों में भले ही कंसोलिडेटेड मुनाफे में 2.68% की गिरावट दर्ज की गई हो लेकिन इसके बावजूद ब्रोकरेज हाउस का भरोसा बैंक पर बना हुआ है. नतीजों के बाद Systematix Institutional Equities और Nuvama Institutional Equities दोनों ने ही ICICI Bank के शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज का मानना है कि तिमाही मुनाफे पर असर डालने वाले फैक्टर वन टाइम हैं जबकि बैंक के कोर फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं. आइए जानते हैं कि दोनों ब्रोकरेज हाउस ने शेयर के लिए क्या टारगेट प्राइस दिया है और वे ICICI Bank को लेकर बुलिश क्यों हैं.

Systematix Institutional Equities क्यों है बुलिश

Systematix ने ICICI Bank पर BUY रेटिंग के साथ ₹1,770 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक की एडवांस ग्रोथ में तेजी देखने को मिली है जो तिमाही आधार पर 4.1% और सालाना आधार पर 11.5% रही. इसमें घरेलू कॉरपोरेट और बिजनेस बैंकिंग सेगमेंट का अहम योगदान रहा. इसके अलावा, नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.30% पर स्थिर बना हुआ है, जो बैंक की मजबूत प्राइसिंग पावर को दर्शाता है. Systematix के अनुसार, आगे चलकर रेपो रेट कट और MCLR रीप्राइसिंग से एडवांस यील्ड पर कुछ दबाव आ सकता है, लेकिन टर्म डिपॉजिट की रीप्राइसिंग से इसका असर काफी हद तक संतुलित हो जाएगा. ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि एग्री पोर्टफोलियो से जुड़े ₹1,280 करोड़ के वन टाइम प्रावधान के बाद जोखिम सीमित हो गया है और बैंक की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है.

Nuvama Institutional Equities का क्या कहना है

Nuvama ने भी ICICI Bank को BUY बताते हुए इसे सेक्टर रिलेटिव आउटपरफॉर्मर करार दिया है और शेयर का 12 महीने का टारगेट ₹1,670 तय किया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, Q3 में मुनाफा अनुमान से कम रहने की वजह आरबीआई के निर्देश पर किया गया बड़ा प्रावधान और लेबर कोड से जुड़ा वन टाइम खर्च रहा. हालांकि, इन फैक्टर्स को हटाकर देखें तो बैंक का कोर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस मजबूत रहा है.
Nuvama का मानना है कि एसेट क्वालिटी इंडस्ट्री में बेहतर है और बैंक की ग्रोथ आगे चलकर और तेज हो सकती है. इसके अलावा, सीईओ संदीप बख्शी का कार्यकाल अक्टूबर 2028 तक बढ़ाया जाना भी शेयर के लिए बड़ा पॉजिटिव माना जा रहा है, क्योंकि इससे मैनेजमेंट को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.


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